{"_id":"380c52f51ac33fa36fa4749c8f6875a2","slug":"no-e-rickshaw-registration-due-to-lok-sabha-election","type":"story","status":"publish","title_hn":"ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन में भी चुनावी अड़ंगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन में भी चुनावी अड़ंगा
योगेश शर्मा/ अमर उजाला, नोएडा
Updated Fri, 24 Jan 2014 09:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोएडा की सड़कों पर ई-रिक्शा की लगातार बढ़ रही तादात भले ही चिंता का विषय बन रही है, लेकिन हाल-फिलहाल यह चिंता दूर होने वाली नहीं है।
विज्ञापन
ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन की योजना में चुनावी अड़ंगा लग गया है। चुनाव बाद ही इस पर कोई निर्णय लिया जा सकेगा।
फिलहाल न तो ई-रिक्शा का ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी से रजिस्ट्रेशन होता है और न ही इन पर कोई नंबर प्लेट लगी होती है। ई-रिक्शा चलाने वाले चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं है। मोटर व्हीकल एक्ट में ई-रिक्शा के लिए अलग से कोई नियम शामिल नहीं है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: क्या ठप होने वाली है 102 एंबुलेंस सेवा?
विज्ञापन
ऐसे में सड़कों पर निर्धारित क्षमता से ज्यादा सवारियां लादकर दौड़ रहे ई-रिक्शा को नियम-कानून के दायरे में लाने के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने रजिस्ट्रेशन की योजना बनाई थी, लेकिन आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर शासन ने रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को लागू करने की योजना से हाथ खींच लिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक रजिस्ट्रेशन का नियम लागू करना तो दूर बल्कि चुनावी मौसम को ध्यान में रख एक लाख ई-रिक्शा बांटने की तैयारी की जा रही है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों की मानें तो दिल्ली में भी ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन का मामला अभी अटका हुआ है। इस नियम को लागू करने के लिए जो निर्णय वहां लिया जाएगा, उसी के आधार पर यूपी में भी ई-रिक्शा के भविष्य पर फैसला किया जाएगा।