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दिल्ली सरकार के सुश्रुत ट्रामा सेंटर का मामला: अस्पताल में हड़कंप, जांच के आदेश
Updated Sun, 16 Sep 2018 05:15 AM IST
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Sushruta Trauma center
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सुश्रुत ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में भर्ती मरीज हरिचंद के जख्म से कीड़े निकलने के मामले में शनिवार को अस्पताल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। एडिशनल एमएस ने आईसीयू का निरीक्षण किया। इस दौरान कई खामियां मिलीं। तीमारदार के साथ कर्मचारी भी बाहर के चप्पल-जूते पहने मिले। एडिशनल एमएस के मौके पर पहुंचते ही आनन-फानन में आईसीयू को संक्रमण मुक्त करने के लिए धुएं का प्रयोग (फ्यूमिगेशन) किया गया।
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गौरतलब है कि अमर उजाला ने 15 सितंबर के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और अस्पताल से इसकी रिपोर्ट तलब की। अस्पताल के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय बहल ने मौके का मुआयना किया और स्वास्थ्य कर्मचारियों को हिदायत दी। बहल ने बताया कि संबंधित डॉक्टरों और कर्मचारियों से जवाब तलब कर विभागाध्यक्ष को प्राथमिक रिपोर्ट भेज दी गई है।
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मामले की एक गहन जांच भी कराई जा रही है। दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि, उनका मानना है कि कई बार आईसीयू के बाहर से इस तरह का संक्रमण आ जाता है। कुछ मामलों में यह मरीज में ही हो जाता है। ऐसे में आईसीयू में सभी मरीजों को शिफ्ट कर आईसीयू का फ्यूमिगेशन कराया गया।
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डीएमसी भी भेजेगा नोटिस
दिल्ली मेडिकल काउंसिल के सचिव डॉ. गिरीश त्यागी का कहना है कि मामला काउंसिल के संज्ञान में आया है।सोमवार को अस्पताल को नोटिस भेजकर जवाब तलब करेगी। काउंसिल यह जांच करेगी कि इस लापरवाही में डॉक्टरों का कितना योगदान है। अगर काउंसिल को इस मामले में डॉक्टर या डॉक्टरों की कमी का पता लगेगा तो उनका लाइसेंस तक रद्द किया जा सकता है।