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गांव भाजलाका में कब्रिस्तान की चारदीवारी नहीं होने से ग्रामीण परेशान
Updated Tue, 10 Jul 2018 06:32 PM IST
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चारदीवारी का अभाव, पशु पहुंचा रहे कब्रों को नुकसान
-गांव भाजलाका के ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी नहीं हो रहा समाधान
अमर उजाला ब्यूरो
तावडू। उपमंडल के गांव भाजलाका में कब्रिस्तान की चारदीवारी न होने से ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति रोष है। ग्रामीण पंचायत के माध्यम से चारदीवारी निर्माण को लेकर शासन-प्रशासन के पास कई बार पंचायत प्रस्ताव पारित कर भेजे चुके हैं, लेकिन नतीजा नहीं निकला। उनकी मांग है कि जल्द कब्रिस्तान की चारदीवारी कराई जाए।
सरपंच जस्ना खातून, कमरूदीन, पूर्व सरपंच खालिद, इसाक पंच, जाकिर, हक्मुदीन, जाफर, अकरम, असगर, इरफान, पूर्व सरपंच जैकम आदि ने बताया कि प्रशासन की ओर से उपमंडल के सभी कब्रिस्तानों में चारदीवारी कराई गई है लेकिन उनके गांव में कब्रिस्तान की चारदीवारी नहीं कराई गई है। चारदीवारी न होने के कारण कब्रिस्तान में अकसर पशु घूमते रहते हैं और कब्रों को नुकसान पहुंचाते हैं। कई बार देखने में आया है कि आवारा कुत्तों ने कब्रों को खोद डाला। जिसकी वजह से ग्रामीणों को कांटेदार बाड़ लगाकर कब्रों की देखभाल करनी पड़ती है।
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-गांव भाजलाका के ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी नहीं हो रहा समाधान
अमर उजाला ब्यूरो
तावडू। उपमंडल के गांव भाजलाका में कब्रिस्तान की चारदीवारी न होने से ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति रोष है। ग्रामीण पंचायत के माध्यम से चारदीवारी निर्माण को लेकर शासन-प्रशासन के पास कई बार पंचायत प्रस्ताव पारित कर भेजे चुके हैं, लेकिन नतीजा नहीं निकला। उनकी मांग है कि जल्द कब्रिस्तान की चारदीवारी कराई जाए।
सरपंच जस्ना खातून, कमरूदीन, पूर्व सरपंच खालिद, इसाक पंच, जाकिर, हक्मुदीन, जाफर, अकरम, असगर, इरफान, पूर्व सरपंच जैकम आदि ने बताया कि प्रशासन की ओर से उपमंडल के सभी कब्रिस्तानों में चारदीवारी कराई गई है लेकिन उनके गांव में कब्रिस्तान की चारदीवारी नहीं कराई गई है। चारदीवारी न होने के कारण कब्रिस्तान में अकसर पशु घूमते रहते हैं और कब्रों को नुकसान पहुंचाते हैं। कई बार देखने में आया है कि आवारा कुत्तों ने कब्रों को खोद डाला। जिसकी वजह से ग्रामीणों को कांटेदार बाड़ लगाकर कब्रों की देखभाल करनी पड़ती है।
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