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UP: आरटीई की तहत दाखिले के लिए 40 प्रतिशत घट गए आवेदन... प्रदेश में बढ़ रहे आवेदन, लेकिन इस जिले में हो गए कम
Sun, 26 Jan 2025 03:13 PM IST
विजय पुंडीर
अंकुर त्रिपाठी, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
अंकुर त्रिपाठी, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Published by: विजय पुंडीर
Updated Sun, 26 Jan 2025 03:13 PM IST
सार
गौतमबुद्ध नगर में पिछले सत्र में पहले चरण में 5810 और दूसरे में 3981 आवेदन आए थे। इस सत्र के लिए पहले चरण में 3351 और दूसरे के लिए 2600 आवेदन ही आए हैं। जबकि कई सालों से पहले चरण में हर बार 5 हजार से अधिक ही आवेदन आते हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत सीट पर आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों का दाखिला होना है, लेकिन इस सत्र में अभिभावक आवेदन करने से कतरा रहे हैं। पहली बार दिसंबर से शुरू हुई प्रक्रिया में पिछले सत्र से करीब 39.22 प्रतिशत आवेदन कम आए हैं। यह हाल तब है जब शिक्षा विभाग की ओर से अधिक से अधिक छात्रों के दाखिले के लिए जोर दिया जा रहा है। जनपद गौतमबुद्ध नगर में जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी थी। उन्होंने इस ओर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया।
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पिछले सत्र में पहले चरण में 5810 और दूसरे में 3981 आवेदन आए थे। इस सत्र के लिए पहले चरण में 3351 और दूसरे के लिए 2600 आवेदन ही आए हैं। जबकि कई सालों से पहले चरण में हर बार 5 हजार से अधिक ही आवेदन आते हैं। पहले चरण में ही नामी निजी स्कूलों की सीट भर जाती थी,लेकिन इस बार दो चरण की प्रक्रिया के बाद भी कई स्कूलों में सीटें खाली हैं। अभिभावकों का कहना है, लॉटरी में नाम आने के बाद भी स्कूल दाखिला नहीं लेते हैं। विभाग की ओर से केवल चक्कर कटवाए जाते हैं।
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दो चरण की प्रकिया शेष
इस सत्र में भी चार चरण की प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। दो चरण की प्रक्रिया बीत चुकी है। मार्च तक चौथे चरण की प्रक्रिया होगी। विभाग की ओर से आवेदन करने के लिए जागरूकता फैलाई गई तो आवेदन की संख्या बढ़ सकती है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कई अभिभावकों ने आवेदन ही गलत किए। इसके कारण आवेदन निरस्त कर दिए गए।
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अभिभावकों का हो रहा मोहभंग
बिसरख ब्लॉक निवासी अभिभावकों ने बताया, जब छात्रों का दाखिला ही नहीं होता है तो आवेदन करने से क्या फायदा है। आधे सत्र के बीत जाने के बाद तक दाखिला कराने के लिए स्कूल जाना पड़ता है। स्कूल प्रबंधन की ओर से गेट से भगा दिया जाता है। विभाग की ओर से दिखावे के लिए मान्यता रद्द की कार्रवाई की जाती है, लेकिन अभी तक किसी स्कूल की मान्यता रद्द नहीं हुई है।
फर्जी आय और जाति प्रमाण पत्र बनने पर रोक लगी है। इसके साथ ही इस बार एंट्री कक्षा में ही आवेदन कर सकते हैं। इस कारण आवेदन में गिरावट दर्ज हो रही है। - राहुल पंवार,जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी