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जिनके लिए 22 दिनों से कुछ नहीं खाया, उन्हीं ने नहीं पूछा
प्रिया गौतम/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 22 Feb 2014 04:29 PM IST
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देशभर के किसानों में एकजुटता न होने का असर साफ तौर पर देखा जा रहा है और इसी के चलते किसान सत्याग्रह में आमरण अनशन कर रहे मनवीर तेवतिया बगैर किसी आश्वासन के अपना अनशन तोड़ देंगे।
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शनिवार को भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, तेवतिया का अनशन तुड़वाने जंतर-मंतर पहुंचेंगे। जंतर-मंतर पर पिछले 22 दिनों से किसानों के लिए आवाज उठा रहे तेवतिया का किसी भी राज्य के किसानों ने साथ नहीं दिया।
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इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस दौरान जंतर-मंतर पर पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड और दक्षिण भारत के किसानों ने चार से पांच बार रैली निकालकर और धरना देकर किसानों के हक के लिए आवाज उठाई, लेकिन किसी ने तेवतिया की खबर तक नहीं ली।
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इस दौरान पंजाब के किसानों ने जंतर-मंतर पर धरना देने के बाद रैली निकाली, वहीं भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले दो बार किसान धरना दे चुके हैं। साथ दक्षिण और पूर्वी भारत के अखिल भारतीय किसान महासभा और संगठन भी धरना दे चुके हैं, लेकिन किसी ने भी मनवीर तेवतिया का हाल नहीं पूछा।
इस संबंध में तेवतिया ने कहा कि वे देशभर के किसानों से बेहद निराश हैं, उनके अनशन तोड़ने के फैसले के पीछे किसानों में आपसी फूट है, जबकि उन्होंने सभी से समर्थन की अपील की थी।