फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   500 cheated in the name of giving dealership of renowned companies

Noida News: नामी कपंनियों की डीलरशिप देने के नाम पर 500 को ठगा

Tue, 08 Aug 2023 07:52 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 08 Aug 2023 07:52 PM IST
विज्ञापन
500 cheated in the name of giving dealership of renowned companies
चार किशोरों समेत नौ जालसाजों को दबोचा, नामी कंपनियों की फर्जी वेबसाइट बनाकर ऐंठे पैसे
विज्ञापन

-----------
50 लाख ठगे जाने के बाद एक पीड़ित ने दी शिकायत तो पकड़े गए

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) ने नामी कंपनियों की डीलरशिप देने के नाम पर ठगने वाले गिरोह का खुलासा कर पांच जालसाजों को गिरफ्तार किया है, जबकि चार किशोरों को भी पकड़ा है। आरोपी पूरे देश में 500 से ज्यादा लोगों को ठग चुके हैं। आरोपी नामी कंपनियों की वेबसाइट से मिलती-जुलती साइट बनाते और फिर डीलरशिप देने का ऑफर देते थे। पीड़ित जब पैसे जमा करा देते थे तो आरोपी मोबाइल व बैंक खाता बंद कर गायब हो जाते थे।

आईएफएसओ के पुलिस उपायुक्त प्रशांत गौतम ने बताया कि शालीमार बाग निवासी व्यवसायी गुलशन चड्ढा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें अज्ञात नंबरों से कॉल आईं। फोन करने वाले ने खुद को आईटीसी (इंडियन टोबैको कंपनी) कंपनी का अधिकारी बताते हुए शिकायतकर्ता को डीलरशिप देने की बात कही। चड्ढा ने डीलरशिप लेने के लिए 50 लाख रुपये जमा करा दिए, लेकिन उन्हें डीलरशिप नहीं मिली और आरोपियों के नंबर भी बंद हो गए। पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर एसीपी जेपी शर्मा की देखदेख में इंस्पेक्टर नरेंद्र की टीम ने जांच शुरू की। जांच में पता लगा कि गिरोह बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश से संचालित हो रहा है। हवलदार दिनेश खत्री, अमित दहिया व सिपाही रेखा की टीम ने पटना में दबिश देकर एक नाबालिग को पकड़ लिया। इसकी निशानदेही पर तीन और नाबालिग पकड़े गए। इनसे पूछताछ के बाद निशांत गुप्ता उर्फ सौरव को गिरफ्तार किया गया। नाबालिगों से पूछताछ में पता लगा कि दीपक के बैंक खाते में पैसा गया है। इसके बाद पटना से दीपक को पकड़ा गया। इसकी निशानदेही पर गाजियाबाद से सूरज व संतोष को गिरफ्तार किया गया। संतोष के खुलासे पर मध्यप्रदेश के ग्वालियर से सुनील शाक्य को दबोचा गया। इनके पास से 3 लैपटॉप, 21 मोबाइल, 2 हार्ड डिस्क, 2 टैबलेट, 20 सिम, 20 एटीएम कार्ड, 6 बैंक पासबुक और 4 चेक बुक बरामद की गई।
विज्ञापन

हर किसी की अलग-अलग भूमिका थी


- पहला नाबालिग- एक फोन बरामद हुआ। आरोपी इसका इस्तेमाल नेट बैंकिंग से ठगी गई रकम को दूसरों खातों में ट्रांसफर करने के लिए करता था। गिरोह ने उसे ये काम सौंपा हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन


. निशांत गुप्ता उर्फ सौरव (27)- नाबालिगों को लालच देकर आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलकर खाते खुलवाता था। खोले गए खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम के लेनदेन में किया जाता था। इसके खिलाफ छत्तीसगढ़ में पहले से एक मामला दर्ज है।


. दीपक (27)- वह एसबीआई में सीएसपी चलाता था और मनी ट्रांसफर करता था। ठगी की रकम दीपक अपने खाते में रखता था।

. सूरज (29)- नामी कंपनियों की फर्जी बेवसाइट बनाता था।

. सुनील (41)- विज्ञापनों में गलत टोल-फ्री नंबर देकर डिस्ट्रीब्यूटरशिप के लिए ऑनलाइन अभियान और विज्ञापन चलाता था। धोखाधड़ी की गई कुल राशि का 30 फीसदी भुगतान किया गया।

. संतोष (27)- पीड़ितों का विवरण रखकर गिरोह चलाता था और सभी आरोपियों को हिस्सा देता था। इसके खिलाफ हिसार में मामला दर्ज है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed