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अब मीटर रीडिंग में लिया जाएगा तकनीकी का सहारा
Updated Thu, 06 Dec 2018 01:08 AM IST
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मीटर रीडिंग में लेंगे
तकनीक का सहारा
- एसएमएस और ईमेल से भेजे जाएंगे बिल, 16 हजार उपभोक्ताओं को होगा फायदा
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। गलत मीटर रीडिंग से अब आपको छुटकारा मिल पाएगा। बिजली विभाग अब रीडर की बजाय तकनीक का सहारा लेकर मीटर रीडिंग कराएगा। तकनीक के सहारे आपके घर के बिजली के मीटर से विभाग अपने आप खपत का पता लगा लेगा। इसके बाद एसएमएस और ईमेल के माध्यम से बिल घर भेजा जाएगा। हालांकि इससे अभी केवल 16 हजार उपभोक्ताओं को जोड़ा जा रहा है। इन उपभोक्ताओं को एक जनवरी से ऐसे माध्यम से बिल मिलना शुरू हो जाएगा। फिलहाल केवल दो हजार उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिल रहा है।
दरअसल, आपके घर के मीटर से रीडिंग सीधे बिलिंग सर्वर में चली जाएगी। इसके बाद बिलिंग सर्वर से बिल बनाकर उपभोक्ता को ई-मेल और एसएमएस से भेजा जाएगा। अधीक्षण अभियंता एके सिंह ने बताया कि बिजली मीटर में मोडम लगा है। यह इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मीटर और सर्वर को जोड़ने का काम करेगा। यह मीटर से जुड़े होने के साथ-साथ बिलिंग कंपनी के सर्वर से भी जुड़ा होगा। महीने की आखिरी तारीख को इसके माध्यम से बिलिंग सर्वर में अपने आप उपभोक्ताओं की बिजली की खपत दर्ज हो जाएगी। इसके बाद बिलिंग सॉफ्टवेयर की मदद से बिल तैयार हो जाएगा।
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तकनीक का सहारा
- एसएमएस और ईमेल से भेजे जाएंगे बिल, 16 हजार उपभोक्ताओं को होगा फायदा
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। गलत मीटर रीडिंग से अब आपको छुटकारा मिल पाएगा। बिजली विभाग अब रीडर की बजाय तकनीक का सहारा लेकर मीटर रीडिंग कराएगा। तकनीक के सहारे आपके घर के बिजली के मीटर से विभाग अपने आप खपत का पता लगा लेगा। इसके बाद एसएमएस और ईमेल के माध्यम से बिल घर भेजा जाएगा। हालांकि इससे अभी केवल 16 हजार उपभोक्ताओं को जोड़ा जा रहा है। इन उपभोक्ताओं को एक जनवरी से ऐसे माध्यम से बिल मिलना शुरू हो जाएगा। फिलहाल केवल दो हजार उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिल रहा है।
दरअसल, आपके घर के मीटर से रीडिंग सीधे बिलिंग सर्वर में चली जाएगी। इसके बाद बिलिंग सर्वर से बिल बनाकर उपभोक्ता को ई-मेल और एसएमएस से भेजा जाएगा। अधीक्षण अभियंता एके सिंह ने बताया कि बिजली मीटर में मोडम लगा है। यह इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मीटर और सर्वर को जोड़ने का काम करेगा। यह मीटर से जुड़े होने के साथ-साथ बिलिंग कंपनी के सर्वर से भी जुड़ा होगा। महीने की आखिरी तारीख को इसके माध्यम से बिलिंग सर्वर में अपने आप उपभोक्ताओं की बिजली की खपत दर्ज हो जाएगी। इसके बाद बिलिंग सॉफ्टवेयर की मदद से बिल तैयार हो जाएगा।
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