शार्टकट के चक्कर में 11 माह की बच्ची से हाथ धो बैठी मां
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उत्तरी दिल्ली के वजीराबाद गांव में शार्टकट के चक्कर में 11 माह के बेटे की जान चली गई। वजीराबाद से आउटर रिंग रोड जाने लिए गांव के लोग नाले पर बनी पाइप लाइन का इस्तेमाल करते हैं। दरअसल, महिला मासूम को लेकर पाइप लाइन के सहारे नाले को पार रही थी। तभी उसका संतुलन बिगड़ गया और महिला की गोद से फिलकर मासूम नाले में गिर गया।
गहरे नाले में कीचड़ होने के कारण 24 घंटे बाद भी मासूम को नहीं निकाला जा सका है। पुलिस, गोताखोरों की टीम और दमकल विभाग मासूम की तलाश में जुटी है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
पुलिस के मुताबिक पूजा नामक महिला परिवार के साथ वजीराबाद गांव में रहती है। परिवार में पति बिरजू और 11 माह का मासूम बेटा कृष्णा था। बिरजू प्राइवेट नौकरी करता है। गांव से आउटर रिंग रोड पर जाने के लिए लोगों को काफी घूमकर पुल से जाना पड़ता है। रिंग रोड और गांव के बीच नाला है, जो यमुना में गिरता है। नाले पर दिल्ली जलबोर्ड की पाइप लाइन बिछी है। लोग लबे रास्ते से बचने के लिए पाइप लाइन के सहारे गुजरते हैं।
खुद को बचाने के लिए पाइप लाइन को पकड़ा तो...
शुक्रवार शाम को पूजा बेटे को गोद में लेकर इसी रास्ते से साप्ताहिक बाजार के लिए जा रही थी। जैसे ही जल बोर्ड की पाइप से वह बीच में पहुंची अचानक पूजा का संतुलन बिगड़ गया। उसने खुद को बचाने के लिए पाइप लाइन को पकड़ा तो उसका बच्चा गोद से फिसलकर नाले में गिर गया। पूजा की चीख सुनकर लोग पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस, दमकल विभाग व गोताखोरों की टीम शनिवार देर शाम तक मासूम को नहीं ढूंढ पाई थी। फिलहाल इस संबंध में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।
परिवार ने पुलिस पर लगाया गंभीर आरोप
पुलिस ने पूजा के बयान लेकर छानबीन शुरू की। परिजनों का आरोप है कि शुक्रवार को पुलिस ने मासूम को ढूंढने का प्रयास नहीं किया। शनिवार को भी यही स्थिति रही। परिवार ने शनिवार को निजी गोताखोरों से मासूम की तलाश शुरू करवाई। उधर, पुलिस परिवार के आरोपों को निराधार बता रही है।
उसका कहना है कि हादसे के बाद से ही बच्चे की तलाश करवाई जा रही है। ग्रामीणों में घटना को लेकर रोष है। उनका कहना है कि सरकारी की ओर से नाले पर ओवर ब्रिज नहीं बनाया गया है। इसकी वजह से लोग अपनी जान जोखिम में रहे हैं। वाहन चालक को घूमकर चले जाते हैं, लेकिन पैदल जाने वाले लोग समय बचाने के लिए इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं।