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छोड़कर सारा काम, दिन भर खुलवाते हैं जाम
मनीकांत शर्मा/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Tue, 23 Feb 2016 01:49 AM IST
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गौशाला अंडरपास पर आए दिन लग रहे जाम से छुटकारा दिलाने में पुलिस भले ही फेल साबित हो रही है लेकिन 68 साल के बुजुर्ग प्रेम कुमार ने विगत एक साल से इसकी कमान संभाल ली है।
रेलवे से रिटायर प्रेम कुमार ने अंडरपास के पास ही प्लंबर की दुकान की थी, मगर एक दिन जाम में एंबुलेंस फंसी तो उसमें सवार लोगों का दर्द देखा नहीं गया। तब से वह अंडरपास पर लगने वाले ट्रैफिक जाम को सुचारु करते चले आ रहे हैं।
इस काम के लिए उन्होंने अपनी दुकान भी बंद कर दी है। 68 साल के इस बुजुर्ग का हौसला देख अब आसपास के कुछ अन्य दुकानदार भी उनके साथ जाम खुलवाते हैं।
प्रेम कुमार कैलाश नगर में ही पत्नी के साथ रहते हैं। आसपास के लोग उन्हें ‘अन्ना’ के नाम से बुलाते हैं। प्रेम कुमार ने बताया कि उनके दो बेटे हैं। एक बेटा विदेश में रहता है और दूसरा रेलवे अफसर है।
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एक दिन उनकी दुकान के सामने जाम में एंबुलेंस फंस गई। इस एंबुलेंस में दो बच्चे सवार थे। बच्चों की मां एंबुलेंस में बीमार थीं। बच्चे रो रहे थे।
ड्राइवर जाम खुलवाने के लिए दुकानदारों से कह रहा था। इस वाकये के बाद से ही उन्होंने जाम से लोगों को छुटकारा दिलाने की सोची। दुकान बंद की और जाम खुलवाने में जुट गए।
प्रेम कुमार सुबह 9 बजे, दोपहर 2 बजे और शाम को 6 बजे से जाम खुलवाने के लिए पहुंच जाते हैं। उनका कहना है कि इस समय ही ज्यादा जाम लगता है। जाम से छुटकारा दिलाने के लिए वह दो लाइनें लगवाते है।
लोगों से लाइनों में चलने और ट्रैफिक रूल्स फॉलो करने की अपील करते हैं। प्रतिदिन यहां से गुजरने वाले लोग अब स्वयं भी लाइन से ही चलने लगे हैं। इससे हजारों वाहन चालकों को रोजाना राहत मिलती है।
बता दें कि गोशाला अंडरपास शहर को विजयनगर से जोड़ने वाला रास्ता है। इस रास्ते दिल्ली से दिल्ली और नोएडा की ओर जाने वाले वाहन चालक भी गुजरते हैं।
लोगों का कहना है कि गोशाला अंडरपास पर ही चौकी होने के बावजूद पुलिसकर्मी जाम खुलवाने में कोई रूचि नहीं लेते। हां अगर कभी कोई पुलिस अधिकारी इस जाम में फंस जाए तो जरूर जाम खुलवाने के लिए मुस्तैदी दिखाते नजर आते हैं।
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रेलवे से रिटायर प्रेम कुमार ने अंडरपास के पास ही प्लंबर की दुकान की थी, मगर एक दिन जाम में एंबुलेंस फंसी तो उसमें सवार लोगों का दर्द देखा नहीं गया। तब से वह अंडरपास पर लगने वाले ट्रैफिक जाम को सुचारु करते चले आ रहे हैं।
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इस काम के लिए उन्होंने अपनी दुकान भी बंद कर दी है। 68 साल के इस बुजुर्ग का हौसला देख अब आसपास के कुछ अन्य दुकानदार भी उनके साथ जाम खुलवाते हैं।
प्रेम कुमार कैलाश नगर में ही पत्नी के साथ रहते हैं। आसपास के लोग उन्हें ‘अन्ना’ के नाम से बुलाते हैं। प्रेम कुमार ने बताया कि उनके दो बेटे हैं। एक बेटा विदेश में रहता है और दूसरा रेलवे अफसर है।
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एक दिन उनकी दुकान के सामने जाम में एंबुलेंस फंस गई। इस एंबुलेंस में दो बच्चे सवार थे। बच्चों की मां एंबुलेंस में बीमार थीं। बच्चे रो रहे थे।
ड्राइवर जाम खुलवाने के लिए दुकानदारों से कह रहा था। इस वाकये के बाद से ही उन्होंने जाम से लोगों को छुटकारा दिलाने की सोची। दुकान बंद की और जाम खुलवाने में जुट गए।
प्रेम कुमार सुबह 9 बजे, दोपहर 2 बजे और शाम को 6 बजे से जाम खुलवाने के लिए पहुंच जाते हैं। उनका कहना है कि इस समय ही ज्यादा जाम लगता है। जाम से छुटकारा दिलाने के लिए वह दो लाइनें लगवाते है।
लोगों से लाइनों में चलने और ट्रैफिक रूल्स फॉलो करने की अपील करते हैं। प्रतिदिन यहां से गुजरने वाले लोग अब स्वयं भी लाइन से ही चलने लगे हैं। इससे हजारों वाहन चालकों को रोजाना राहत मिलती है।
बता दें कि गोशाला अंडरपास शहर को विजयनगर से जोड़ने वाला रास्ता है। इस रास्ते दिल्ली से दिल्ली और नोएडा की ओर जाने वाले वाहन चालक भी गुजरते हैं।
लोगों का कहना है कि गोशाला अंडरपास पर ही चौकी होने के बावजूद पुलिसकर्मी जाम खुलवाने में कोई रूचि नहीं लेते। हां अगर कभी कोई पुलिस अधिकारी इस जाम में फंस जाए तो जरूर जाम खुलवाने के लिए मुस्तैदी दिखाते नजर आते हैं।