फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   locust attack in delhi NCR, spray of Fipronil can prevent the crops

देश की राजधानी दिल्ली पर पाकिस्तान से आई टिड्डियों का हमला, ये दवा बचा सकती है फसल और पौधे!

Sat, 27 Jun 2020 03:04 PM IST
Harendra Chaudhary अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 27 Jun 2020 03:04 PM IST
सार

  • पहले एहतियाती उपाय न अपनाने के कारण हो सकता है बड़ा नुकसान            
  • कृषि वैज्ञानिक ने कहा, जल्द करें फिप्रोनिल दवा का छिड़काव तो कम हो सकता है असर

विज्ञापन
locust attack in delhi NCR, spray of Fipronil can prevent the crops
Locoust attack delhi ncr - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

पाकिस्तान से आ रहे टिड्डी दलों ने दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर हमला बोल दिया है। शनिवार सुबह ही टिड्डी दलों के झुंड गुरुग्राम, डीएलएफ और द्वारका के इलाकों में आते हुए दिखाई पड़े। इनका आना अभी भी बना हुआ है।

विज्ञापन


अनुमान लगाया जा रहा है कि इनके झुंड की लंबाई 10 किलोमीटर तक हो सकती है। अगर इन टिड्डी दलों से नुकसान को रोकने के लिए तत्काल कोई कदम नहीं उठाए गये, तो इनसे हरियाणा से सटे दिल्ली-एनसीआर एरिया में पेड़ों और फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।

विज्ञापन


भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (पूसा) के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. संजय सिंह ने अमर उजाला को बताया कि टिड्डी दलों के हमले से पेड़-पौधों और फसलों को बचाने के लिए फिप्रोनिल दवा का तत्काल छिड़काव किया जाना चाहिए। एक मिली दवा को पांच लीटर पानी में घोल बनाकर सभी पत्तेदार भागों पर छिड़काव करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


दवा का छिड़काव करते समय कोई भी खेत या हरा क्षेत्र इससे बचना नहीं चाहिए क्योंकि अगर कुछ क्षेत्र दवा के छिड़काव से वंचित रह जाएंगे तो उस क्षेत्र में रहकर टिड्डी दलों का प्रजनन लगातार जारी रह सकता है।

इससे दवा के छिड़काव वाले क्षेत्र को भी टिड्डी दलों के नुकसान से बचाना मुश्किल हो सकता है। इसलिए इस दवा का भारी मात्रा में सरकार, किसानों और पूरे समुदाय की भागीदारी के साथ बेहद व्यापक पैमाने पर करना चाहिए। दवा के छिड़काव से कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं रहना चाहिए।

छोटे पौधों तक दवा के छिड़काव के लिए सामान्य स्प्रे मशीनों का उपयोग किया जाना चाहिए, लेकिन ज्यादा ऊंचाई के पेड़ों को इस नुकसान से बचाने के लिए सरकार ड्रोन के जरिए दवा का छिड़काव कर सकती है। सरकार को किसानों को यह सुविधा उपलब्ध करानी चाहिए।

अनुमान लगाया जा रहा है कि लगभग 10 किलोमीटर लंबा यह टिड्डी दल इसके बाद सोनीपत, पानीपत जैसे क्षेत्र से होते हुए आगे की तरफ बढ़ सकता है। अगर टिड्डी दलों के आने के पहले ही यह छिड़काव हो जाए, तो फसलों को होने वाले बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।

एक जगह दवा का छिड़काव होने के चार दिन के बाद उस एरिया में दोबारा छिड़काव होना चाहिए।

इन टिड्डी दलों का प्रजनन काल भी साथ-साथ चलता रहता है। ये क्षेत्र की हरियाली को खाते हुए आगे बढ़ती रहती हैं और साथ-साथ में प्रजनन भी करती रहती हैं। इस दौरान पुराने टिड्डियों की मौत भी होती रहती है।

यही कारण है कि अगर क्षेत्र पर छिड़काव दुबारा न हुआ तो चार-छह दिन बाद उनके अंडों से निकली टिड्डियां फिर नुकसान करने लगती हैं।

‘चूंकि ये टिड्डियां लगातार आगे बढ़ती रहती हैं, एक बार इनका दल आगे बढ़ जाता है तब दुबारा इनके पीछे आने की संभावना बहुत कम रह जाती है। लेकिन जब तक पूरा दल गुजर नहीं जाता, दवा का छिड़काव होते रहना चाहिए।

एक टिड्डी औसतन केवल छह ग्राम घास या पत्ता खा सकती है, लेकिन करोड़ों की संख्या होने के कारण बहुत कम समय में ही ये एक पूरे क्षेत्र की फसल को चट कर सकती हैं। बड़े-बड़े पेड़ भी इनकी मार की वजह से कुछ घंटों के बाद कंकाल की शक्ल में तब्दील हो सकते हैं।  


इस समय नुकसान कम

इस समय खेतों में गेहूं की फसल कट चुकी है और धान की फसल की तैयारी हो रही है। कुछ जगहों पर अगेती धान की फसलें रोपी जा चुकी हैं।

इस समय दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान जैसी एरिया में खेतों के खाली होने के कारण कृषि पर सीधे असर कम पड़ सकता है, लेकिन इसी दौरान जिन किसानों ने सब्जी या फलों की खेती कर रखी है, उनके पौधों को भारी नुकसान पहुंच सकता है।

इसलिए बिना समय गंवाए तत्काल पेड़ों पर फिप्रोनिल दवा का छिड़काव किया जाना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed