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फॉरेंसिक जांच में घूस लेने का ऑडियो निकला सही, केजरीवाल के पूर्व प्रधान सचिव की बढ़ीं मुश्किलें

Fri, 08 Jul 2016 10:46 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 08 Jul 2016 10:46 AM IST
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kejriwal principal secretary rajendra kumar in more trouble, audio found correct in forensic report
राजेंद्र कुमार

केजरीवाल के पूर्व प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। जानकारी के अनुसार सीबीआई रेड में राजेंद्र कुमार के घर से बरामद ऑडियो सही पाया गया है।

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गौरतलब है कि ऑडियो की फॉरेंसिक जांच कराई गई थी जिसमें आरोपियों की आवाज सही पाई गई है। सीबीआई के अनुसार उक्त ऑडियो में आरोपियों की आवाज है और इसमें वो राजेंद्र कुमार की कंपनी को गलत तरीके से फायदा पहुंचाने की बात कर रहे हैं।
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गौरतलब है‌ कि राजेंद्र कुमार पर 2006 से 2014 के बीच खुद की कंपनी(एंडेवर) बनाकर उसे विभिन्न सरकारी पदों पर रहते हुए फायदा पहुंचाने का आरोप है।

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राजेंद्र कुमार हुए न‌िलंब‌ित

kejriwal principal secretary rajendra kumar in more trouble, audio found correct in forensic report
kejriwal

सीबीआई ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार को भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है। अब सरकारी नियम के मुताबिक, सरकार उन्हें निलंबित कर सकती है। इस लिहाज से राजेंद्र कुमार शायद सीबीआई की नब्ज भांपने में नाकाम रहे।

अगर वे अग्रिम जमानत ले लेते तो शायद निलंबन से बच सकते थे। किसी भी सरकारी अधिकारी को गिरफ्तारी के बाद निलंबित माना जाता है। अगर कोई अधिकारी 48 घंटे से अधिक समय तक पुलिस हिरासत में रहता है तो विभाग उसे निलंबित कर देगा।

कानूनी जानकारों के मुताबिक, आपराधिक मामले में एक बार निलंबन होने के बाद राजेंद्र कुमार की दोबारा बहाली तब ही हो सकती है जब सुप्रीम कोर्ट उन्हें बरी कर देती है। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आपराधिक मामलों में विभाग अपने अधिकारी की बहाली नहीं कर सकता। पेश मामले में, सीबीआई ने 15 दिसंबर, 2015 को राजेंद्र कुमार के कार्यालय में छापेमारी की थी।

जब तक नहीं आता हक में फैसला, नहीं होंगे बहाल

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अरविंद केजरीवाल

इस दौरान उनके घर पर भी छापेमारी की गई थी। उनके बैंक खातों को भी सील किया गया था। इसके बाद भी राजेंद्र कुमार सीबीआई की नब्ज पकड़ने में नाकाम रहे और कभी अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट में दायर नहीं की। शायद उन्हें लगता था कि सीबीआई उन्हें गिरफ्तार नहीं करेगी। 

राजेंद्र कुमार से सीबीआई लगातार पूछताछ कर रही थी। सीबीआई के बुलाने पर वे जांच में शामिल होते थे, लेकिन दूसरी ओर दिल्ली सरकार व केंद्र सरकार के बीच तल्खी बढ़ रही थी। 

कानूनी जानकारों के मुताबिक अब उन्हें अनिवार्य रूप से निलंबित कर दिया जाएगा। अपनी सेवा वापस हासिल करने के लिए उन्हें सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ेगी।

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