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Noida News: एम थ्री एम बिल्डर, इंडिया बुल्स फाइनेंस, कदम समूह व बीकन ट्रस्टीशिप पर केस दर्ज
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यीडा की अनुमति के बगैर ट्रांसफर कर दी 73 एकड़ जमीन, दो बिल्डरों समेत चार पर केस
- यमुना प्राधिकरण की ओर से एम थ्री एम बिल्डर, इंडिया बुल्स फाइनेंस, कदम समूह और बीकन ट्रस्टीशिप पर दर्ज कराया मामला
200 करोड़ क्षति हुई यीडा को
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नोएडा के सेक्टर-128 में कदम समूह की 73 एकड़ जमीन दूसरे समूह के बेचने और बिना अनुमति हस्तांतरित करने के मामले में दो बिल्डरों और फाइनेंस कंपनी समेत चार पर केस दर्ज कर लिया गया है। यमुना प्राधिकरण (यीडा) के सहायक महाप्रबंधक बृजेश कश्यप की तहरीर पर बीटा-2 पुलिस ने एम थ्री एम बिल्डर, इंडिया बुल्स फाइनेंस लिमिटेड, कदम समूह और बीकन ट्रस्टीशिप के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। इस धांधली से यमुना प्राधिकरण को लगभग 200 करोड़ की क्षति हुई है। यमुना प्राधिकरण ने सभी के खिलाफ कुछ दिन पहले ही 200 करोड़ की वसूली का नोटिस जारी किया था। वहीं मामले में नोएडा प्राधिकरण को भी पत्र भेजकर संबंधित जमीन पर कोई भी मानचित्र या अनापत्ति जारी नहीं करने के लिए कहा गया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने यमुना एक्सप्रेसवे का विकास करने के एवज में जेपी इंफ्राटेक को एलएफडी (लैंड फार डेवलपमेंट) के लिए दी थी। इनमें 73 एकड़ की एलएफडी नोएडा सेक्टर-128 में है। इस एलएफडी में संपत्ति स्थानांतरित करने का अधिकार यमुना प्राधिकरण को है, जबकि नक्शा पास करने का अधिकार नोएडा प्राधिकरण को है। इस एलएफडी से 73 एकड़ जमीन कदम ग्रुप ने खरीदी थी। समूह ने इस भूमि पर इंडिया बुल्स फाइनेंस लिमिटेड से ऋण ले लिया। कुछ समय तक जब पैसा वापस नहीं लौटाया तो इंडिया बुल्स फाइनेंस लिमिटेड ने इस जमीन को एम थ्री एम इंडिया प्रालि को बेच दी। जबकि यह जमीन अभी यमुना प्राधिकरण के दस्तवेज में कदम समूह के नाम ही दर्ज है। इस मामले में इंडिया बुल्स फाइनेंस लिमिटेड व एमथ्रीएम इंडिया प्रालि के अधिकारियों समेत 18 लोगों पर 9 अप्रैल को गाजियाबाद में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद यमुना प्राधिकरण अधिकारियों को पूरे मामले का पता चला।
यमुना प्राधिकरण ने बिना अनुमति संपत्ति हस्तांतरण करने, बेचने, चेंज इन कांस्टीट्यूशन और चेंज इन शेयर होल्डिंग का उल्लंघन करने पर प्राधिकरण ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया था। बिना संपत्ति हस्तांतरण हुए उसकी खरीद फरोख्त से प्राधिकरण को शुल्क के रूप में 200 कराेड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मामले में नोटिस भेजकर 200 करोड़ रुपये जमा कराने को कहा गया। सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने मंगलवार को जेपी इंफ्राटेक को पत्र लिखकर तत्काल एलएफडी को निरस्त करने व तीनों समूह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए भी कहा था। एडीसीपी अशोक कुमार ने बताया कि इस मामले में यमुना प्राधिकरण के सहायक महाप्रबंधक की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है।
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जेपी इंफ्राटेक का सेक्टर-128 स्थित एलएफडी यमुना प्राधिकरण के क्षेत्राधिकार में आता है। इसका ट्रांसफर यीडा से होता है और शुल्क भी वहीं पर जमा होगा। जमीन नोएडा में है, इसलिए नक्शा पास करने का अधिकार नोएडा प्राधिकरण के पास है। जेपी इंफ्रा द्वारा दी गई जमीन के दस्तावेज में अभी भी कदम समूह का नाम है। इन्होंने आपस में इसकी खरीद फराेख्त की है। इसके चलते इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। - डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण
