{"_id":"5bd0909dbdec22697652a766","slug":"making-video-of-court-proceedings-proved-dangerous-to-a-inspector","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोर्ट में वीडियो बनाना इंस्पेक्टर को पड़ा भारी, बन गया अदालत की अवमानना का मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोर्ट में वीडियो बनाना इंस्पेक्टर को पड़ा भारी, बन गया अदालत की अवमानना का मामला
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Wed, 24 Oct 2018 09:02 PM IST
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Rohini Court
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अदालत की कार्यवाही का मोबाइल पर वीडियो बनाना दिल्ली पुलिस के एक इंस्पेक्टर को भारी पड़ गया। अदालत ने अब इस इंस्पेक्टर पर अदालती अवमानना की कार्रवाई का आग्रह हाई कोर्ट से किया है। मामला दिल्ली की रोहिणी जिला अदालत का है।
रोहिणी जिला अदालत की अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी एकता गॉबा हत्या के मुकदमे में थाना मौर्य एंक्लेव पुलिस की अर्जी पर सुनवाई कर रही थीं। उस समय आरोपी फिरोज, उसकी वकील डेजी रेखा, थाना प्रभारी मौर्य एंक्लेव रणजय अतरिशिया व इंस्पेक्टर दीपक मलिक मौजूद थे।
आरोपी जब कोर्ट के सामने बयान दर्ज कराने लगा तो इंस्पेक्टर दीपक मलिक चोरी से अपने मोबाइल पर वीडियो रिकार्डिंग करने लगे। जब इसका भेद खुला तो कोर्ट में हंगामा मच गया।
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कोर्ट के पूछताछ करने पर दीपक वीडियो रिकार्डिंग की बात से मुकर गया। कंप्यूटर विभाग के स्टाफ से उसका मोबाइल खुलवाया तो उसमें एक वीडियो अदालती कार्यवाही की रिकार्डिंग का मिला। इसके बाद दीपक ने कहा कि यह वीडियो अपने आप रिकार्ड हो गया है।
पुलिस इंस्पेक्टर के इस आचरण पर बचाव पक्ष की अधिवक्ता डेजी रेखा ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि इंस्पेक्टर दीपक को कानून के साथ अदालत पर भी भरोसा नहीं है। उसका आचरण अदालत की अवमानना है इसलिए कार्रवाई होनी चाहिए।
अदालत ने इसके बाद आरोपी का बयान, इंस्पेक्टर का मोबाइल समेत हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के पास भेजने का निर्देश दे दिया।
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रोहिणी जिला अदालत की अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी एकता गॉबा हत्या के मुकदमे में थाना मौर्य एंक्लेव पुलिस की अर्जी पर सुनवाई कर रही थीं। उस समय आरोपी फिरोज, उसकी वकील डेजी रेखा, थाना प्रभारी मौर्य एंक्लेव रणजय अतरिशिया व इंस्पेक्टर दीपक मलिक मौजूद थे।
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आरोपी जब कोर्ट के सामने बयान दर्ज कराने लगा तो इंस्पेक्टर दीपक मलिक चोरी से अपने मोबाइल पर वीडियो रिकार्डिंग करने लगे। जब इसका भेद खुला तो कोर्ट में हंगामा मच गया।
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कोर्ट के पूछताछ करने पर दीपक वीडियो रिकार्डिंग की बात से मुकर गया। कंप्यूटर विभाग के स्टाफ से उसका मोबाइल खुलवाया तो उसमें एक वीडियो अदालती कार्यवाही की रिकार्डिंग का मिला। इसके बाद दीपक ने कहा कि यह वीडियो अपने आप रिकार्ड हो गया है।
पुलिस इंस्पेक्टर के इस आचरण पर बचाव पक्ष की अधिवक्ता डेजी रेखा ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि इंस्पेक्टर दीपक को कानून के साथ अदालत पर भी भरोसा नहीं है। उसका आचरण अदालत की अवमानना है इसलिए कार्रवाई होनी चाहिए।
अदालत ने इसके बाद आरोपी का बयान, इंस्पेक्टर का मोबाइल समेत हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के पास भेजने का निर्देश दे दिया।