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अयोध्या: मस्जिद को दिया दान होगा टैक्स फ्री, आयकर विभाग ने 80जी के तहत दी छूट
Sat, 29 May 2021 10:04 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 29 May 2021 10:04 PM IST
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धन्नीपुर में बनने वाली मस्जिद का डिजाइन।
- फोटो : amar ujala
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अयोध्या जिले के धन्नीपुर में इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन की पांच एकड़ भूमि पर प्रस्तावित परियोजना में मस्जिद को आयकर विभाग ने 80 जी का प्रमाणपत्र जारी कर दिया है। इससे मस्जिद निर्माण में दान देने वालों को अब आयकर में छूट का लाभ मिल सकेगा।
साथ ही मस्जिद के प्रस्तावित नक्शे को पास कराने में निर्धारित छूट मिलेगी। 80 जी का प्रमाणपत्र जारी होने की पुष्टि ट्रस्ट के लोगों ने की है। सुप्रीम कोर्ट ने राममंदिर के फैसले में अयोध्या में मुसलमानों को पांच एकड़ भूमि दिए जाने के निर्देश दिए थे।
शासन की ओर से सोहावल के धन्नीपुर में पांच एकड़ भूमि सुन्नी वक्फ बोर्ड को दी गयी है। इसमें सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन का गठन करके पांच एकड़ के लिए परियोजना तैयार की गई है। इसमें 300 बेड का हॉस्पिटल, दो हजार लोगों के नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद, गरीबों को भोजन के लिए कम्युनिटी किचन व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अहमदुल्लाह शाह के नाम पर एक अनुसंधान केंद्र बनाया जाना है।
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अभी हाल के दिनों में ट्रस्ट की ओर से पांच एकड़ की प्रस्तावित परियोजना के अयोध्या विकास प्रधिकरण में ट्रस्ट की ओर से नक्शा सम्मिट कर दिया गया है। हालांकि अभी तक ट्रस्ट का आयकर विभाग में 80 जी यानी धार्मिक ट्रस्ट होने का रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका था। इससे ट्रस्ट ने मस्जिद के लिए दान लिए जाने की प्रक्रिया विधिवत शुरू नहीं की थी।
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साथ ही मस्जिद के प्रस्तावित नक्शे को पास कराने में निर्धारित छूट मिलेगी। 80 जी का प्रमाणपत्र जारी होने की पुष्टि ट्रस्ट के लोगों ने की है। सुप्रीम कोर्ट ने राममंदिर के फैसले में अयोध्या में मुसलमानों को पांच एकड़ भूमि दिए जाने के निर्देश दिए थे।
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शासन की ओर से सोहावल के धन्नीपुर में पांच एकड़ भूमि सुन्नी वक्फ बोर्ड को दी गयी है। इसमें सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन का गठन करके पांच एकड़ के लिए परियोजना तैयार की गई है। इसमें 300 बेड का हॉस्पिटल, दो हजार लोगों के नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद, गरीबों को भोजन के लिए कम्युनिटी किचन व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अहमदुल्लाह शाह के नाम पर एक अनुसंधान केंद्र बनाया जाना है।
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अभी हाल के दिनों में ट्रस्ट की ओर से पांच एकड़ की प्रस्तावित परियोजना के अयोध्या विकास प्रधिकरण में ट्रस्ट की ओर से नक्शा सम्मिट कर दिया गया है। हालांकि अभी तक ट्रस्ट का आयकर विभाग में 80 जी यानी धार्मिक ट्रस्ट होने का रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका था। इससे ट्रस्ट ने मस्जिद के लिए दान लिए जाने की प्रक्रिया विधिवत शुरू नहीं की थी।
