नशे के इंजेक्शन बनाकर देशभर में करते थे सप्लाई
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दवा के बहाने नशे के इंजेक्शन बनाकर उन्हें बेचने वाले गिरोह का अपराध शाखा ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस संबंध में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इनकी पहचान ग्रेटर नोएडा निवासी सुनील शर्मा (37) और मॉडल टाउन, रोहतक, हरियाणा निवासी नरेश कुमार चिकारा (53) के रूप में हुई है।
दोनों आरोपी बिना लाइसेंस के नशे के इंजेक्शन बनाकर उन्हें मोटी कीमतों पर देश भर में बेचते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 1.50 लाख नशे के इंजेक्शन बरामद किए हैं।
पुलिस ने बरामद किए 1.40 लाख इंजेक्शन
शुरुआती जांच के बाद अपराध शाखा पुलिस को पता चला है कि बरामद इंजेक्शनों को बेहद गंभीर बीमारियों में इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि 24 अगस्त को उनकी टीम को सूचना मिली थी कि सुनील शर्मा नामक एक शख्स ने शशि गार्डन, मयूर विहार में भारी मात्रा में नशे के इंजेक्शन रखे हुए हैं।
सूचना के बाद पुलिस ने गोदाम पर छापा मारकर करीब 1.40 लाख इंजेक्शन बरामद किए। पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि वह हरियाणा के गोहाना में नरेश कुमार चिकारा नामक शख्स की फैक्टरी में इंजेक्शन बनवा रहा था।
कई सालों से कर रहे थे नशे का कारोबार
दोनों 2005 से नशे का धंधा कर रहे थे। पुलिस ने सुनील की निशानदेही पर छापा मारकर गोहाना से नरेश को गिरफ्तार कर वहां से करीब छह हजार इंजेक्शन बरामद किए।
सुनील ने पुलिस को बताया कि वह भागीरथी प्लेस में दवा की दुकान पर काम करता था। यहां से उसे नशे के इंजेक्शन की जानकारी हुई।
सुनील ने नरेश के साथ मिलकर नशे का धंधा शुरू कर दिया। यह लोग उत्तर भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में इंजेक्शन सप्लाई कर रहे थे। पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।