Delhi: दिवाली से पहले हटाए गए मार्शल को मिलेगा वेतन, सीएम केजरीवाल ने परिवहन मंत्री को दिया आदेश
मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि जब तक बस मार्शल के रूप में होमगार्ड की नियुक्ति और तैनाती नहीं हो जाती, तब तक मौजूदा मार्शल पहले की तरह महिलाओं की सुरक्षा के लिए सेवाएं देते रहेंगे।
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दिवाली से पहले हटाए गए डीसीसी बस मार्शल को उनका बकाया वेतन जारी किया जाएगा। साथ ही होमगार्ड की नियुक्ति होने तक मार्शल पहले की तरह महिला सुरक्षा के लिए सेवाएं देते रहेंगे। इसे लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत को आदेश जारी किया है।
मुख्यमंत्री का यह निर्देश उपायुक्त संतोष कुमार राय के आदेश के एक दिन बाद आया है। संतोष कुमार राय ने अपने आदेश में कहा था कि एक नवंबर से इन सभी बस मार्शल की सेवाएं समाप्त हो गई है। इस आदेश के आते ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तुरंत प्रतिक्रिया करते हुए नया आदेश जारी किया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि जब तक बस मार्शल के रूप में होमगार्ड की नियुक्ति और तैनाती नहीं हो जाती, तब तक मौजूदा मार्शल पहले की तरह महिलाओं की सुरक्षा के लिए सेवाएं देते रहेंगे। केजरीवाल ने परिवहन मंत्री को निर्देश दिया कि होमगार्ड को बस मार्शल के रूप में तैनात किया जाए। दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता है। साथ ही दिवाली से पहले बस मार्शलों के भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाने को निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने परिवहन मंत्री को प्रधान सचिव-सह-आयुक्त परिवहन आशीष कुंद्रा व प्रधान सचिव वित्त आशीष वर्मा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया। इन अधिकारियों पर बस मार्शलों के भुगतान में देरी करने का आरोप है।
जारी हुआ मार्शल को हटाने का आदेश
राजस्व विभाग में उप-आयुक्त संतोष कुमार राय ने आदेश जारी करते हुए सभी मार्शल को हटाने का निर्देश दिया है। निर्देश में कहा गया है कि नागरिक सुरक्षा अधिनियम, 1968 और उसके तहत नियमों और विनियमों के प्रावधानों के अनुसार, नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों (सीडीवी) को केवल शत्रुतापूर्ण हमले से निपटने या आपदा प्रबंधन के लिए बुलाया जा सकता है। लेकिन इस मामले में देखा गया कि नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को ड्यूटी के लिए बुलाया जा रहा है। यह जीएनसीटीडी के विभिन्न विभाग जो नागरिक सुरक्षा अधिनियम, 1968 के प्रावधानों और उसके तहत बनाए गए नियमों और विनियमों के विपरीत हैं में सेवाएं दे रहे थे। इनकी नियुक्ति उचित प्रक्रिया का पालन करके निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से नहीं किया गया। ऐसे में यह निर्णय लिया गया है कि नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों के उपरोक्त आह्वान को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाता है। ऐसे में एक नवंबर से सभी नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों की सेवाएं समाप्त होनी चाहिए।
मार्शलों के आंदोलन को कांग्रेस का समर्थन
नई दिल्ली। राजधानी में डीटीसी व कलस्टर बसों पर तैनात 10 हजार से भी अधिक मार्शलों के आंदोलन को कांग्रेस का समर्थन मिला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरविन्दर सिंह लवली पार्टी के अन्य नेताओं के साथ उनके धरने में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मार्शलों की नौकरी बचाने के लिए सभी दलों से एक साथ आगे की अपील की। साथ ही आह्वान किया कि इस मामले में भाजपा व आम आदमी पार्टी की नीति और नियत सही है तो वह इस मुद्दे पर कांग्रेस के साथ उपराज्यपाल के पास चले।