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रोनपुर गांव में पंचायत ने एक परिवार से सम्बन्ध रखने पर 2100 रुपये दण्ड करने का तुगलगी फरमान किया जारी ।
Updated Wed, 05 Dec 2018 11:27 PM IST
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रोनपुर गांव में पंचायत का तुगलकी फरमान
परिवार का हुक्का पानी किया बंद, उल्लंघन पर आर्थिक दंड
फिरोजपुर झिरका। भारत की सर्वोच्च न्यायालय भले ही खाप पंचायत और पंचायती फैसलों को नहीं मान्यता देती हो लेकिन 21वीं सदी में जिले के गांव में पंचायत ने तुगलकी फरमान जारी कर एक परिवार का हुक्का-पानी बंद करने का फैसला सुनाया है। बिरादरी फैसले का उल्लंघन करने वाले पर 2100 रुपये आर्थिक दंड भुगतने के आदेश जारी किए गए हैं।
रोनपुर(फिरोजपुर ढहर) गांव में गत 2 और 4 दिसंबर को अब्दुल मजीद की अध्यक्षता में पंचायत का आयोजन किया गया। दिनभर चली पंचायत में फैसला हुआ कि गांव में बिगड़े हालातों को सुधारने के लिए जाकिर परिवार का हुक्का पानी बंद किया जाए। पंचायत के अध्यक्ष अब्दुल मजीद के अनुसार रोनपुर गांव का कोई भी व्यक्ति अगर इस परिवार से किसी तरह का रिश्ता रखेगा या कोई भी दुकानदार इन्हें सामान देगा तो उसपर 2100 रुपये आर्थिक दंड किया जाएगा। फैसला देने वाले सदस्यों में अब्दुल मजीद, पूर्व सब इंस्पेक्टर गफूर खान, दाऊद, ईशा, नजीर, इशाक, अय्युब, जमील, शकूर, हाजी रती खान, हाजी नूर मोहम्मद, शेरू आदि के अलावा बड़ी तादाद में ग्रामीण मौजूद रहे।
इस संबंध में प्रतिबंधित जाकिर परिवार के सदस्य अनीश खान व इशाक ने कहा कि कुछ दिन पूर्व रंजिशन गांव के रहमान और उनके लड़कों ने जाकिर हुसैन का दिनदहाड़े अपहरण कर लिया था। रहमान के लड़कों के खिलाफ नगीना थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज है। उस मुकदमे में राजीनामा करने के लिए पंचायत के माध्यम से दबाव बनाया गया है। प्रतिबंधित परिवार ने बिरादरी पंचायत के फैसले को निराधार बताया है।
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किसी पंचायत को किसी के खिलाफ तुगलकी फरमान जारी करने का कानून ने कोई अधिकार नहीं दिया है। न ही कानून में पंचायती फैसले मानने की अनुमति है। यदि पंचायत के फरमान से पीड़ित परिवार पुलिस में शिकायत करता है तो कार्रवाई करने पर विचार किया जाएगा। - ब्रह्म सिंह देशवाल, डीएसपी, फिरोजपुर झिरका
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परिवार का हुक्का पानी किया बंद, उल्लंघन पर आर्थिक दंड
फिरोजपुर झिरका। भारत की सर्वोच्च न्यायालय भले ही खाप पंचायत और पंचायती फैसलों को नहीं मान्यता देती हो लेकिन 21वीं सदी में जिले के गांव में पंचायत ने तुगलकी फरमान जारी कर एक परिवार का हुक्का-पानी बंद करने का फैसला सुनाया है। बिरादरी फैसले का उल्लंघन करने वाले पर 2100 रुपये आर्थिक दंड भुगतने के आदेश जारी किए गए हैं।
रोनपुर(फिरोजपुर ढहर) गांव में गत 2 और 4 दिसंबर को अब्दुल मजीद की अध्यक्षता में पंचायत का आयोजन किया गया। दिनभर चली पंचायत में फैसला हुआ कि गांव में बिगड़े हालातों को सुधारने के लिए जाकिर परिवार का हुक्का पानी बंद किया जाए। पंचायत के अध्यक्ष अब्दुल मजीद के अनुसार रोनपुर गांव का कोई भी व्यक्ति अगर इस परिवार से किसी तरह का रिश्ता रखेगा या कोई भी दुकानदार इन्हें सामान देगा तो उसपर 2100 रुपये आर्थिक दंड किया जाएगा। फैसला देने वाले सदस्यों में अब्दुल मजीद, पूर्व सब इंस्पेक्टर गफूर खान, दाऊद, ईशा, नजीर, इशाक, अय्युब, जमील, शकूर, हाजी रती खान, हाजी नूर मोहम्मद, शेरू आदि के अलावा बड़ी तादाद में ग्रामीण मौजूद रहे।
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इस संबंध में प्रतिबंधित जाकिर परिवार के सदस्य अनीश खान व इशाक ने कहा कि कुछ दिन पूर्व रंजिशन गांव के रहमान और उनके लड़कों ने जाकिर हुसैन का दिनदहाड़े अपहरण कर लिया था। रहमान के लड़कों के खिलाफ नगीना थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज है। उस मुकदमे में राजीनामा करने के लिए पंचायत के माध्यम से दबाव बनाया गया है। प्रतिबंधित परिवार ने बिरादरी पंचायत के फैसले को निराधार बताया है।
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किसी पंचायत को किसी के खिलाफ तुगलकी फरमान जारी करने का कानून ने कोई अधिकार नहीं दिया है। न ही कानून में पंचायती फैसले मानने की अनुमति है। यदि पंचायत के फरमान से पीड़ित परिवार पुलिस में शिकायत करता है तो कार्रवाई करने पर विचार किया जाएगा। - ब्रह्म सिंह देशवाल, डीएसपी, फिरोजपुर झिरका