नजफगढ़ अग्निकांड: परिवार के चार लोगों की मौत को लेकर परिजनों ने जताई साजिश की आशंका, जान बूझकर किया गया ये काम
हादसे का शिकार हुई नीतू के भाई रजत सूरी ने आरोप लगाया कि जानबूझकर आग लगने के डेढ़ घंटे बाद पुलिस व दमकल विभाग को कॉल की गई। समय पर बचाव हुआ होता तो शायद उनकी बहन व जीजा का परिवार सुरक्षित होता।
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दिल्ली स्थित नजफगढ़ के मकान में आग लगने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत के मामले में नीतू के परिजनों ने हादसे के पीछे साजिश की आशंका जाहिर की है। उनका कहना है कि सारे हालात देखकर उनको सब कुछ ठीक नहीं लग रहा है। इसको लेकर उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मौखिक रूप से अपनी शिकायत दर्ज करा दी है।
हादसे का शिकार हुई नीतू के भाई रजत सूरी ने आरोप लगाया कि जानबूझकर आग लगने के डेढ़ घंटे बाद पुलिस व दमकल विभाग को कॉल की गई। समय पर बचाव हुआ होता तो शायद उनकी बहन व जीजा का परिवार सुरक्षित होता। वहीं हीरा सिंह कक्कड़ के परिजनों का कहना है कि उन्होंने परिवार को बचाने की हर संभव मदद की थी।
मामले की छानबीन कर रहे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्राइम टीम के अलावा एफएसएल ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पीएम रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है। शुरुआती जांच में हादसे के लिए किसी का कोई रोल सामने नहीं आ रहा है। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रजत सूरी ने बताया कि सीसीटीवी की जांच करने पर पता चला है कि करीब दो बजे मकान में आग लग गई थी। उसके बाद उनके भांजे 2.14 बजे बहन मेघा को कॉल कर हादसे की सूचना दी। परिवार करीब एक घंटे बाद हीरा सिंह के घर पर पहुंच गया। तब तक न तो किसी ने उनको बचाने का प्रयास किया था और न ही पुलिस को खबर दी थी।
रात करीब 3.29 बजे ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाली हीरा सिंह की मां सीता देवी ने पुलिस व दमकल विभाग को घर में आग लगने की खबर दी। इसके बाद बचाव दल वहां पहुंचा। रजत ने बताया कि यदि उनके जीजा के भाई गुरमीत व उनके बेटे चाहते तो शुरुआत में ही बचाव हो सकता था। रजत ने यहां तक आरोप लगाया कि उनके जीजा के बड़े भाई के परिवार से संबंध ठीक नहीं थे।
इन्वर्टर की बैटरी में भी हुआ ब्लास्ट...
मामले की छानबीन कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शायद ओवर चार्जिंग की वजह से बैटरी में धमाका होने के बाद इन्वर्टर में भी आग लगी थी। बैटरी में ब्लास्ट होने पर घर में रखे सोफे ने भी आग पकड़ ली। ऐसा लगता है कि सोफे में फॉम होने के कारण उसमें से निकले धुएं की वजह से सभी का दम घुट गया।
एफएसएल की टीम ने घर की बैटरी और इन्वर्टर को अपने कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू कर दी है। आग लगने की सही वजहों का लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी कब्जे में लिया है। उससे भी पड़ताल की जा रही है। हीरा सिंह के भाई गुरमीत से भी पूछताछ की जा रही है।
हादसे के बाद रजत ने अपनी बहन व जीजा को की थी सात से आठ कॉल...
रात 2.17 बजे उत्तम नगर में रहने वाली रजत की बहन मेघा ने भाई को कॉल कर हादसे की सूचना दी। फौरन रजत ने अपनी बहन को कॉल किया, लेकिन उनको फोन नहीं पिक हुआ। इसके बाद बारी-बारी से 2.25 बजे तक रजत बहन, जीजा और भांजे को कॉल करते रहे। लेकिन किसी ने भी फोन नहीं उठाया।
शायद उस समय परिवार अपनी जान बचाने के जद्दोजहद में जुटा हुआ था। हादसे के बाद पुलिस व दमकल कर्मियों ने जब गेट तोड़कर चारों को निकाला तो कमरे में बहन नीतू और जीजा हीरा सिंह का मोबाइल ठीक हालत में मिला। उनके भांजे लक्ष्य का फोन बाथरूम में खराब हालत में मिला। पुलिस ने तीनों मोबाइल को कब्जे में ले लिया है।
बचने के हर संभव किए प्रयास, पानी की टंकी मिली खाली...
हीरा सिंह के घर की जांच करने पर पुलिस को उनके घर की पानी की टंकी खाली मिली है। नीतू, लक्ष्य और रॉबिन के शव बाथरूम में मिले। उनके कपड़े भी भीगे हुए थे। आशंका व्यक्त की जा रही है कि आग लगने के बाद तीनों बाथरूम में पहुंच और उन्होंने पानी डालकर खुद को बचाने का प्रयास किया था।
लेकिन शायद उनकी टंकी का पानी खत्म हो गया जिसके बाद उन्होंने हथियार डाल दिए और मौत ने उनको अपने आगोश में ले लिया। कमरे के बाहर हीरा का शव पड़ा हुआ मिला। छानबीन के दौरान पता चला है कि चारों की मौत दम घुटने की वजह से हुई है। बाकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत की वजहों का खुलासा हो जाएगा।
यह था पूरा मामला...
द्रारका जिला के नजफगढ़ स्थित एक मकान में सोमवार देर रात को आग लग गई। हादसे के समय हीरा सिंह कक्कड़ (48) उनकी पत्नी नीतू (42), बेटा चिराग उर्फ रॉबिन (22) और लक्ष्य उर्फ कानू (21) एक ही कमरे में एसी चलाकर सो रहे थे। इस बीच घर में आग लगी और चोरों की दम घुटने से मौत हो गई।
देर रात करीब 3.29 बजे पुलिस व दमकल विभाग को सूचना मिली तो घर का दरवाजा तोड़कर चारों के शव निकाले गए। हीरा सिंह के बड़े बेटे को मानसिक बीमारी थी, वह घर से बाहर निकल जाता था। इसकी वजह से परिवार अंदर से घर का ताला लगाकर रखता था। आग की वजह इन्वर्टर में शॉर्ट सर्किट को बताया जा रहा है। पुलिस इसकी पड़ताल कर रही है।