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Noida News: पंचशील हाईनिश एओए चुनाव को चुनौती देने वाला मामला खारिज
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ग्रेनो वेस्ट स्थित पंचशील हाईनिश सोसाइटी ।स्रोत सोशल मीडिया
-एक-चौथाई सदस्यों के समर्थन का पुख्ता सबूत नहीं मिला, 22 मार्च 2025 का चुनाव वैध माना गया
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की पंचशील हाईनिश सोसाइटी में 22 मार्च 2025 को हुए एओए चुनाव को चुनौती देने वाला मामला खारिज कर दिया गया है। उपजिलाधिकारी दादरी अभिनेन्द्र सिंह ने 30 सितंबर 2026 को आदेश जारी कर कहा कि चुनाव के खिलाफ शिकायत करने वाले कम से कम एक-चौथाई सदस्यों के समर्थन का पुख्ता प्रमाण रिकॉर्ड में नहीं मिला। यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट के 13 मई 2026 के आदेश के बाद दोबारा जांच के लिए आया था। हाईकोर्ट ने शिकायत में सोसाइटी के कम से कम एक-चौथाई सदस्यों की सहमति की जांच करने को कहा था।
सोसाइटी में वर्ष 2025 के चुनाव के लिए 1,211 मतदाता पात्र थे। इसके अनुसार एक-चौथाई संख्या करीब 303 बनती है। डिप्टी रजिस्ट्रार, गाजियाबाद की रिपोर्ट में करीब 355 लोगों के हस्ताक्षर वाले पत्र का उल्लेख था। इसके अलावा 174 और 85 लोगों के हस्ताक्षर वाली सूचियां भी सामने आई थीं। जांच में पाया गया कि 355 हस्ताक्षर वाला पत्र निष्पक्ष और समय पर चुनाव कराने से संबंधित था। रिकॉर्ड से यह साबित नहीं हुआ कि वह 22 मार्च 2025 के चुनाव को रद्द करने या चुनौती देने की शिकायत थी।
अन्य सूचियों से भी चुनाव के खिलाफ जरूरी संख्या में सदस्यों की शिकायत साबित नहीं हो सकी। उपजिलाधिकारी ने उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर 22 मार्च 2025 के चुनाव को वैध माना। उन्होंने डिप्टी रजिस्ट्रार को सोसाइटी के नियमों और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। डेढ़ साल से अधिक समय से चल रहे विवाद के खारिज होने से फिलहाल चुनाव को लेकर चल रही कानूनी प्रक्रिया पर विराम लग गया है।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की पंचशील हाईनिश सोसाइटी में 22 मार्च 2025 को हुए एओए चुनाव को चुनौती देने वाला मामला खारिज कर दिया गया है। उपजिलाधिकारी दादरी अभिनेन्द्र सिंह ने 30 सितंबर 2026 को आदेश जारी कर कहा कि चुनाव के खिलाफ शिकायत करने वाले कम से कम एक-चौथाई सदस्यों के समर्थन का पुख्ता प्रमाण रिकॉर्ड में नहीं मिला। यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट के 13 मई 2026 के आदेश के बाद दोबारा जांच के लिए आया था। हाईकोर्ट ने शिकायत में सोसाइटी के कम से कम एक-चौथाई सदस्यों की सहमति की जांच करने को कहा था।
सोसाइटी में वर्ष 2025 के चुनाव के लिए 1,211 मतदाता पात्र थे। इसके अनुसार एक-चौथाई संख्या करीब 303 बनती है। डिप्टी रजिस्ट्रार, गाजियाबाद की रिपोर्ट में करीब 355 लोगों के हस्ताक्षर वाले पत्र का उल्लेख था। इसके अलावा 174 और 85 लोगों के हस्ताक्षर वाली सूचियां भी सामने आई थीं। जांच में पाया गया कि 355 हस्ताक्षर वाला पत्र निष्पक्ष और समय पर चुनाव कराने से संबंधित था। रिकॉर्ड से यह साबित नहीं हुआ कि वह 22 मार्च 2025 के चुनाव को रद्द करने या चुनौती देने की शिकायत थी।
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अन्य सूचियों से भी चुनाव के खिलाफ जरूरी संख्या में सदस्यों की शिकायत साबित नहीं हो सकी। उपजिलाधिकारी ने उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर 22 मार्च 2025 के चुनाव को वैध माना। उन्होंने डिप्टी रजिस्ट्रार को सोसाइटी के नियमों और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। डेढ़ साल से अधिक समय से चल रहे विवाद के खारिज होने से फिलहाल चुनाव को लेकर चल रही कानूनी प्रक्रिया पर विराम लग गया है।
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