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Noida News: नोएडा एयरपोर्ट परिसर में देश के सबसे बड़े कॉर्गो हब का भूमिपूजन
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नोएडा एयरपोर्ट परिसर में देश के सबसे बड़े कॉर्गो हब का भूमिपूजन
- 80 एकड़ में बनेगा, पहले चरण में करीब 1200 करोड़ होंगे खर्च
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नोएडा एयरपोर्ट परिसर में शुक्रवार को 80 एकड़ में प्रस्तावित कार्गाे हब का भूमिपूजन हुआ। एयर इंडिया और सैट्स के ज्वॉइंट वेंचर एयर इंडिया सैट्स (एआईएसएटीएस) अत्याधुनिक मल्टी-मॉडल कार्गो हब का निर्माण करेगी। कंपनी ने फरवरी में निवेश सम्मेलन में पांच हजार करोड़ रुपये का एमओयू किया था। कंपनी पहले चरण में 1200 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसमें से अभी तक 456 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके है। कार्गो हब से पश्चिमी यूपी समेत परे प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा हवाई अड्डा जेवर में निर्माणाधिन है। चार चरणों में 6200 हेक्टेयर में इसका निर्माण किया जाएगा। जिस पर 29650 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) और स्विस कंपनी ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट एजी बना रही है। पीपीपी मॉडल पर बनाने वाली कंपनी को 40 साल तक संचालन की बागडोर दी गई है। एयरपोर्ट से सितंबर 2024 में उड़ान शुरू हो जाएंगी। पहले चरण में 1334 हेक्टेयर पर एक रनवे बनाकर संचालन किया जाएगा। इस पर करीब 4500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसी चरण में 80 एकड़ पर सामान का आयात-निर्यात करने के लिए कार्गों हब बनाया जाना प्रस्तावित है।
फरवरी में सरकार के साथ हुए करार के बाद एयर इंडिया और सैट्स के ज्वॉइंट वेंचर की ओर से शुक्रवार को नोएडा एयरपोर्ट परिसर में परियोजना का भूमि पूजन करते हुए काम शुरू करा दिया गया। कार्गो हब बनने से पश्चिमी यूपी से उगने वाला अनाज, सब्जी और अन्य सामान विदेशों तक पहुंचाना आसान हो सकेगा। इसी तरह यदि भारत में किसी वस्तु को आयात करना हो तो वह भी आसान हो जाएगी। भूमि पूजन में एआई सैट्स, वाईआईएपीएल और टाटा प्रोजेक्ट्स के शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया।
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मल्टीमॉडल एयर कार्गो सेंटर बनेगा
एयरपोर्ट उत्तर भारत का मुख्य कार्गाे द्वार बनेगा। परियोजना में 80 एकड़ में मल्टीमॉडल एयर कार्गो विकसित किया जाएगा। यहां परिवहन के विभिन्न सार्वजनिक और निजी माध्यमों के बीच सुगम कनेक्टिविटी मिलेगी। एयरपोर्ट के लिए इंटीग्रेटेड, रेल, बस, और मेट्रो कनेक्टिविटी के लिए प्रावधान है। नोएडा से एयरपोर्ट तक मेट्रो का विस्तार किया जाएगा। दिल्ली सेवा राणसी के बीच प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल लिंक के लिए एयरपोर्ट के पास स्टेशन भी बनाया जाएगा।
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- 80 एकड़ में बनेगा, पहले चरण में करीब 1200 करोड़ होंगे खर्च
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। नोएडा एयरपोर्ट परिसर में शुक्रवार को 80 एकड़ में प्रस्तावित कार्गाे हब का भूमिपूजन हुआ। एयर इंडिया और सैट्स के ज्वॉइंट वेंचर एयर इंडिया सैट्स (एआईएसएटीएस) अत्याधुनिक मल्टी-मॉडल कार्गो हब का निर्माण करेगी। कंपनी ने फरवरी में निवेश सम्मेलन में पांच हजार करोड़ रुपये का एमओयू किया था। कंपनी पहले चरण में 1200 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसमें से अभी तक 456 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके है। कार्गो हब से पश्चिमी यूपी समेत परे प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा हवाई अड्डा जेवर में निर्माणाधिन है। चार चरणों में 6200 हेक्टेयर में इसका निर्माण किया जाएगा। जिस पर 29650 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) और स्विस कंपनी ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट एजी बना रही है। पीपीपी मॉडल पर बनाने वाली कंपनी को 40 साल तक संचालन की बागडोर दी गई है। एयरपोर्ट से सितंबर 2024 में उड़ान शुरू हो जाएंगी। पहले चरण में 1334 हेक्टेयर पर एक रनवे बनाकर संचालन किया जाएगा। इस पर करीब 4500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसी चरण में 80 एकड़ पर सामान का आयात-निर्यात करने के लिए कार्गों हब बनाया जाना प्रस्तावित है।
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फरवरी में सरकार के साथ हुए करार के बाद एयर इंडिया और सैट्स के ज्वॉइंट वेंचर की ओर से शुक्रवार को नोएडा एयरपोर्ट परिसर में परियोजना का भूमि पूजन करते हुए काम शुरू करा दिया गया। कार्गो हब बनने से पश्चिमी यूपी से उगने वाला अनाज, सब्जी और अन्य सामान विदेशों तक पहुंचाना आसान हो सकेगा। इसी तरह यदि भारत में किसी वस्तु को आयात करना हो तो वह भी आसान हो जाएगी। भूमि पूजन में एआई सैट्स, वाईआईएपीएल और टाटा प्रोजेक्ट्स के शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया।
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मल्टीमॉडल एयर कार्गो सेंटर बनेगा
एयरपोर्ट उत्तर भारत का मुख्य कार्गाे द्वार बनेगा। परियोजना में 80 एकड़ में मल्टीमॉडल एयर कार्गो विकसित किया जाएगा। यहां परिवहन के विभिन्न सार्वजनिक और निजी माध्यमों के बीच सुगम कनेक्टिविटी मिलेगी। एयरपोर्ट के लिए इंटीग्रेटेड, रेल, बस, और मेट्रो कनेक्टिविटी के लिए प्रावधान है। नोएडा से एयरपोर्ट तक मेट्रो का विस्तार किया जाएगा। दिल्ली सेवा राणसी के बीच प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल लिंक के लिए एयरपोर्ट के पास स्टेशन भी बनाया जाएगा।