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एमसीडी को दी जाने वाली धनराशि का विधायक निधि में बदलने का विरोध किया
Updated Wed, 08 Aug 2018 10:12 PM IST
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एमसीडी फंड विधायकों को देने पर भड़के नेता
- सड़कों पर उतरने की दी धमकी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी को दी जाने वाली धनराशि को विधायक फंड में बदलने का उत्तरी दिल्ली निगम ने विरोध किया है। एमसीडी नेताओं का कहना है कि दिल्ली सरकार ने नियम नहीं बदले तो वह सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।
मेयर आदेश गुप्ता ने कहा है कि सालों से एमसीडी योजना निधि के रूप में पैसा दिल्ली सरकार स्थानीय निकायों को देती रही है। योजना मद का पैसा केंद्र सरकार राज्य सरकार को देती है। राज्य सरकार के माध्यम से स्थानीय निकायों को दिया जाता है। आम आदमी पार्टी की सरकार ने पूरी व्यवस्था बदलने का काम किया है। उत्तरी दिल्ली एमसीडी स्थायी समिति की अध्यक्ष वीना विरमानी ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र का रखरखाव दिल्ली सरकार की इकाई डीएसआईआईडीसी करती है। कीर्ति नगर औद्योगिक की सड़के बदहाल हैं और नालों की सफाई नहीं होने से बारिश के पानी की निकासी भी नहीं हो पा रही है। इसके चलते उन क्षेत्रों में झुग्गी में रहने वाले लोग परेशान हैं। ऐसे में जिस निधि को विधायक निधि में बदला गया है उसे तुरंत वापस लिया जाए। ऐसा नहीं हुआ तो अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करेंगे।
नेता सदनए तिलक राज कटारिया कहा कि दिल्ली में 60 फुट से अधिक चौड़ी सड़कें दिल्ली सरकार के अधीन हैं। इन सड़कों पर सरकार का ध्यान नहीं है। एमसीडी अधिकार क्षेत्र में आने वाली सड़कों पर ही ज्यादा ध्यान है। दिल्ली सरकार ने एमसीडी के 1400 करोड़ रूपए का भुगतान रोककर उसे विधायक निधि में परिवर्तित कर दिया है। सरकार का यह निर्णय गलत है।
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- सड़कों पर उतरने की दी धमकी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी को दी जाने वाली धनराशि को विधायक फंड में बदलने का उत्तरी दिल्ली निगम ने विरोध किया है। एमसीडी नेताओं का कहना है कि दिल्ली सरकार ने नियम नहीं बदले तो वह सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।
मेयर आदेश गुप्ता ने कहा है कि सालों से एमसीडी योजना निधि के रूप में पैसा दिल्ली सरकार स्थानीय निकायों को देती रही है। योजना मद का पैसा केंद्र सरकार राज्य सरकार को देती है। राज्य सरकार के माध्यम से स्थानीय निकायों को दिया जाता है। आम आदमी पार्टी की सरकार ने पूरी व्यवस्था बदलने का काम किया है। उत्तरी दिल्ली एमसीडी स्थायी समिति की अध्यक्ष वीना विरमानी ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र का रखरखाव दिल्ली सरकार की इकाई डीएसआईआईडीसी करती है। कीर्ति नगर औद्योगिक की सड़के बदहाल हैं और नालों की सफाई नहीं होने से बारिश के पानी की निकासी भी नहीं हो पा रही है। इसके चलते उन क्षेत्रों में झुग्गी में रहने वाले लोग परेशान हैं। ऐसे में जिस निधि को विधायक निधि में बदला गया है उसे तुरंत वापस लिया जाए। ऐसा नहीं हुआ तो अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करेंगे।
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नेता सदनए तिलक राज कटारिया कहा कि दिल्ली में 60 फुट से अधिक चौड़ी सड़कें दिल्ली सरकार के अधीन हैं। इन सड़कों पर सरकार का ध्यान नहीं है। एमसीडी अधिकार क्षेत्र में आने वाली सड़कों पर ही ज्यादा ध्यान है। दिल्ली सरकार ने एमसीडी के 1400 करोड़ रूपए का भुगतान रोककर उसे विधायक निधि में परिवर्तित कर दिया है। सरकार का यह निर्णय गलत है।
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