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Gorakhpur News: प्रयागराज से कॉल...रिकॉर्ड में दर्ज पर शख्स बोला-उसने एंबुलेंस सेवा ली ही नहीं
Sun, 09 Nov 2025 04:24 PM IST
नोएडा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 09 Nov 2025 04:24 PM IST
सार
फर्जी कॉल के जरिये एंबुलेंस दौड़ाने के मामले में जांच भले ही शुरू हो गई है लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसे फर्जीवाड़ा मान ही नहीं रहा है। हालांकि सूत्र बता रहे हैं कि फर्जी कॉल न हो तो दिनभर में सिर्फ इक्का-दुक्का केस ही बनेंगे। रियल केस होने पर भी तत्काल एंबुलेंस पहुंच जाएगी।
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सीएमओ ने किया सहजनवॉ सीएचसी का औचक निरीक्षण, मेडिकल कॉलेज में एम्बुलेंस चालक मरीजों का इंतजार करते
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी व विभाग
विस्तार
पाली सीएचसी की 108 नंबर की एंबुलेंस की पीसीआर में दर्ज नंबरों से फर्जीवाड़े का खेल खुल रहा है। अमर उजाला टीम ने शनिवार को कुछ नंबरों की तहकीकात की। इसमें एक नंबर पर कॉल की गई तो पता चला प्रयागराज का है। पीसीआर में गजेंद्र नाम से दर्ज शख्स ने बताया कि वह प्रयागराज का रहने वाला है। उसने कोई एंबुलेंस सेवा नहीं ली। गलती से नंबर लग गया। इससे आगे उसने कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया।
फर्जी कॉल के जरिये एंबुलेंस दौड़ाने के मामले में जांच भले ही शुरू हो गई है लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसे फर्जीवाड़ा मान ही नहीं रहा है। हालांकि सूत्र बता रहे हैं कि फर्जी कॉल न हो तो दिनभर में सिर्फ इक्का-दुक्का केस ही बनेंगे। रियल केस होने पर भी तत्काल एंबुलेंस पहुंच जाएगी। फर्जी केस के चलते कई बार जरूरतमंदों को एंबुलेंस के लिए घंटों इंतजार करना पड़ जाता है।
सीएचसी पाली में महिला कर्मी भी करती है फर्जी कॉल
सूत्रों के अनुसार, सीएचसी पाली में तैनात एक महिला कर्मी भी फर्जी कॉल कर एंबुलेंस को दौड़ाने में मदद करती है। यह महिला काफी समय से यहां तैनात है। पीसीआर में इसका नाम भी दर्ज है। इसी तरह कई ऐसे नाम दर्ज हैं जिन्होंने एंबुलेंस की सेवा नहीं ली। पीसीआर में आधार कार्ड संख्या भी फर्जी लिखी गई है। फर्जी कॉल कर जानकारी देने वालों को भी दी गई आधार कार्ड संख्या की जानकारी नहीं है।
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फर्जी कॉल के जरिये एंबुलेंस दौड़ाने के मामले में जांच भले ही शुरू हो गई है लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसे फर्जीवाड़ा मान ही नहीं रहा है। हालांकि सूत्र बता रहे हैं कि फर्जी कॉल न हो तो दिनभर में सिर्फ इक्का-दुक्का केस ही बनेंगे। रियल केस होने पर भी तत्काल एंबुलेंस पहुंच जाएगी। फर्जी केस के चलते कई बार जरूरतमंदों को एंबुलेंस के लिए घंटों इंतजार करना पड़ जाता है।
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सीएचसी पाली में महिला कर्मी भी करती है फर्जी कॉल
सूत्रों के अनुसार, सीएचसी पाली में तैनात एक महिला कर्मी भी फर्जी कॉल कर एंबुलेंस को दौड़ाने में मदद करती है। यह महिला काफी समय से यहां तैनात है। पीसीआर में इसका नाम भी दर्ज है। इसी तरह कई ऐसे नाम दर्ज हैं जिन्होंने एंबुलेंस की सेवा नहीं ली। पीसीआर में आधार कार्ड संख्या भी फर्जी लिखी गई है। फर्जी कॉल कर जानकारी देने वालों को भी दी गई आधार कार्ड संख्या की जानकारी नहीं है।
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