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फ्लैट खाली करने का नोटिस देख भावुक हो गये जितेन्द्र व वीरेन्द्र
Updated Sat, 21 Jul 2018 09:56 PM IST
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शाहबेरी हादसा
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हेडिंग: फ्लैट खाली करने का नोटिस देख भावुक हुए जितेंद्र-वीरेंद्र
जींद निवासी हैं दोनों भाई, 27 जून को हुये थे फ्लैट में शिफ्ट
जेपी हाइट्स बिल्डिंग में 21.50 लाख रुपये में खरीदा था फ्लैट
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। जेपी हाइट्स बिल्डिंग में रहने वाला एकमात्र परिवार उस समय भावुक हो गया, जब प्राधिकरण के अफसरों ने उनको फ्लैट खाली करने का नोटिस थमाया। उनको समझ नहीं आया कि अब वो क्या करें और कहां जाएं। बाद में आसपास के लोगों ने उनको दिलासा दिया और पड़ोस की बिल्डिंग में शिफ्ट करवाया, लेकिन वहां भी चैन नहीं मिला और एक घंटे बाद ही पुलिस ने उस बिल्डिंग को भी खाली करने का आदेश दे दिया।
मूलरूप से जींद (हरियाणा) निवासी जितेंद्र और वीरेंद्र ने शाहबेरी गांव में जेपी हाइट्स बिल्डिंग के द्वितीय तल पर 21.50 लाख रुपये में फ्लैट खरीदा था। 25 मई को फ्लैट की रजिस्ट्री करवाई थी। जबकि 27 जून को परिवार फ्लैट में शिफ्ट हुआ था। वीरेंद्र के अलावा जितेंद्र की पत्नी व बेटी भी साथ रहते हैं। वीरेंद्र व जितेंद्र ने बताया कि बड़ी मुश्किल से लोन लेकर यहां फ्लैट खरीदा था, लेकिन ऐसा नहीं सोचा था कि इसे खाली करना पड़ेगा। पिलर के बारे में बिल्डर ने बताया था कि कोई दिक्कत नहीं है। लोहे की चादर तो केवल अतिरिक्त सपोर्ट के लिए लगवाई है। दोनों भाई गाजीपुर के पॉवर प्लांट में नौकरी करते हैं। वीरेंद्र ने बताया कि दो बिल्डिंग गिरने के बाद से नींद नहीं आ रही है। इस बिल्डिंग को भी असुरक्षित करार दे दिया गया। उसके बाद से सभी परेशान है। समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें। अब प्राधिकरण ने फ्लैट खाली करने का नोटिस थमा दिया है। नोटिस पर फ्लैट खाली कर दिया गया है।
एक घंटे बाद फिर छोड़ना पड़ा मकान
वीरेंद्र व जितेंद्र ने पड़ोस के सिद्धार्थ अपार्टमेंट में किराये पर मकान लिया। शिफ्ट होने के एक घंटे बाद ही पुलिस बल पहुंचा और वहां से भी खाली करने का आदेश दे दिया। यह सुनकर परिवार दंग रह गया। वीरेंद्र ने बताया कि गांव से यहां आने का फैसला गलत लग रहा है। बिल्डर से बात करने की कोशिश कर रहे है तो उसका नंबर बंद जा रहा है।
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हेडिंग: फ्लैट खाली करने का नोटिस देख भावुक हुए जितेंद्र-वीरेंद्र
जींद निवासी हैं दोनों भाई, 27 जून को हुये थे फ्लैट में शिफ्ट
जेपी हाइट्स बिल्डिंग में 21.50 लाख रुपये में खरीदा था फ्लैट
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। जेपी हाइट्स बिल्डिंग में रहने वाला एकमात्र परिवार उस समय भावुक हो गया, जब प्राधिकरण के अफसरों ने उनको फ्लैट खाली करने का नोटिस थमाया। उनको समझ नहीं आया कि अब वो क्या करें और कहां जाएं। बाद में आसपास के लोगों ने उनको दिलासा दिया और पड़ोस की बिल्डिंग में शिफ्ट करवाया, लेकिन वहां भी चैन नहीं मिला और एक घंटे बाद ही पुलिस ने उस बिल्डिंग को भी खाली करने का आदेश दे दिया।
मूलरूप से जींद (हरियाणा) निवासी जितेंद्र और वीरेंद्र ने शाहबेरी गांव में जेपी हाइट्स बिल्डिंग के द्वितीय तल पर 21.50 लाख रुपये में फ्लैट खरीदा था। 25 मई को फ्लैट की रजिस्ट्री करवाई थी। जबकि 27 जून को परिवार फ्लैट में शिफ्ट हुआ था। वीरेंद्र के अलावा जितेंद्र की पत्नी व बेटी भी साथ रहते हैं। वीरेंद्र व जितेंद्र ने बताया कि बड़ी मुश्किल से लोन लेकर यहां फ्लैट खरीदा था, लेकिन ऐसा नहीं सोचा था कि इसे खाली करना पड़ेगा। पिलर के बारे में बिल्डर ने बताया था कि कोई दिक्कत नहीं है। लोहे की चादर तो केवल अतिरिक्त सपोर्ट के लिए लगवाई है। दोनों भाई गाजीपुर के पॉवर प्लांट में नौकरी करते हैं। वीरेंद्र ने बताया कि दो बिल्डिंग गिरने के बाद से नींद नहीं आ रही है। इस बिल्डिंग को भी असुरक्षित करार दे दिया गया। उसके बाद से सभी परेशान है। समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें। अब प्राधिकरण ने फ्लैट खाली करने का नोटिस थमा दिया है। नोटिस पर फ्लैट खाली कर दिया गया है।
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एक घंटे बाद फिर छोड़ना पड़ा मकान
वीरेंद्र व जितेंद्र ने पड़ोस के सिद्धार्थ अपार्टमेंट में किराये पर मकान लिया। शिफ्ट होने के एक घंटे बाद ही पुलिस बल पहुंचा और वहां से भी खाली करने का आदेश दे दिया। यह सुनकर परिवार दंग रह गया। वीरेंद्र ने बताया कि गांव से यहां आने का फैसला गलत लग रहा है। बिल्डर से बात करने की कोशिश कर रहे है तो उसका नंबर बंद जा रहा है।
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