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Noida News: (रिपीट खबर) आयुष्मान का इलाज मुफ्त, प्राइवेट वार्ड का खर्च जेब से
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फोटो
-जिला अस्पताल में इलाज करवाने आए पिछले 6 महीने में 584 मरीजों ने सेमी-प्राइवेट वार्ड लिया
वान्या दीक्षित
नोएडा। केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में मरीजों को निशुल्क इलाज मिलता है। हालांकि, योजना के दायरे में आने वाले मरीज यदि प्राइवेट वार्ड की सुविधा लेना चाहते हैं, तो उन्हें इसका खर्च खुद उठाना पड़ता है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, जनवरी 2026 से अब तक आयुष्मान योजना के तहत 11 लाख 35 हजार मरीजों का निशुल्क इलाज किया जा चुका है।
आयुष्मान योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार, दवाएं, जांच, सर्जरी और जनरल वार्ड की सुविधाएं पूरी तरह निशुल्क और कैशलेस हैं। हालांकि, अतिरिक्त निजता और आराम के लिए सेमी-प्राइवेट वार्ड का दैनिक किराया मरीज या उनके परिजनों को अपनी जेब से देना पड़ता है। अस्पताल के मेडिसिन, महिला और सर्जरी वार्ड में सेमी-प्राइवेट वार्ड की सुविधा उपलब्ध है। यहां प्रति बेड के हिसाब से शुल्क लिया जाता है। एसी सेमी-प्राइवेट वार्ड में एक बेड का किराया 250 रुपये प्रतिदिन, जबकि नॉन-एसी सेमी-प्राइवेट वार्ड का किराया 150 रुपये प्रतिदिन है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, पिछले छह महीनों में 584 मरीजों ने सेमी-प्राइवेट वार्ड की सुविधा ली है। इनमें आयुष्मान योजना के लाभार्थियों के साथ-साथ गैर-आयुष्मान मरीज भी शामिल हैं।
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वार्ड का किराया बन रहा आर्थिक बोझ
जिला अस्पताल में 11 लाख से अधिक आयुष्मान कार्डधारकों को उपचार देकर राहत दी गई है। हालांकि, भर्ती के दौरान जनरल वार्ड में बेड की कमी और भीड़भाड़ से बचने के लिए कई मरीज सेमी-प्राइवेट वार्ड का विकल्प चुनते हैं। डिस्चार्ज के समय जब कमरे का किराया अलग से लिया जाता है, तो गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।
तीमारदारों का कहना है कि सरकार को इस व्यवस्था पर विचार करना चाहिए, ताकि गंभीर मरीजों को कम से कम रियायती दरों पर सेमी-प्राइवेट वार्ड की सुविधा मिल सके या इसे आयुष्मान योजना के दायरे में शामिल किया जा सके।
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सेमी प्राइवेट वार्ड में भर्ती मरीजों का डाटा (मार्च 2026 - अगस्त 2026)
महीना - मेडिसिन वार्ड - सर्जिकल वार्ड - फीमेल वार्ड
जनवरी 2026 - 28 - 8 - 45
फरवरी 2026 - 16 - 11 - 25
मार्च 2026 - 39 - 4 - 35
अप्रैल 2026 - 20 - 10 - 30
मई 2026 - 31 - 15 - 27
जून 2026 - 32 - 10 - 34
जुलाई 2026 - 40 - 17 - 32
अगस्त 2026 - 36 - 11 - 28
कुल - 584
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आयुष्मान योजना के तहत जिला अस्पताल में सभी इलाज निशुल्क है, लेकिन प्राइवेट वार्ड इसमें नहीं आता है। इसके लिए मरीज को अपनी जेब से पैसे देने पड़ते हैं। -डॉ. अशोक कुमार झा, सीएमएस, जिला अस्पताल
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-जिला अस्पताल में इलाज करवाने आए पिछले 6 महीने में 584 मरीजों ने सेमी-प्राइवेट वार्ड लिया
वान्या दीक्षित
नोएडा। केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में मरीजों को निशुल्क इलाज मिलता है। हालांकि, योजना के दायरे में आने वाले मरीज यदि प्राइवेट वार्ड की सुविधा लेना चाहते हैं, तो उन्हें इसका खर्च खुद उठाना पड़ता है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, जनवरी 2026 से अब तक आयुष्मान योजना के तहत 11 लाख 35 हजार मरीजों का निशुल्क इलाज किया जा चुका है।
आयुष्मान योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार, दवाएं, जांच, सर्जरी और जनरल वार्ड की सुविधाएं पूरी तरह निशुल्क और कैशलेस हैं। हालांकि, अतिरिक्त निजता और आराम के लिए सेमी-प्राइवेट वार्ड का दैनिक किराया मरीज या उनके परिजनों को अपनी जेब से देना पड़ता है। अस्पताल के मेडिसिन, महिला और सर्जरी वार्ड में सेमी-प्राइवेट वार्ड की सुविधा उपलब्ध है। यहां प्रति बेड के हिसाब से शुल्क लिया जाता है। एसी सेमी-प्राइवेट वार्ड में एक बेड का किराया 250 रुपये प्रतिदिन, जबकि नॉन-एसी सेमी-प्राइवेट वार्ड का किराया 150 रुपये प्रतिदिन है।
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अस्पताल प्रशासन के अनुसार, पिछले छह महीनों में 584 मरीजों ने सेमी-प्राइवेट वार्ड की सुविधा ली है। इनमें आयुष्मान योजना के लाभार्थियों के साथ-साथ गैर-आयुष्मान मरीज भी शामिल हैं।
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वार्ड का किराया बन रहा आर्थिक बोझ
जिला अस्पताल में 11 लाख से अधिक आयुष्मान कार्डधारकों को उपचार देकर राहत दी गई है। हालांकि, भर्ती के दौरान जनरल वार्ड में बेड की कमी और भीड़भाड़ से बचने के लिए कई मरीज सेमी-प्राइवेट वार्ड का विकल्प चुनते हैं। डिस्चार्ज के समय जब कमरे का किराया अलग से लिया जाता है, तो गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।
तीमारदारों का कहना है कि सरकार को इस व्यवस्था पर विचार करना चाहिए, ताकि गंभीर मरीजों को कम से कम रियायती दरों पर सेमी-प्राइवेट वार्ड की सुविधा मिल सके या इसे आयुष्मान योजना के दायरे में शामिल किया जा सके।
सेमी प्राइवेट वार्ड में भर्ती मरीजों का डाटा (मार्च 2026 - अगस्त 2026)
महीना - मेडिसिन वार्ड - सर्जिकल वार्ड - फीमेल वार्ड
जनवरी 2026 - 28 - 8 - 45
फरवरी 2026 - 16 - 11 - 25
मार्च 2026 - 39 - 4 - 35
अप्रैल 2026 - 20 - 10 - 30
मई 2026 - 31 - 15 - 27
जून 2026 - 32 - 10 - 34
जुलाई 2026 - 40 - 17 - 32
अगस्त 2026 - 36 - 11 - 28
कुल - 584
आयुष्मान योजना के तहत जिला अस्पताल में सभी इलाज निशुल्क है, लेकिन प्राइवेट वार्ड इसमें नहीं आता है। इसके लिए मरीज को अपनी जेब से पैसे देने पड़ते हैं। -डॉ. अशोक कुमार झा, सीएमएस, जिला अस्पताल