लोन चुकाने के लिए किडनी सरगना ने बेच दी थी खुद की ही किडनी
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किडनी रैकेट मामले में एक नया खुलासा हुआ है। सरगना टी राजकुमार राव ने लोन चुकाने के लिए खुद अपनी किडनी बेच दी थी। उसके बाद से ही वह इस धंधे में कूद पड़ा था। इसके साथ अपोलो अस्पताल के एक अन्य डॉक्टर के निजी सचिव बृजेश चौहान की भूमिका भी सामने आई है।
बृजेश ने चार किडनी ट्रांसप्लांट कराई थीं। पुलिस को उसके द्वारा कराई गई किडनी ट्रांसप्लांट की फाइलें नहीं मिली हैं। फाइलें मिलने के बाद उसे गिरफ्तार किया जा सकता है। दिल्ली पुलिस ने शनिवार को भी अपोलो अस्पताल में छापेमारी कर काफी फाइलें जब्त की हैं।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार निजी सचिव बृजेश चौहान अप्रैल, 2015 से गिरोह के सरगना टी राजकुमार राव के संपर्क में था। दोनों मिलकर किडनी ट्रांसप्लांट कराते थे।
1,60,000 रुपये में अपनी किडनी का कर दिया था सौदा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच में ये बात भी सामने आई है कि मास्टरमाइंड राजकुमार राव ने भी वर्ष 2004 में चेन्नई में अपनी किडनी मात्र 1,60,000 रुपये में बेच दी थी। उस समय उसे लोन चुकाने के लिए पैसे की जरूरत थी। किडनी ट्रांसप्लांट के दौरान अस्पताल की नर्स नयन से उसकी जान-पहचान हो गई थी और उसके बाद उससे शादी कर ली थी। पुलिस नयन की भूमिका भी जांच कर रही है।
दिल्ली पुलिस कोलकाता से दीपक को दिल्ली लेकर आ गई है। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। इसके अलावा पुलिस ने डॉ. एसके सरीन के पर्सनल स्टाफ शैलेष व आदित्य को भी रिमांड खत्म होने के बाद शनिवार को कोर्ट में पेश किया था।
पुलिस ने दोनों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। राजकुमार पुलिस रिमांड पर चल रहा है। बाकी आरोपियों को पुलिस ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।