Delhi: सिसोदिया बोले- दिल्ली सरकार के रोजगार बजट में शामिल परियोजनाओं को पूरा करने का काम युद्धस्तर पर
उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार जल्द ही क्लाउड किचन पॉलिसी जारी करेगी। इसका उद्देश्य राजधानी में क्लाउड किचन के संचालन को वैध, नियमित और सुविधा प्रदान करना है।
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दिल्ली सरकार रोजगार बजट में शामिल परियोजनाओं के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है। इन परियोजनाओं में दिल्ली सरकार की क्लाउड किचन पॉलिसी, नॉन-कन्फर्मिंग इंडस्ट्रियल एरिया का पुनर्विकास, कन्फर्मिंग इंडस्ट्रियल एरिया का पुनर्विकास, इलेक्ट्रॉनिक सिटी, दिल्ली बाजार पोर्टल का विकास और स्टार्टअप पॉलिसी शामिल हैं। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को उद्योग विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की।
इस मौके पर सिसोदिया ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य रोजगार सृजन की संभावना वाली परियोजनाओं को प्राथमिकता पर लागू करना है। दिल्ली सरकार के अन्तर्गत सभी विभाग इसे सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रहे है। रोजगार बजट में दिल्ली सरकार ने विभिन्न परियोजनाओं की घोषणा की थी जो अर्थव्यवस्था के विकास को बढ़ावा दे सकती हैं और अगले पांच वर्षों में लाखों नौकरियां पैदा कर सकती है। इस दिशा में दिल्ली संवाद विकास आयोग और अन्य विभाग नीतियों और योजनाओं के निर्माण के दौरान लगातार विभिन्न स्टेकहोल्डर से बातचीत कर रहे है।
क्लाउड किचन पॉलिसी जल्द
उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार जल्द ही क्लाउड किचन पॉलिसी जारी करेगी। इसका उद्देश्य राजधानी में क्लाउड किचन के संचालन को वैध, नियमित और सुविधा प्रदान करना है। खाद्य और पेय क्षेत्र के तेजी से बढ़ते इस सेक्टर में भविष्य में रोजगार के कई अवसर सृजित करने की काफी संभावनाएं हैं। वहीं दिल्ली सरकार की स्टार्टअप नीति का उद्देश्य इनोवेशन के साथ एक ऐसा इको सिस्टम तैयार करना है जो विभिन्न स्टार्टअप को आगे बढ़ने में मदद करे। यह पॉलिसी उन युवाओं को प्रोत्साहन देगा जो दिल्ली में अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहते है। पॉलिसी का उद्देश्य 2030 तक हजारों स्टार्टअप को प्रोत्साहित, सुविधा और समर्थन देना है।
उन्होंने बताया कि दिल्ली बाजार पोर्टल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय विक्रेताओं को उनके अनूठे उत्पादों और सेवाओं के साथ दुनिया भर में एक बड़े ग्राहक आधार तक पहुंचने में मदद करना है, इससे स्थानीय विक्रेताओं को अपना ग्राहक आधार बढ़ाने में मदद मिलेगी। दिल्ली बाजार प्लेटफॉर्म पर प्रत्येक विक्रेता का अपना स्टोरफ्रंट होगा। वहीं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार कन्फर्मिंग इंडस्ट्रियल एरिया का पुनर्विकास करेगी। झंडेवालान एफएफसी में पहली परियोजना शुरू होगी।