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दक्षिण कोरियाई तकनीक से साफ होगा शहर का कूड़ा, निस्तारण के लिए प्राधिकरण ने कंपनी के साथ किया करार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Updated Wed, 11 Jul 2018 08:35 AM IST
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फाइल फोटो
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अब दक्षिण कोरियाई तकनीक से शहर का कूड़ा साफ होगा। शहर में पड़े कूड़े के निस्तारण के लिए नोएडा प्राधिकरण ने एक कंपनी के साथ मंगलवार को करार किया। टेंडर प्रक्रिया से आई इस भारतीय कंपनी का दक्षिण कोरियाई कंपनी से जुड़ाव है और यह दक्षिण कोरियाई तकनीक से यहां काम करेगी।
एसीईओ राकेश कुमार मिश्र ने बताया कि जिस कंपनी को शहर में जगह-जगह पड़े कूड़े के निस्तारण का काम सौंपा गया है, वह कंपनी भारतीय है और तमिलनाडु में इसका ऑफिस है। इसका दक्षिण कोरियाई कंपनी के साथ टाईअप है।
काफी समय से इसके लिए प्रक्रिया चल रही थी, जोकि मंगलवार को पूरी हो गई। अब कंपनी की ओर से अगले सात दिन में टीम नोएडा भेजी जाएगी। इसके बाद इसका काम शुरू हो जाएगा।
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यह टीम शहर में पड़े कूड़े का निस्तारण करेगी और बची हुई आरडीएफ को राजस्थान की सीमेंट कंपनी में भेजने का काम करेगी। कंपनी की ओर से शहर के पूरे कूड़े के निस्तारण के बाद अगले दो साल के भीतर शहर को और बेहतर बना दिया जाएगा। यही नहीं जो नया कूड़ा होगा, उसके निस्तारण की भी व्यवस्था की जाएगी।
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एसीईओ राकेश कुमार मिश्र ने बताया कि जिस कंपनी को शहर में जगह-जगह पड़े कूड़े के निस्तारण का काम सौंपा गया है, वह कंपनी भारतीय है और तमिलनाडु में इसका ऑफिस है। इसका दक्षिण कोरियाई कंपनी के साथ टाईअप है।
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काफी समय से इसके लिए प्रक्रिया चल रही थी, जोकि मंगलवार को पूरी हो गई। अब कंपनी की ओर से अगले सात दिन में टीम नोएडा भेजी जाएगी। इसके बाद इसका काम शुरू हो जाएगा।
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यह टीम शहर में पड़े कूड़े का निस्तारण करेगी और बची हुई आरडीएफ को राजस्थान की सीमेंट कंपनी में भेजने का काम करेगी। कंपनी की ओर से शहर के पूरे कूड़े के निस्तारण के बाद अगले दो साल के भीतर शहर को और बेहतर बना दिया जाएगा। यही नहीं जो नया कूड़ा होगा, उसके निस्तारण की भी व्यवस्था की जाएगी।
डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन पर खर्च होंगे 40 करोड़
नोएडा प्राधिकरण की ओर से डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए 40 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए एक एजेंसी को यह काम दिया जा रहा है। यह घरों के आगे कूड़ा रखने के लिए अलग-अलग रंगों के डब्बे देगी। इसमें गीला और सूखा कचरा रखा जाएगा।
यहां से कूड़ा उठाने के बाद पास के कांपेक्टर मशीन में कूड़े को डाला जाएगा। यह मशीन कूड़े को दबाकर ऐसा कर देती है कि तीन ट्रकों का कूड़ा एक ट्रक के बराबर हो जाए। इसके बाद इस कांपेक्टर को डंपिंग ग्राउंड ले जाया जाएगा। उस दौरान यहां दूसरा कांपेक्टर रख दिया जाएगा। ऐसे ही 40 कांपेक्टर शहर में लगेंगे।
शहर में लगेंगे प्लास्टिक एटीएम
दिल्ली की तर्ज पर नोएडा में भी प्लास्टिक एटीएम लगाने का काम प्रस्तावित है। हालांकि दूसरी जगह प्लास्टिक एटीएम में प्लास्टिक डालने पर कुछ पैसे निकलते हैं, लेकिन यहां ऐसी व्यवस्था नहीं होगी, बल्कि यहां कुछ प्वाइंट मिलेंगे, जिसे बाद में दूसरी व्यवस्था के तहत कैश कराया जाएगा। फिलहाल यह योजना पाइपलाइन में है और इसके लिए दूसरी कंपनियां नोएडा में काम शुरू करना चाहती हैं।
यहां से कूड़ा उठाने के बाद पास के कांपेक्टर मशीन में कूड़े को डाला जाएगा। यह मशीन कूड़े को दबाकर ऐसा कर देती है कि तीन ट्रकों का कूड़ा एक ट्रक के बराबर हो जाए। इसके बाद इस कांपेक्टर को डंपिंग ग्राउंड ले जाया जाएगा। उस दौरान यहां दूसरा कांपेक्टर रख दिया जाएगा। ऐसे ही 40 कांपेक्टर शहर में लगेंगे।
शहर में लगेंगे प्लास्टिक एटीएम
दिल्ली की तर्ज पर नोएडा में भी प्लास्टिक एटीएम लगाने का काम प्रस्तावित है। हालांकि दूसरी जगह प्लास्टिक एटीएम में प्लास्टिक डालने पर कुछ पैसे निकलते हैं, लेकिन यहां ऐसी व्यवस्था नहीं होगी, बल्कि यहां कुछ प्वाइंट मिलेंगे, जिसे बाद में दूसरी व्यवस्था के तहत कैश कराया जाएगा। फिलहाल यह योजना पाइपलाइन में है और इसके लिए दूसरी कंपनियां नोएडा में काम शुरू करना चाहती हैं।
एनजीओ करेगी लोगों को जागरूक
नोएडा प्राधिकरण कुछ एनजीओ के साथ करार कर रहा है। इसके तहत ऐसे एनजीओ की ओर से शहर के लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसमें गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करने के तरीकों के अलावा डब्बों में डालने के लिए जागरूक किया जाएगा। इस तरह से प्राधिकरण का काम आसान हो पाएगा।
दो अन्य टेंडर प्रक्रिया शुरू
प्राधिकरण ने दो अन्य टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। इसमें शहरों में स्वीपिंग मशीन के लिए टेंडर प्रक्रिया में है। इसके लिए कंस्ट्रक्शन वेस्ट के लिए भी टेंडर हो रहा है। प्राधिकरण के अधिकारियों की मानें तो यह सब 31 जुलाई तक फाइनल हो जाएंगे।
दो अन्य टेंडर प्रक्रिया शुरू
प्राधिकरण ने दो अन्य टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। इसमें शहरों में स्वीपिंग मशीन के लिए टेंडर प्रक्रिया में है। इसके लिए कंस्ट्रक्शन वेस्ट के लिए भी टेंडर हो रहा है। प्राधिकरण के अधिकारियों की मानें तो यह सब 31 जुलाई तक फाइनल हो जाएंगे।