Delhi: अध्यादेश को राज्यसभा में पेश होने से रोकने के लिए उपराष्ट्रपति को लिखा पत्र, राघव चड्ढा ने जताया विरोध
राघव चड्ढा ने उपराष्ट्रपति व सभापति जगदीप धनखड़ को पत्र लिखकर कहा है कि 19 मई को लाया गया केंद्र सरकार का अध्यादेश दिल्ली सरकार के लोकतांत्रिक और लोकप्रिय जवाबदेह मॉडल को कमजोर करने का प्रयास है।
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आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) अध्यादेश को राज्यसभा में पेश किए जाने का विरोध किया है। आप के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने उपराष्ट्रपति व सभापति जगदीप धनखड़ को पत्र लिखकर कहा है कि 19 मई को लाया गया केंद्र सरकार का अध्यादेश दिल्ली सरकार के लोकतांत्रिक और लोकप्रिय जवाबदेह मॉडल को कमजोर करने का प्रयास है।
राघव ने कहा कि 11 मई 2023 को सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से संवैधानिक आवश्यकता के रूप में सिविल सेवा के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में निर्वाचित मंत्रिपरिषद को जवाबदेह करार दिया है, लेकिन एक ही झटके में केंद्र के अध्यादेश ने इसे दिल्ली की निर्वाचित सरकार से नियंत्रण को फिर से छीनकर उपराज्यपाल के हाथों में सौंपकर इस मॉडल को रद्द कर दिया है।
अध्यादेश से साफ है कि दिल्ली सरकार को केवल उसके निर्वाचित होने तक सीमित कर लोगों के जनादेश का अनादर करना है। उन्होंने राज्यसभा के सभापति से इस विधेयक को सदन में पेश होने से रोकने, संविधान की रक्षा करने और दिल्ली में लोकतांत्रिक शासन के सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार को इसे वापस लेने का निर्देश देने का आग्रह किया है।