Yamuna: बदली दिखाई दी यमुना की तस्वीर, कुदसिया घाट पर एलजी ने किया सफाई कार्यों का निरीक्षण
एलजी की सीधी निगरानी में यमुना की सफाई का काम जोर-शोर पर चल रहा है और 30 जून तक यमुना के बाढ़ क्षेत्रों को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त और साफ सुथरा बनाया जाएगा। यमुना की निगरानी पर एक साल तक प्रादेशिक सेना की निगरानी में रहेगी।
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उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने सोमवार आईएसबीटी, कश्मीरी गेट के पास कुदसिया घाट पर यमुना के सघन सफाई अभियान का निरीक्षण किया। घाट से कचरा हटाने के बाद अब घास उग आई है। पानी की गुणवत्ता में इतना बदलाव महसूस किया गया कि अब वहां कुछ मिनट तक खड़े रहने पर भी बदबू का अहसास नहीं होता। एलजी ने इस काम के लिए अधिकारियों की तारीफ की।
एलजी ने 16 फरवरी को इस अभियान को शुरू किया था। इस मौके पर वरिष्ठ अधिकारियों और मीडिया कर्मियों के साथ उन्होंने करीब 20 मिनट तक यमुना में नाव की सवारी कर सफाई कार्यों का निरीक्षण किया। एलजी की सीधी निगरानी में यमुना की सफाई का काम जोर-शोर पर चल रहा है और 30 जून तक यमुना के बाढ़ क्षेत्रों को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त और साफ सुथरा बनाया जाएगा। यमुना की निगरानी पर एक साल तक प्रादेशिक सेना की निगरानी में रहेगी। इस दौरान यमुना पुल से गिरने वाले कचरे को कंवेयर के जरिये यमुना से साफ किया जा रहा है।
पानी में जैसे जैसे गंदगी कम होगी और बायो ऑक्सीजन डिमांड(बीओडी)में भी सुधार होगा। पानी से कचरे की सफाई और जलकुंभी और प्लास्टिक कचरे को पूरी तरह से साफ किया जा रहा है। क्यूडसिया ड्रेन से आने वाले सीवेज के पानी को साफ करने के लिए कैना इंडिका सहित दूसरे घास के साथ साथ कृत्रिम आर्द्रभूमि प्रणाली बनाई गई है। ड्रेन के किनारों को स्थिर करने के लिए घास लगाई गई है।
नालाें के उपचार के लिए नई तकनीक
यमुना में गिरने वाले नालों के उपचार के लिए एक अभिनव ड्रेन बीओडी रिड्यूसिंग तकनीक अपनाई गई है। इसके तहत कुदसिया ड्रेन में चूने और फिटकरी के डिब्बे के रूप में उपकरण लगाए गए हैं। इसके अलावा यमुना में प्रवाहित होने वाले कचरे को रोकने के लिए जाली, फ्लोटिंग बूम और फव्वारा लगाया गया है।