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- यमुना प्राधिकरण की ओर से एम थ्री एम बिल्डर, इंडिया बुल्स फाइनेंस, कदम समूह और बीकन ट्रस्टीशिप पर दर्ज कराया मामला
200 करोड़ क्षति हुई यीडा को
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नोएडा के सेक्टर-128 में कदम समूह की 73 एकड़ जमीन दूसरे समूह के बेचने और बिना अनुमति हस्तांतरित करने के मामले में दो बिल्डरों और फाइनेंस कंपनी समेत चार पर केस दर्ज कर लिया गया है। यमुना प्राधिकरण (यीडा) के सहायक महाप्रबंधक बृजेश कश्यप की तहरीर पर बीटा-2 पुलिस ने एम थ्री एम बिल्डर, इंडिया बुल्स फाइनेंस लिमिटेड, कदम समूह और बीकन ट्रस्टीशिप के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। इस धांधली से यमुना प्राधिकरण को लगभग 200 करोड़ की क्षति हुई है। यमुना प्राधिकरण ने सभी के खिलाफ कुछ दिन पहले ही 200 करोड़ की वसूली का नोटिस जारी किया था। वहीं मामले में नोएडा प्राधिकरण को भी पत्र भेजकर संबंधित जमीन पर कोई भी मानचित्र या अनापत्ति जारी नहीं करने के लिए कहा गया है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने यमुना एक्सप्रेसवे का विकास करने के एवज में जेपी इंफ्राटेक को एलएफडी (लैंड फार डेवलपमेंट) के लिए दी थी। इनमें 73 एकड़ की एलएफडी नोएडा सेक्टर-128 में है। इस एलएफडी में संपत्ति स्थानांतरित करने का अधिकार यमुना प्राधिकरण को है, जबकि नक्शा पास करने का अधिकार नोएडा प्राधिकरण को है। इस एलएफडी से 73 एकड़ जमीन कदम ग्रुप ने खरीदी थी। समूह ने इस भूमि पर इंडिया बुल्स फाइनेंस लिमिटेड से ऋण ले लिया। कुछ समय तक जब पैसा वापस नहीं लौटाया तो इंडिया बुल्स फाइनेंस लिमिटेड ने इस जमीन को एम थ्री एम इंडिया प्रालि को बेच दी। जबकि यह जमीन अभी यमुना प्राधिकरण के दस्तवेज में कदम समूह के नाम ही दर्ज है। इस मामले में इंडिया बुल्स फाइनेंस लिमिटेड व एमथ्रीएम इंडिया प्रालि के अधिकारियों समेत 18 लोगों पर 9 अप्रैल को गाजियाबाद में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद यमुना प्राधिकरण अधिकारियों को पूरे मामले का पता चला।
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यमुना प्राधिकरण ने बिना अनुमति संपत्ति हस्तांतरण करने, बेचने, चेंज इन कांस्टीट्यूशन और चेंज इन शेयर होल्डिंग का उल्लंघन करने पर प्राधिकरण ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया था। बिना संपत्ति हस्तांतरण हुए उसकी खरीद फरोख्त से प्राधिकरण को शुल्क के रूप में 200 कराेड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मामले में नोटिस भेजकर 200 करोड़ रुपये जमा कराने को कहा गया। सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने मंगलवार को जेपी इंफ्राटेक को पत्र लिखकर तत्काल एलएफडी को निरस्त करने व तीनों समूह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए भी कहा था। एडीसीपी अशोक कुमार ने बताया कि इस मामले में यमुना प्राधिकरण के सहायक महाप्रबंधक की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है।
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जेपी इंफ्राटेक का सेक्टर-128 स्थित एलएफडी यमुना प्राधिकरण के क्षेत्राधिकार में आता है। इसका ट्रांसफर यीडा से होता है और शुल्क भी वहीं पर जमा होगा। जमीन नोएडा में है, इसलिए नक्शा पास करने का अधिकार नोएडा प्राधिकरण के पास है। जेपी इंफ्रा द्वारा दी गई जमीन के दस्तावेज में अभी भी कदम समूह का नाम है। इन्होंने आपस में इसकी खरीद फराेख्त की है। इसके चलते इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। - डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ यमुना प्राधिकरण