{"_id":"6224e92500fed174760033ea","slug":"construction-of-chc-happening-at-a-slow-pace-anger-among-people-mewat-news-noi635902177","type":"story","status":"publish","title_hn":"धीमी गति से हो रहा सीएचसी का निर्माण, लोगों में रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धीमी गति से हो रहा सीएचसी का निर्माण, लोगों में रोष
विज्ञापन
फिरोजपुर झिरका में निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र।
- फोटो : Gurgaon
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजपुर झिरका। शहर में 7.5 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लगभग 33 माह बाद भी अब तक नहीं बन पाया है। जबकि इसका निर्माण कार्य 18 माह में पूरा करना था। इससे शहरवासियों में रोष है। लोगों का कहना है कि वे इस संबंध में कई बार अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, फिर भी कोई सुध नहीं ले रहा है। अगर सीएचसी का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ तो उन्हें मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा।
शहर के देवेंद्र शर्मा, दिनेश बंसल, रोहित जैन, मनीष जांगड़ा, गणेश शर्मा आदि लोगों का कहना है कि लगभग 15 वर्षों से बदहाल अस्पताल का दर्द झेल रहे निवासियों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद थी। लेकिन, 33 माह बीत जाने के बाद भी निर्माण नहीं होने से रोष है। 1 जुलाई 2019 से इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। ठेकेदार को 18 माह का समय दिया गया था, जो वर्ष 2020 में पूरा हो गया। लेकिन, कार्य पूरा नहीं हो सका। फिर भी कोरोना के कारण ठेकेदार को 1 वर्ष का अतिरिक्त समय दिया गया। इसके बावजूद भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कार्य कछुआ गति से चल रहा है। अस्पताल निर्माण में हो रही देरी के कारण लोगों को इलाज के लिए राजस्थान निजी क्लीनिकों और झोलाछाप डॉक्टरों पर आश्रित होना पड़ रहा है। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। लोगों का कहना है कि वे इस संबंध में कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। अगर जल्द सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माण पूरा नहीं होता है तो वे आंदोलन करेंगे।
किराये के चार कमरों में चल रहा केंद्र
फिलहाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किराये के 4 कमरों में चल रहा है। यहां केवल गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी ही की जाती है। अन्य मरीजों को मंडीखेड़ा या अन्य अस्पतालों के लिए रेफर कर दिया जाता है।
विज्ञापन
उप जिला स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा देने की मांग
फिरोजपुर झिरका से जिला उपाध्यक्ष भाजपा राजकुमार गर्ग, पूर्व मार्केट कमेटी चेयरमैन सुनील जैन, मेवात विकास बोर्ड के सदस्य डॉ. महेंद्र गर्ग, निगरानी कमेटी के चेयरमैन नरदेव आर्य, पूर्व मंडल अध्यक्ष यतेंद्र गर्ग, मंडल अध्यक्ष रमेश आर्य आदि ने क्षेत्र की आबादी को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को उप जिला स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा देने की मांग की है।
विज्ञापन
शहर के देवेंद्र शर्मा, दिनेश बंसल, रोहित जैन, मनीष जांगड़ा, गणेश शर्मा आदि लोगों का कहना है कि लगभग 15 वर्षों से बदहाल अस्पताल का दर्द झेल रहे निवासियों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद थी। लेकिन, 33 माह बीत जाने के बाद भी निर्माण नहीं होने से रोष है। 1 जुलाई 2019 से इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। ठेकेदार को 18 माह का समय दिया गया था, जो वर्ष 2020 में पूरा हो गया। लेकिन, कार्य पूरा नहीं हो सका। फिर भी कोरोना के कारण ठेकेदार को 1 वर्ष का अतिरिक्त समय दिया गया। इसके बावजूद भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कार्य कछुआ गति से चल रहा है। अस्पताल निर्माण में हो रही देरी के कारण लोगों को इलाज के लिए राजस्थान निजी क्लीनिकों और झोलाछाप डॉक्टरों पर आश्रित होना पड़ रहा है। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। लोगों का कहना है कि वे इस संबंध में कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। अगर जल्द सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माण पूरा नहीं होता है तो वे आंदोलन करेंगे।
विज्ञापन
किराये के चार कमरों में चल रहा केंद्र
फिलहाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किराये के 4 कमरों में चल रहा है। यहां केवल गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी ही की जाती है। अन्य मरीजों को मंडीखेड़ा या अन्य अस्पतालों के लिए रेफर कर दिया जाता है।
विज्ञापन
उप जिला स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा देने की मांग
फिरोजपुर झिरका से जिला उपाध्यक्ष भाजपा राजकुमार गर्ग, पूर्व मार्केट कमेटी चेयरमैन सुनील जैन, मेवात विकास बोर्ड के सदस्य डॉ. महेंद्र गर्ग, निगरानी कमेटी के चेयरमैन नरदेव आर्य, पूर्व मंडल अध्यक्ष यतेंद्र गर्ग, मंडल अध्यक्ष रमेश आर्य आदि ने क्षेत्र की आबादी को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को उप जिला स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा देने की मांग की है।