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महाराष्ट्र में लखनऊ, प्रतापगढ व रायबरेली के भी किसान भी चाहते हैं कर्जमाफी
Updated Fri, 01 Sep 2017 07:47 PM IST
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महाराष्ट्र में लखनऊ, प्रतापगढ़ व रायबरेली
के भी किसान भी चाहते हैं कर्जमाफी
- किसान कर्जमाफी के आवेदकों में यूपी और एमपी के किसान भी शामिल
- 47 लाख 75 हजार 97 लोगों ने अब तक आवेदन रजिस्ट्रेशन किया
सुरेंद्र मिश्र
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने छत्रपति शिवाजी महाराज किसान सम्मान योजना के तहत किसानों को कर्जमाफी दी है। इस योजना के तहत कर्जमाफी के लिए बाकायदा आवेदन मंगाए गए हैं। आवेदन करने वालों में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के किसान भी शामिल हैं। यूपी की राजधानी लखनऊ सहित रायबरेली और प्रतापगढ़ के किसानों ने भी कर्जमाफी के लिए आवेदन किया है। हालांकि अभी तक पात्र किसानों की सूची तैयार नहीं हुई है।
महाराष्ट्र आईटी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार अब तक 47 लाख 75 हजार 97 लोगों ने आवेदन रजिस्ट्रेशन किए हैं। इनमें देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के भी 14 हजार 124 किसान शामिल हैं। कर्जमाफी के लिए आवेदन करने वाले किसानों में मुंबई शहर से 917 और मुंबई उपनगर के 13204 किसानों ने आवेदन किए हैं। इसके अलावा किसान कर्जमाफी के लिए आवेदन करने वालों में लखनऊ के दो और रायबरेली व प्रतापगढ़ के एक-एक किसान शामिल हैं। आवेदकों में पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश के भी किसान शामिल हैं।
अधिकारी के अनुसार कर्जमाफी के लिए आवेदन के लिए आधार कार्ड जरूरी है। खेती कहीं पर भी हो लेकिन, आवेदक के पते में वही दिखाई देगा, जिस पते से आधार कार्ड बना होगा। ऐसा संभव है कि आधार कार्ड के पते की वजह से यह स्थिति दिखाई दे रही है। इसलिए पूरी स्थिति पात्रता सूची जारी होने के बाद ही साफ हो पाएगी। अधिकारी ने बताया कि कर्जमाफी के लिए महाराष्ट्र सरकार की तरफ से तीन चरणों में सूची जारी की जाएगी। पहली सूची 30 सितंबर तक जारी होगी जिसमें वह नाम होंगे, जिनकी पात्रता को लेकर कोई विवाद नहीं होगा। दूसरी सूची में जिनकी पात्रता जांच के दायरे में होगी जबकि तीसरी सूची में कर्जमाफी के लिए अपात्र लोगों की होगी।
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के भी किसान भी चाहते हैं कर्जमाफी
- किसान कर्जमाफी के आवेदकों में यूपी और एमपी के किसान भी शामिल
- 47 लाख 75 हजार 97 लोगों ने अब तक आवेदन रजिस्ट्रेशन किया
सुरेंद्र मिश्र
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने छत्रपति शिवाजी महाराज किसान सम्मान योजना के तहत किसानों को कर्जमाफी दी है। इस योजना के तहत कर्जमाफी के लिए बाकायदा आवेदन मंगाए गए हैं। आवेदन करने वालों में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के किसान भी शामिल हैं। यूपी की राजधानी लखनऊ सहित रायबरेली और प्रतापगढ़ के किसानों ने भी कर्जमाफी के लिए आवेदन किया है। हालांकि अभी तक पात्र किसानों की सूची तैयार नहीं हुई है।
महाराष्ट्र आईटी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार अब तक 47 लाख 75 हजार 97 लोगों ने आवेदन रजिस्ट्रेशन किए हैं। इनमें देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के भी 14 हजार 124 किसान शामिल हैं। कर्जमाफी के लिए आवेदन करने वाले किसानों में मुंबई शहर से 917 और मुंबई उपनगर के 13204 किसानों ने आवेदन किए हैं। इसके अलावा किसान कर्जमाफी के लिए आवेदन करने वालों में लखनऊ के दो और रायबरेली व प्रतापगढ़ के एक-एक किसान शामिल हैं। आवेदकों में पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश के भी किसान शामिल हैं।
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अधिकारी के अनुसार कर्जमाफी के लिए आवेदन के लिए आधार कार्ड जरूरी है। खेती कहीं पर भी हो लेकिन, आवेदक के पते में वही दिखाई देगा, जिस पते से आधार कार्ड बना होगा। ऐसा संभव है कि आधार कार्ड के पते की वजह से यह स्थिति दिखाई दे रही है। इसलिए पूरी स्थिति पात्रता सूची जारी होने के बाद ही साफ हो पाएगी। अधिकारी ने बताया कि कर्जमाफी के लिए महाराष्ट्र सरकार की तरफ से तीन चरणों में सूची जारी की जाएगी। पहली सूची 30 सितंबर तक जारी होगी जिसमें वह नाम होंगे, जिनकी पात्रता को लेकर कोई विवाद नहीं होगा। दूसरी सूची में जिनकी पात्रता जांच के दायरे में होगी जबकि तीसरी सूची में कर्जमाफी के लिए अपात्र लोगों की होगी।
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