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नौ माह बाद भी नहीं लगी 45 साइट पर एंटी स्मॉग गन
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नौ माह बाद भी नहीं लगी 34 निर्माणाधीन साइटों पर एंटी स्मॉग गन
ग्रेटर नोएडा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रदेश सरकार ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा की 45 निर्माणाधीन साइटों पर एंटी स्मॉग गन लगाने का आदेश दिया था, लेकिन नौ माह बाद भी 34 बिल्डरों ने इसका पालन नहीं किया। सिर्फ 11 बिल्डरों ने साइटों पर इसे लगाया। इन्हें 15 अक्तूबर तक का समय दिया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश प्रदूषण बोर्ड (यूपीपीसीबी) भी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा सका। अब 15 अक्तूबर से ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू होने जा रहा है तो बोर्ड को याद आया और सभी को नोटिस जारी किया जा रहा है।
दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण की समस्या गंभीर है। सर्दी शुरू होने के साथ ही प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगता है। यह काफी खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है। वायु प्रदूषण को कम करने के मकसद से सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश जारी किया था। जिस पर प्रदेश सरकार ने फरवरी में एंटी स्मॉग गन लगाने का आदेश जारी किया है। यह आदेश गौतमबुद्ध नगर के अलावा गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर और शामली के लिए भी था। सरकार ने नोएडा की 19 और ग्रेटर नोएडा की 26 निर्माणाधीन साइटों की सूची दी थी। इन सभी जगहों पर एंटी स्मॉग गन लगाने का आदेश दिया है। सभी साइट 20 हजार वर्ग मीटर से बड़ी है। इसकी सूची प्राधिकरण, प्रशासन और यूपीपीसीबी को भेजी गई थी। आदेश मिलने के बाद यूपीपीसीबी ने बिल्डरों को आदेश जारी किया था। 15 दिन के अंदर एंटी स्मॉग गन लगाकर रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन नौ माह बाद भी स्मॉग गन नहीं लगे। केवल गौड़ संस बिल्डर ने एक स्मॉग गन लगाई थी।
सख्ती के बाद 11 ने लगाई गन
अब 15 अक्तूबर से ग्रेप लागू हो रहा है। उससे पहले जिला प्रशासन ने सभी तैयारियों को पूरा करने का आदेश जारी किया है। यूपीपीसीबी की तरफ से भी 20 हजार वर्ग मीटर से बड़ी निर्माणाधीन साइट पर स्मॉग गन लगाने का नोटिस जारी किया गया है। अफसरों ने बताया कि सख्ती के बाद करीब 11 बिल्डरों ने अपनी साइट पर गन लगा ली है। बाकी को 15 अक्तूबर तक का समय दिया गया है।
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इन जगहों पर बेहद जरूरी
-बड़ी निर्माणाधीन साइट
-खनन की गतिविधियां
-सड़क परियोजना
-सार्वजनिक सभा स्थल व पार्किंग क्षेत्र
- तोड़फोड़ गतिविधियां
-धूल भरे ट्रैफिक कॉरिडोर
सभी सदस्यों को अपनी-अपनी साइट पर एंटी स्मॉग गन लगाने की एडवाइजरी बहुत पहले जारी कर दी गई थी। ज्यादातर ने लगा भी ली है। बाकी जगह मशीन नहीं मिलने से दिक्कत आ रही है। उम्मीद है कि 15 अक्तूबर तक वहां भी लग जाएंगी।
सुबोध गोयल, सचिव केडाई वेस्टर्न यूपी
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ग्रेटर नोएडा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रदेश सरकार ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा की 45 निर्माणाधीन साइटों पर एंटी स्मॉग गन लगाने का आदेश दिया था, लेकिन नौ माह बाद भी 34 बिल्डरों ने इसका पालन नहीं किया। सिर्फ 11 बिल्डरों ने साइटों पर इसे लगाया। इन्हें 15 अक्तूबर तक का समय दिया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश प्रदूषण बोर्ड (यूपीपीसीबी) भी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा सका। अब 15 अक्तूबर से ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू होने जा रहा है तो बोर्ड को याद आया और सभी को नोटिस जारी किया जा रहा है।
दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण की समस्या गंभीर है। सर्दी शुरू होने के साथ ही प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगता है। यह काफी खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है। वायु प्रदूषण को कम करने के मकसद से सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश जारी किया था। जिस पर प्रदेश सरकार ने फरवरी में एंटी स्मॉग गन लगाने का आदेश जारी किया है। यह आदेश गौतमबुद्ध नगर के अलावा गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर और शामली के लिए भी था। सरकार ने नोएडा की 19 और ग्रेटर नोएडा की 26 निर्माणाधीन साइटों की सूची दी थी। इन सभी जगहों पर एंटी स्मॉग गन लगाने का आदेश दिया है। सभी साइट 20 हजार वर्ग मीटर से बड़ी है। इसकी सूची प्राधिकरण, प्रशासन और यूपीपीसीबी को भेजी गई थी। आदेश मिलने के बाद यूपीपीसीबी ने बिल्डरों को आदेश जारी किया था। 15 दिन के अंदर एंटी स्मॉग गन लगाकर रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन नौ माह बाद भी स्मॉग गन नहीं लगे। केवल गौड़ संस बिल्डर ने एक स्मॉग गन लगाई थी।
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सख्ती के बाद 11 ने लगाई गन
अब 15 अक्तूबर से ग्रेप लागू हो रहा है। उससे पहले जिला प्रशासन ने सभी तैयारियों को पूरा करने का आदेश जारी किया है। यूपीपीसीबी की तरफ से भी 20 हजार वर्ग मीटर से बड़ी निर्माणाधीन साइट पर स्मॉग गन लगाने का नोटिस जारी किया गया है। अफसरों ने बताया कि सख्ती के बाद करीब 11 बिल्डरों ने अपनी साइट पर गन लगा ली है। बाकी को 15 अक्तूबर तक का समय दिया गया है।
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इन जगहों पर बेहद जरूरी
-बड़ी निर्माणाधीन साइट
-खनन की गतिविधियां
-सड़क परियोजना
-सार्वजनिक सभा स्थल व पार्किंग क्षेत्र
- तोड़फोड़ गतिविधियां
-धूल भरे ट्रैफिक कॉरिडोर
सभी सदस्यों को अपनी-अपनी साइट पर एंटी स्मॉग गन लगाने की एडवाइजरी बहुत पहले जारी कर दी गई थी। ज्यादातर ने लगा भी ली है। बाकी जगह मशीन नहीं मिलने से दिक्कत आ रही है। उम्मीद है कि 15 अक्तूबर तक वहां भी लग जाएंगी।
सुबोध गोयल, सचिव केडाई वेस्टर्न यूपी