11 साल की दुश्मनी भूल 2 खतरनाक गैंगों ने मिलाए हाथ
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क्षेत्र में खराब हो रहे माहौल से समाज के लोगों ने सबक लेते हुए पहले गैंगवार से जुड़े सभी पक्षों से बात की। इसके बाद गुर्जर समाज की ओर से समझौते का प्रस्ताव रखा गया। बीते रविवार को घंघौला गांव में पंचायत हुई। चंदी प्रधान, महेंद्र प्रधान, अजीपाल प्रधान, मौजीराम मास्टर, धीरज सिंह, ऋषि प्रमुख और विदेश भाटी ने बताया कि पंचायत में सुंदर भाटी, सिंगराज भाटी मौजूद थे।
जबकि, अनिल दुजाना, अमित कसाना, नरेश भाटी सभी पक्षों के प्रतिनिधि मौजूद थे। सभी ने आश्वासन दिया कि आगे कोई भी गैंगवार नहीं होगी। तय किया गया कि जिन मुकद्मों में सजा होनी है, उनमें गवाही सोच-समझकर देनी है। अन्य मुकदमों में समझौता कराया जाएगा। पंचायत में राजेंद्र प्रधान, होश्यिर सिंह, चंदी प्रधान, रामचंद्र वर्मा समेत क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे। पंचायत में एक 21 सदस्यीय कमेटी भी बनाई गई है।
गैंगवार को रोकने के लिए यूपी एग्रो के चेयरमैन नरेंद्र भाटी के पास क्षेत्र के लोग गए थे। नरेंद्र भाटी ने आश्वासन दिया था कि वह सबसे आगे खडे़ होकर गैंगवार को रुकवाने के लिए कदम उठाएंगे और उन्होंने पंचायत में जाकर अहम भूमिका भी निभाई।
पंचायत ने खत्म कराई रंजिश
करीब 11 साल से गैंगवार का दंश झेल रहे गौतमबुद्ध नगर में एक बार फिर गुर्जर समाज ने पंचायत करके ये लड़ाई रोकने की पहल की है। पंचायत में हर पक्ष से प्रतिनिधि बुलाए गए और उन्होंने गैंगवार न होने का आश्वासन दिया।
जिसके बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है। दोनों गैंगों में गांवों के करीब 30 युवक जुडे़ हैं, जिनका भविष्य इस पंचायत पर निर्भर करता है।
2003 में जिला पंचायत अध्यक्ष रहे नरेश भाटी और सुंदर भाटी के बीच विवाद हो गया था। जिसमें 2004 में नरेश भाटी की हत्या हो गई थी और सुंदर भाटी पर हत्या का आरोप लगा था।
जब दुश्मनी खत्म करनी चाही, तब-तब...
जिसके बाद सुंदर भाटी के भाई समेत तीन निर्दोष लोग भी गैंगवार का शिकार हुए थे। हत्या का आरोप नरेश भाटी गैंग पर लगा था। दोनों पक्षों में इलाके के गांवों के युवा जुड़ने लगे और काले धंधों में उतर गए।
लेकिन, एक-दूसरे गैंग के क्षेत्र में काम करने मतलब मौत को बुलावा देना था। ऐसा हुआ भी... खेड़ी गांव में दो परिवारों में रंजिश पनपी और ग्राम प्रधान के पति समेत दो युवकों की हत्या हो गई।
यह मामला शांत भी नहीं हुआ था कि साकीपुर के देवेंद्र की हत्या हो गई। ये युवक अलग-अलग गैंगों से जुड़े थे और एक-दूसरे के रास्ते में आ रहे थे और इसी वजह से हत्याएं हुईं। सूत्र बताते हैं कि नरेश भाटी और सुंदर भाटी गैंग से जुड़ने वाले नवयुवक जरा से इशारे पर किसी को भी मौत के घाट उतार देते हैं।