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Noida News: लंढौरा सीएचसी में इंजेक्शन और दवाएं बेचने का आरोप
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लंढौरा में दवाओं और रेबीज के इंजेक्शन को बाहर बेचने के आरोप लगने पर मंगलवार को हंगामा खड़ा हो गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में धरना देकर विरोध जताया और कार्रवाई की मांग की।
स्थानीय निवासियों साहिब राणा, अहमद, परवेज, सुल्ताना, इस्तीकार, लियाकत, मो. तोसिफ, गुलशाना, शहनवाज अंसारी, आवेश, गुलशनव्वर, फैयाज, नदीम, अकरम और उस्मान ने आरोप लगाया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को निशुल्क दवाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। उनका कहना है कि अस्पताल की दवाएं और रेबीज के टीके बाजार में बेचे जा रहे हैं।
इससे मरीजों को मजबूर होकर मंगलौर या रुड़की जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस संबंध में उच्चाधिकारियों से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं, सीएचसी प्रभारी डॉ. विक्रांत सिरोही ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि अस्पताल में दवाओं की नियमित आपूर्ति होती है और मरीजों को निशुल्क दवाएं दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि कभी-कभी टीकों का स्टॉक खत्म हो जाने पर मरीजों को अन्य अस्पतालों में भेजना पड़ता है।
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स्थानीय निवासियों साहिब राणा, अहमद, परवेज, सुल्ताना, इस्तीकार, लियाकत, मो. तोसिफ, गुलशाना, शहनवाज अंसारी, आवेश, गुलशनव्वर, फैयाज, नदीम, अकरम और उस्मान ने आरोप लगाया कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को निशुल्क दवाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। उनका कहना है कि अस्पताल की दवाएं और रेबीज के टीके बाजार में बेचे जा रहे हैं।
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इससे मरीजों को मजबूर होकर मंगलौर या रुड़की जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस संबंध में उच्चाधिकारियों से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। वहीं, सीएचसी प्रभारी डॉ. विक्रांत सिरोही ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि अस्पताल में दवाओं की नियमित आपूर्ति होती है और मरीजों को निशुल्क दवाएं दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि कभी-कभी टीकों का स्टॉक खत्म हो जाने पर मरीजों को अन्य अस्पतालों में भेजना पड़ता है।
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