एलेक्सा गर्ल की कहानी उसकी जुबानी: 'दीदी के घर न आई होती तो स्टार न बन पाती', निकिता ने बताया पूरा किस्सा
उत्तर प्रदेश के बस्ती की रहने वाली महज 13 साल की निक्की उर्फ निकिता यानी एलेक्सा गर्ल रातों रात स्टार बन गईं। निकिता ने कहा दीदी के घर नहीं आई होती तो बंदरों से पाला नहीं पड़ता।
विस्तार
उत्तर प्रदेश के बस्ती की रहने वाली महज 13 साल की निक्की उर्फ निकिता की दुनिया भर में तारीफ हो रही है। हर कोई उस किस्से को जानना चाहता है कि आखिर कैसे बंदर से निकिता ने अपनी और भांजी वामिका की जान बचाई थी। जो भी इस कहानी को सुन रहा है वो दांतों तले अंगुलियां दबा ले रहा है। निक्की बताती है कि दीदी के घर नहीं आई होती तो बंदरों से पाला नहीं पड़ता।
बंदर देख घबरा गई थी निकिता और वामिका
कॉलोनी में पार्क के पास स्थित अपनी बहन के घर गई निकिता 15 महीने की भांजी वामिका को लेकर खेल रही थी। पहली मंजिल स्थित किचन के पास सोफे पर दोनों बैठे थे। घर के बाकी लोग दूसरे कमरों में थे। तभी एक बंदर अंदर घुस गया। वह किचन में जाकर बर्तन और खाने-पीने का सामान उठाकर फेंकने लगा। अचानक पास में बंदर को उत्पात मचाते देख दोनों बच्चियां घबरा गईं।
निकिता ने ऐसे बचाई जान
वामिका मां-मां की आवाज लगाने लगी। इसी दौरान निकिता भी डर गई। लेकिन तभी निकिता की नजर एलेक्सा डिवाइस पर गई और उसने आवाज दी एलेक्सा (डिवाइस) कुत्ते की आवाज निकालो। कमांड पाते ही एलेक्सा कुत्ते की तरह भौं-भौं की तेज आवाज करने लगा। कुत्ता भौंकने की आवाज सुनकर बंदर बालकनी से होता हुआ छत की तरफ भाग गया।
आनंद महिंद्रा ने दिया निकिता को जॉब का ऑफर
इस खबर के बाद महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने एलेक्सा डिवाइस के इस्तेमाल से अपनी और भांजी की जान बचाने वाली निकिता को नौकरी का प्रस्ताव दिया है। महिंद्रा ने एक्स पर लिखा है कि पढ़ाई पूरी करने के बाद यदि यह लड़की कॉर्पोरेट जगत में काम करने का फैसला लेती है, तो उसे महिंद्रा राइज से जुड़ने के लिए राजी करेंगे।
न दीदी के घर आई होती न पड़ा होता बंदरों से पाला
निक्की बताती है कि यह सबकुछ अचानक होता चला गया। कहती है कि अगर दीदी के घर न आई होती और न बंदरों से पाला पड़ता। उसकी दीदी बताती हैं कि घर में वाईफाई लगा होने की वजह से एलेक्सा हमेशा ऑन मोड में रखा रहता है। जब भी किसी को कुछ मंत्र, भजन, गीत या बच्चों के कविताएं-श्लोक सुनने का मन हुआ तो वह उसे आवाज लगा लिया करते हैं। बच्चे अक्सर जानवरों की आवाज बुलवाकर खेलते रहते थे। निक्की ने उस दिन ऐसा करके कमाल कर दिया।
परिवार ने जताया आभार
निकिता के कारनामे को दुनिया के सामने लाने का श्रेय परिवार के लोग अमर उजाला को देते हैं। वामिका के पिता पंकज ओझा कहते हैं कि अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के दूसरे दिन एक बड़े टीवी चैनल की टीम पहुंची थी। इसके बाद से निकिता पूरे देश की मीडिया की चहेती बन गई।