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कई राज्यों में नहीं हैं दफ्तर, डॉग ब्रीडर लाइसेंस ले तो कैसे

Sat, 24 Nov 2018 07:12 AM IST
Updated Sat, 24 Nov 2018 07:12 AM IST
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कई राज्यों में नहीं हैं दफ्तर, डॉग ब्रीडर लाइसेंस ले तो कैसे
दफ्तर न होने से डॉग ब्रीडर को लाइसेंस लेने में दिक्कत
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पशुओं के प्रजनन और जन्म के बाद इनकी बिक्री के लिए जरूरी लाइसेंस प्रदान करने के लिए अधिकृत भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड के अधिकतर राज्यों में दफ्तर नहीं हैं। नतीजतन, लाइसेंस न होने पर पशु क्रूरता अधिनियम संबंधी नियमों के तहत कार्रवाई का प्रावधान है। इसका खामियाजा भुगत रहे डॉग ब्रीडर की मांग है कि किसी भी नियम को लागू करने से पहले सभी तैयारियां होनी चाहिए। एनिमल लवर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी अजय प्रताप सिंह ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि लाइसेंस न होने पर ब्रीडर के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई होती है।


ग्रेट डेन नस्ल के जोड़े के लिए 256 वर्ग फुट जगह अनिवार्य
एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी अजय प्रताप सिंह ने बताया कि अगर कोई ब्रीडर ग्रेट डेन नस्ल का एक जोड़ा अपने पास रखता है, तो उनके लिए 256 वर्ग फुट जगह होनी अनिवार्य है। ऑस्ट्रेलिया में यह 56.59, अमेरिका में 41.5 है, जबकि ब्रिटेन में पशुओं के मुताबिक स्थान निर्धारित करने का प्रावधान है। अजय प्रताप सिंह के मुताबिक, देश में औसतन प्रति व्यक्ति 60-65 वर्ग फुट की जगह नियत है, जबकि एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया के मुताबिक प्रत्येक कुत्ते के लिए कम से कम 128 वर्ग फुट जगह होनी जरूरी है। ऐसा न होने पर ब्रीडर पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई का प्रावधान है।
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