ट्रस्ट में गठन के बाद ही 13 सितंबर को 80 जी के रजिस्ट्रेशन के लिए अप्लाई किया था लेकिन कुछ दिन पहले तक इसका प्रमाण पत्र जारी नहीं हो सका था। हाल ही में ट्रस्ट ने इसके लिए केंद्र सरकार को भी पत्र भी लिखा था। इसके बाद शनिवार को ट्रस्ट का 80 जी का प्रमाण पत्र जारी हो गया है। ये नौ माह बाद ट्रस्ट को मिला है।
इसकी पुष्टि ट्रस्ट के सचिव अतहर हुसैन व ट्रस्टी कैप्टन अफ़जल अहमद ने की है। दोनों लोगों ने बताया है कि अब मस्जिद निर्माण में दान देने वालों को आयकर में छूट का लाभ मिलेगा। साथ ही 80 जी प्राविधानों के तहत नक्शा पास होने में भी निर्धारित छूट मिलेगी।
विदेशों से फंड जुटाने का होगा प्रयास
इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन 80 जी में रजिस्ट्रेशन का प्रमाण पत्र मिलने के बाद अब एफसीआरए में अपना रजिस्ट्रेशन कराएगा। उसके बाद ट्रस्ट विदेश से भी मस्जिद निर्माण के लिए धनराशि ले सकेगा। मस्जिद ट्रस्ट के अध्यक्ष जुफ़र फारूकी व सचिव अतहर हुसैन ने बताया कि आयकर विभाग द्वारा उठाई गई आपत्तियों और प्रश्नों और प्रक्रियात्मक देरी ने अयोध्या मस्जिद ट्रस्ट के मस्जिद-अस्पताल के निर्माण के लिए दान में बाधा डाली।
विदेशों से योगदान भी बंद रहा। एफसीआरए के लिए जाने के लिए 80 जी की मंजूरी, होना आवश्यक है। अब 27 मई को जारी एक अधिसूचना में आयकर विभाग ने इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन, नई भव्य मस्जिद की साइट, को धारा 80 जी के पहले प्रावधान की उप-धारा (5) के 12- क्लॉज (द्ब1) के तहत वर्गीकृत किया है। अब ट्रस्ट एफसीआरए के लिए आवेदन करेगा।
इसकी पुष्टि ट्रस्ट के सचिव अतहर हुसैन व ट्रस्टी कैप्टन अफ़जल अहमद ने की है। दोनों लोगों ने बताया है कि अब मस्जिद निर्माण में दान देने वालों को आयकर में छूट का लाभ मिलेगा। साथ ही 80 जी प्राविधानों के तहत नक्शा पास होने में भी निर्धारित छूट मिलेगी।
विदेशों से फंड जुटाने का होगा प्रयास
इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन 80 जी में रजिस्ट्रेशन का प्रमाण पत्र मिलने के बाद अब एफसीआरए में अपना रजिस्ट्रेशन कराएगा। उसके बाद ट्रस्ट विदेश से भी मस्जिद निर्माण के लिए धनराशि ले सकेगा। मस्जिद ट्रस्ट के अध्यक्ष जुफ़र फारूकी व सचिव अतहर हुसैन ने बताया कि आयकर विभाग द्वारा उठाई गई आपत्तियों और प्रश्नों और प्रक्रियात्मक देरी ने अयोध्या मस्जिद ट्रस्ट के मस्जिद-अस्पताल के निर्माण के लिए दान में बाधा डाली।
विदेशों से योगदान भी बंद रहा। एफसीआरए के लिए जाने के लिए 80 जी की मंजूरी, होना आवश्यक है। अब 27 मई को जारी एक अधिसूचना में आयकर विभाग ने इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन, नई भव्य मस्जिद की साइट, को धारा 80 जी के पहले प्रावधान की उप-धारा (5) के 12- क्लॉज (द्ब1) के तहत वर्गीकृत किया है। अब ट्रस्ट एफसीआरए के लिए आवेदन करेगा।
इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट को अब तक 20 लाख रुपये दान मिले हैं। ट्रस्ट के सचिव अतहर हुसैन ने बताया है कि जी 80 प्रमाणपत्र के बिना धन की कमी थी, अब ट्रस्ट मस्जिद निर्माण के लिए फंड एकत्रित करेगा। फिलहाल चयनित लोगों से मस्जिद के लिए धनराशि एकत्र की जाएगी।
सार्वजनिक रूप से अभी चंदा एकत्रित करने का प्लान नहीं है। वहीं दूसरी ओर ट्रस्टी कैप्टन अफजाल ने आयकर विभाग द्वारा इंडो इस्लामिक कल्चरल फ़ाउंडेशन को टैक्स में छूट प्रमाणपत्र जारी करने पर आयकर विभाग व केंद्र सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
सार्वजनिक रूप से अभी चंदा एकत्रित करने का प्लान नहीं है। वहीं दूसरी ओर ट्रस्टी कैप्टन अफजाल ने आयकर विभाग द्वारा इंडो इस्लामिक कल्चरल फ़ाउंडेशन को टैक्स में छूट प्रमाणपत्र जारी करने पर आयकर विभाग व केंद्र सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया है।