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करोड़ों खर्च करके भी नोएडा नहीं बन सका 'नो पावर कट जोन', घंटाें रहती है बिजली गुल

Thu, 05 Jul 2018 05:24 PM IST
मनोज कुमार, अमर उजाला, नोएडा
मनोज कुमार, अमर उजाला, नोएडा Updated Thu, 05 Jul 2018 05:24 PM IST
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Noida could not become no power cut zone,even after spending crores
बिजली - फोटो : FILE PHOTO
प्रदेश में बिजली विभाग की ओर से सबसे अधिक राजस्व देने वाले जिले को सरकारों ने वीवीआईपी श्रेणी में तो शामिल कर दिया। मगर यहां पर सुविधाओं में बहुत ज्यादा सुधार नहीं किया जा सका।
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हर बार विभाग के अधिकारी की ओर से नोएडा को 24 घंटे बिजली देने का दावा किया गया। मगर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद आज भी नोएडा समेत पूरे जिले को लोकल फाल्ट के नाम पर कटौती झेलनी पड़ती है। आलम यह है कि शहरवासियों को रोजाना 2 से 5 घंटे बिजली की कटौती झेलनी पड़ती है।
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दरअसल, जिले के विद्युत विकास के लिए साल-2016 में दीनयाल उपाध्याय योजना के तहत 73 करोड़ रुपये खर्च किए जाने थे। इसके बाद प्राधिकरण ने करीब 50 लाख रुपये की राशि से शहर की बिजली व्यवस्था को सुधार करने और कई बिजली घरों के निर्माण के लिए करोड़ों रुपये दिए। इसके अलावा विद्युत विभाग की ओर से भी हर साल करोड़ों रुपये विकास के लिए दिए गए। 
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मगर पिछले बिजली की व्यवस्था को सुधारा जा सका है। जरा सी तेज हवा चल जाए तो नोएडा में इतने लोकल फाल्ट हो जाते हैं कि आधे से अधिक शहर की बिजली गुल हो जाती है। इसी साल की शुरुआत में विद्युत निगम को 50 से अधिक ट्रांसफार्मर और करीब 50 लाख रुपये से ढांचागत व्यवस्था को सुधारने के लिए दिए गए।

इसके अलावा विद्युत निगम की ओर से भी करोड़ों रुपये का प्रस्ताव पास करके शहर में लाइनों को बदलवाने के लिए काफी प्रयास किया गया है। मगर हल्की आंधी में ही शहर की बिजली गुल हो जाती है और कई-कई घंटे तक गायब हो जाती है।

हर बार होता है अधिकारियों का दावा फेल

Noida could not become no power cut zone,even after spending crores
हर साल बिजली विभाग के अधिकारी सर्दियों से ही गर्मियों की तैयारी शुरू कर देते हैं। मगर जैसे ही गर्मी शुरू होती है तो पूरे शहर की व्यवस्था चौपट हो जाती है। अधिकारियों की मानें तो यहां पर ओवरहेड लाइन होने के कारण उन पर पेड़ आदि टूट जाते हैं। जिससे बिजली की चिंगारी निकलती है और पूरे फीडर को प्रभावित कर देती है। जिससे अकसर कई-कई घंटे बिजली गायब हो जाती है।

लोकल फाल्ट की समस्या को करना होगा दूर
विशेषज्ञों के मुताबिक नोएडा में जब तक ऊपर से जाने वाली लाइन को अंडरग्राउंड नहीं किया जाएगा और ओवर लोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता नहीं बढ़ाई जाएगी। तब तक इसी तरह की परेशानी से लोगों को दो-चार होना पडे़गा। इसके अलावा रख रखाव पर भी विशेष जोर देना होगा साथ ही आधुनिकतम उपकरणों और तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देना होगा। 

20 साल आगे की योजना बनानी होगी निगम को
जानकारों की मानें तो बिजली विभाग और प्राधिकरण को मिलकर दो-चार साल की नहीं बल्कि आगामी 10 से 20 साल की योजना बनानी होगी। नोएडा की आबादी तेजी से बढ़ रही है। इसलिए शहर में आगामी 20 साल की सोचकर ही विद्युत व्यवस्था का ढांचा तैयार करना होगा।

15 अगस्त तक नो ट्रिपिंग जोन बनाने की तैयारी
नोएडा को 15 अगस्त से नो ट्रिपिंग और नो पावर कटजोन बनाने की तैयारी की जा रही है। सभी बिजली सबस्टेशनों पर मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जा रही है और नोएडा के सभी बिजली घरों को एक दूसरे से जोड़ा जा रहा है।- आशुतोष निरंजन, प्रबंध निदेशक यूपीपीसीएल । 
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