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ऑनलाइन खरीदारी का क्रेज, छोटी दुकानों से परहेज
Updated Wed, 31 Oct 2018 11:28 PM IST
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ऑनलाइन खरीदारी का क्रेज, छोटी दुकानों से परहेज
गुरुग्राम। ई-कॉमर्स वेबसाइट की वजह से परंपरागत बाजार की चाल बिगड़ रही है। ऑनलाइन खरीदारी करने में लोगों की रुचि बढ़ने से छोटे दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। इस त्योहारी सीजन में ई-कॉमर्स कंपनियां ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए भारी छूट दे रही हैं, जबकि छोटे दुकानदार छूट नहीं देते हैं। इस कारण भी ऑनलाइन खरीदारी को तव्वजो दी जा रही है। ऑनलाइन खरीदारी का सबसे अधिक असर मोबाइल फोन, रेडिमेड कपड़े के कारोबारियों की कमाई पर पड़ रहा है।
गुरुग्राम व्यापार मंडल के अध्यक्ष बबलू गुप्ता कहते हैं कि ऑनलाइन कारोबार करने वाले थोक में माल खरीदते हैं। इस कारण उनका माल सस्ता मिल जाता है। इसके अलावा वे माल में बचत भी कम रखते हैं। इस कारण छूट दे देते हैं, चूंकि उनको ग्राहकों का इंतजार नहीं करना पड़ता। जरूरतमंद व्यक्ति ऑनलाइन सामान सर्च करता रहता है और उसे जो पसंद आता है और सस्ता मिलता है, तो उसे तुरंत खरीद लेता है। जबकि बाजारों में कारोबार करने वाले दुकानदारों के समक्ष स्थिति एकदम उलट है। वे किसी भी सामान के कुछ ही पीस खरीदकर लाते है। इस कारण छूट देने की स्थिति में नहीं होते हैं। उनके पास ग्राहक काफी कम होते हैं।
व्यापार मंडल के पदाधिकारी दीपांशु अग्रवाल की रेडिमेड कपड़ों की दुकान है। वह कहते हैं, हम सभी साइज के कुछ ही पीस रखते हैं। इस कारण ग्राहकों के पास बहुत सीमित विकल्प होते हैं, जबकि ऑनलाइन खरीदारी करने के दौरान यह समस्या नहीं होती है। इस कारण भी लोग ऑनलाइन खरीदारी की ओर बढ़ रहे हैं। लिहाजा उन्होंने ऐसे कपड़े रखने शुरू कर दिए हैं जो ऑनलाइन उपलब्ध नहीं हैं।
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कपड़े का कारोबार कर रहे सुरेश ने बताया कि ऑनलाइन खरीदारी की ओर लोगों का रुख होने के चलते उन्होंने अपना कारोबार भी ऑनलाइन कर दिया। इस कार्य में बचत तो कम होती है, लेकिन बिना कुछ खर्च किए कुछ रुपये बच जाते हैं।
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गुरुग्राम। ई-कॉमर्स वेबसाइट की वजह से परंपरागत बाजार की चाल बिगड़ रही है। ऑनलाइन खरीदारी करने में लोगों की रुचि बढ़ने से छोटे दुकानदारों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। इस त्योहारी सीजन में ई-कॉमर्स कंपनियां ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए भारी छूट दे रही हैं, जबकि छोटे दुकानदार छूट नहीं देते हैं। इस कारण भी ऑनलाइन खरीदारी को तव्वजो दी जा रही है। ऑनलाइन खरीदारी का सबसे अधिक असर मोबाइल फोन, रेडिमेड कपड़े के कारोबारियों की कमाई पर पड़ रहा है।
गुरुग्राम व्यापार मंडल के अध्यक्ष बबलू गुप्ता कहते हैं कि ऑनलाइन कारोबार करने वाले थोक में माल खरीदते हैं। इस कारण उनका माल सस्ता मिल जाता है। इसके अलावा वे माल में बचत भी कम रखते हैं। इस कारण छूट दे देते हैं, चूंकि उनको ग्राहकों का इंतजार नहीं करना पड़ता। जरूरतमंद व्यक्ति ऑनलाइन सामान सर्च करता रहता है और उसे जो पसंद आता है और सस्ता मिलता है, तो उसे तुरंत खरीद लेता है। जबकि बाजारों में कारोबार करने वाले दुकानदारों के समक्ष स्थिति एकदम उलट है। वे किसी भी सामान के कुछ ही पीस खरीदकर लाते है। इस कारण छूट देने की स्थिति में नहीं होते हैं। उनके पास ग्राहक काफी कम होते हैं।
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व्यापार मंडल के पदाधिकारी दीपांशु अग्रवाल की रेडिमेड कपड़ों की दुकान है। वह कहते हैं, हम सभी साइज के कुछ ही पीस रखते हैं। इस कारण ग्राहकों के पास बहुत सीमित विकल्प होते हैं, जबकि ऑनलाइन खरीदारी करने के दौरान यह समस्या नहीं होती है। इस कारण भी लोग ऑनलाइन खरीदारी की ओर बढ़ रहे हैं। लिहाजा उन्होंने ऐसे कपड़े रखने शुरू कर दिए हैं जो ऑनलाइन उपलब्ध नहीं हैं।
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कपड़े का कारोबार कर रहे सुरेश ने बताया कि ऑनलाइन खरीदारी की ओर लोगों का रुख होने के चलते उन्होंने अपना कारोबार भी ऑनलाइन कर दिया। इस कार्य में बचत तो कम होती है, लेकिन बिना कुछ खर्च किए कुछ रुपये बच जाते हैं।