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Delhi: एलजी ने सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल, बोले- हालात हुए अराजक, जानिए क्या बोले केजरीवाल

Fri, 19 May 2023 10:52 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली Published by: Digvijay Singh Updated Fri, 19 May 2023 10:52 PM IST
सार

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच शुक्रवार का पत्राचार भी तनाव बढ़ाने वाला रहा। सप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद के सियासी हालात को उपराज्यपाल ने मुख्यमंत्री को भेजे अपने पत्र में अराजक करार दिया है।

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LG raised questions on working style of government
दिल्ली एलजी और सीएम में फिर दिखा तनाव - फोटो : अमर उजाला-फाइल फोटो

विस्तार

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच शुक्रवार का पत्राचार भी तनाव बढ़ाने वाला रहा। सप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद के सियासी हालात को उपराज्यपाल ने मुख्यमंत्री को भेजे अपने पत्र में अराजक करार दिया है। उपराज्यपाल के मुताबिक, संवैधानिक पीठ के फैसले के बाद से दिल्ली की चुनी हुई सरकार और उसके मंत्री नियमों और प्रक्रियाओं की अनदेखी करते हुए अधिकारियों को डराने व धमकाने के साथ आनन-फानन में फैसले ले रहे हैं। 

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अपने पत्र में उपराज्यपाल ने खासतौर से सेवा विभाग के मंत्री सौरभ भारद्वाज के नाम का भी जिक्र किया है। उधर, जवाबी पत्र में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि उपराज्यपाल के पत्र की भाषा लड़ाई की है। अगर सौरभ भारद्वाज ने कोई गलती है तो उनको बुलाकर उपराज्यपाल डांट सकते हैं। लेकिन वह दिल्ली वालों का काम करने की इजाजत चुनी हुई सरकार को दे दें।
 

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मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उपराज्यपाल ने लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद से दिल्ली की चुनी हुई सरकार और उसके मंत्री, खासतौर से सेवा विभाग के सौरभ भारद्वाज असंवैधानिक, बेशर्म, डराने वाले और नियमों का अनादर करने वाले कामों में उलझे हुए हैं। फैसला आने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री के साथ हुई बातचीत का जिक्र करते हुए उपराज्याल ने लिखा है कि वह फैसले का अध्ययन करने के बाद अधिकारियों से इसका अक्षरश: पालन करवाएंगे। इसके लिए उन्होंने दो से तीन दिन का वक्त देने की बात कही थी। साथ ही यह भी कहा था कि मुख्यमंत्री फोन पर उनसे बातचीत कर सकते हैं।

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उपराज्यपाल ने आगे लिखा है कि शक्तियां बढ़ने के साथ ही जिम्मेदारियों भी बढ़ जाती हैं। ऐसे में सरकार को नैतिक और संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किया जाना चाहिए। बावजूद इसके मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने अपने नाटकीय व्यवहार और पेचीदा अंदाज में न्यायालय के आदेश पर जल्दबाजी में हंगामा करना शुरू कर दिया। इसमें नियमों की भी अनदेखी की गई है। उपराज्यपाल ने यह भी कहा है कि प्रशासनिक कार्यों के लिए निर्धारित सिविल सेवा बोर्ड (सीएसबी) के लिए सर्वोच्च न्यायालय के एक केस में दिए निर्देश के तहत काम करती है। लेकिन पीठ के फैसले के बाद शासन की अराजक शैली के बारे में एलजी को लगातार ट्विटर और दूसरे माध्यमों से भी अवगत कराया जा रहा है। लगातार मीडिया का दबाव भी बनाया जा रहा है ताकि मंत्री (सेवा) की सिफारिशों को सोचे बगैर लागू कर दी जाए। इसके लिए अधिकारियों को धमकी दी गई ताकि मंत्रियों की मनमानी का साथ दें। एलजी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में सिविल बोर्ड(सीबी) के हालिया फैसले के बाद घटनाओं का जिक्र किया है।

हालिया घटनाक्रम पर एलजी ने उठाए सवाल

-पिछले एक सप्ताह के दौरान जो सामने आया इससे कहा जा सकता है कि शासन को उदासीन, संगठित और राजनीतिक कार्यपालिका की मनमानी का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
-भारत का संविधान प्रशासन को नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करने करने के लिए प्रावधानों का पालन करने के लिए बाध्य करता है। प्रावधानों के तहत अधिकारियों को अपने कर्तव्य का अधिकतम निर्वहन करना है।
-दो दशकों से सेवा अधिकारियों के साथ हुए दुर्व्यवहार को विस्तार से बताते हुए पेशेवर अनुभवों की कमी का हवाला दिया है। सेवा मंत्री सौरभ भारद्वाज द्वारा दिए गए डिक्टेशन पर अधिकारियों को हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया। दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को पद से हटाने के लिए सिविल सेवा बोर्ड के दो सदस्यों पर अनुचित प्रभाव डालने के आरोप लगाए गए हैं। यह 16 मई को स्पष्ट हो जाती है। कई बार अनुचित और अनुचित के अनुमोदन के लिए भी दबाव बनाए जाते रहे हैं।

दिल्ली वालों को उम्मीद हैं, काम करने दें उपराज्यपाल: मुख्यमंत्री

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना को पत्र लिखकर कहा कि दिल्ली वालों ने हमें काम करने के लिए बहुमत दिया है। हमें काम करने दें। अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि आज आपका पत्र मिला, इसे पढ़कर स्तब्ध हूं। इसमें जो भाषा का प्रयोग है उसे देखकर लगता है कि आप लड़ना चाहते हैं। दिल्ली के लोग कई वर्षों से न्याय की राह देख रहे थे। कई वर्षों के लम्बे संघर्ष के बाद दिल्लीवालों को माननीय सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिला है। लोगों ने आम आदमी पार्टी को प्रचंड बहुमत देकर जिताया है। हमसे दिल्लीवालों को बहुत उम्मीद हैं। हमें बहुत काम करने हैं दिल्ली को दुनिया का नंबर वन शहर बनाना है। वहीं सौरभ ने कुछ गलत कहा तो यह मैं मान ही नहीं सकता। सौरभ इतना शांत और सौम्य स्वभाव का व्यक्ति है लेकिन अगर उसने किसी को कुछ कहा भी तो वो आपका छोटा भाई है उसे बुलाकर डांट लीजिए। हमें अभी दिल्ली में बहुत ज्यादा काम करने हैं। उसके लिए सहयोग की जरूरत है।

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