{"_id":"5b6dce734f1c1b096a8b6466","slug":"153392292316-ashram-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"- भीम सेना ने संसद मार्ग थाने में दर्ज कराया मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
- भीम सेना ने संसद मार्ग थाने में दर्ज कराया मामला
Updated Fri, 10 Aug 2018 11:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजाद सेना के खिलाफ संविधान की प्रति जलाने का मामला दर्ज
नई दिल्ली। संविधान के अपमान को लेकर अखिल भारतीय भीम सेना ने संसद मार्ग थाने में यूथ फॉर इक्वलिटी (आजाद सेना) के विरुद्ध मामला दर्ज कराया है। आरोप है कि आजाद सेना के जरिए एससी-एसटी कानून के विरोध में बृहस्पतिवार को संविधान की प्रति जलाई गई और डॉ. आंबेडकर व अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के खिलाफ नारेबाजी की गई। अखिल भारतीय भीम सेना के प्रभारी अनिल तंवर ने शुक्रवार को संसद मार्ग थाने में लिखित शिकायत दी है। साथ ही संविधान की प्रति जलाने का एक वायरल वीडियो की सीडी भी पुलिस को सौंपी है। इस वीडियो में बेयर एक्ट को जलाया जा रहा है। जिला पुलिस उपायुक्त मधुर वर्मा ने बताया है कि शुक्रवार को धारा 153 (अ), भारतीय दंड संहिता (आईपीसी)505 की धार 2 के तहत मामला दर्ज की गई है। यह धारा राष्ट्रीय सम्मान को ठेस पहुंचाने के कानून 1971 से संबंधित है। मामले की तफ्तीश की जा रही है। ब्यूरो
विज्ञापन
नई दिल्ली। संविधान के अपमान को लेकर अखिल भारतीय भीम सेना ने संसद मार्ग थाने में यूथ फॉर इक्वलिटी (आजाद सेना) के विरुद्ध मामला दर्ज कराया है। आरोप है कि आजाद सेना के जरिए एससी-एसटी कानून के विरोध में बृहस्पतिवार को संविधान की प्रति जलाई गई और डॉ. आंबेडकर व अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के खिलाफ नारेबाजी की गई। अखिल भारतीय भीम सेना के प्रभारी अनिल तंवर ने शुक्रवार को संसद मार्ग थाने में लिखित शिकायत दी है। साथ ही संविधान की प्रति जलाने का एक वायरल वीडियो की सीडी भी पुलिस को सौंपी है। इस वीडियो में बेयर एक्ट को जलाया जा रहा है। जिला पुलिस उपायुक्त मधुर वर्मा ने बताया है कि शुक्रवार को धारा 153 (अ), भारतीय दंड संहिता (आईपीसी)505 की धार 2 के तहत मामला दर्ज की गई है। यह धारा राष्ट्रीय सम्मान को ठेस पहुंचाने के कानून 1971 से संबंधित है। मामले की तफ्तीश की जा रही है। ब्यूरो