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Delhi: केजरीवाल सरकार जीएसटी कर प्रशासन को बनाएगी फेसलेस, राजधानी में 13.96 प्रतिशत बढ़ा जीएसटी और वैट संग्रह
Tue, 05 Mar 2024 12:37 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Tue, 05 Mar 2024 12:37 AM IST
सार
दिल्ली सरकार आईआईटी हैदराबाद के साथ मिलकर एक डेटा एनालिटिक्स और ऑटोमेशन सॉफ्टवेयर पर काम कर रही है। ये आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स के जरिये रिटर्न्स ट्रैक करने, मॉनिटरिंग करने, रिफंड प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद करेगा।
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दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
दिल्ली में व्यापारियों के लिए जल्द फेसलेस सुविधा शुरू होगी। इसकी मदद से भ्रष्टाचार कम होगा। दिल्ली सरकार जीएसटी के आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को अत्याधुनिक और पूरे जीएसटी कर प्रशासन को फेसलेस बनाने की दिशा में काम कर रही है।
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दिल्ली सरकार आईआईटी हैदराबाद के साथ मिलकर एक डेटा एनालिटिक्स और ऑटोमेशन सॉफ्टवेयर पर काम कर रही है। ये आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स के जरिये रिटर्न्स ट्रैक करने, मॉनिटरिंग करने, रिफंड प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद करेगा। इससे फाइलों का प्रोसेसिंग टाइम और गलतियां कम होंगी। इससे डिफॉल्टरों और टैक्स चोरी का पता लगाने और उनपर कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। ये पूरी प्रक्रिया सिस्टम में पारदर्शिता को भी बढ़ावा देगी, साथ ही फेसलेस होने के कारण कर प्रशासन के भ्रष्टाचार को भी खत्म करेगी।
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वित्त मंत्री आतिशी ने बजट प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्ष 2023-24 में जनवरी, 2024 तक वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और मूल्य वर्धित कर (वैट) का संग्रह पिछले वर्ष (जनवरी 2023 तक) की तुलना में 13.96 फीसदी बढ़कर 31,445 करोड़ रुपये रहा। उनका कहना है कि दिल्ली सरकार ने व्यापारियों के हित में काम किया। दिल्ली सरकार पिछले नौ साल से व्यापारियों की समस्याओं को दूर कर रही है। व्यापारियों के लिए नियमों को आसान बनाया गया। अब व्यापारियों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। उनके लिए फेसलेस सुविधा शुरू की गई है, ताकि व्यापारी घर बैठे अपने सभी काम करवा सकें। इसी कारण दिल्ली में व्यापार और टैक्स कलेक्शन में वृद्धि हुई है।
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उन्होंने बताया कि दिल्ली में कुल 7.88 लाख जीएसटी करदाता हैं। इनमें से दिल्ली सरकार के अधीन 4.82 लाख करदाता आते हैं। बाकी 3.06 लाख करदाता केंद्र सरकार के अंतर्गत आते हैं। टैक्स चोरी को रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने विशेष व्यवस्था की। सतर्कता व अन्य कोशिशों की मदद से टैक्स चोरी को रोका गया। इस साल में 167 स्पेशल ऑडिट कर कुल 5,321 करोड़ रुपये कर की कमी को पकड़ा गया। इसी ग्राउंड सतर्कता की मदद से फर्जी व्यापारियों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की गई। सतर्कता की मदद से मौके पर जाकर जांच कर कुल 2911 फर्जी फर्म को निलंबित किया। इस कार्रवाई से कुल 1,316 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी है।
शराब की गुणवत्ता पर होगा नियंत्रण
वित्त मंत्री का कहना है कि दिल्ली सरकार आबकारी राजस्व में वृद्धि और प्रभावी तरीके से उत्पाद विनियमित करने का काम कर रही है। सरकार फेसलेस प्रवर्तन और उत्पाद शुल्क खुफिया ब्यूरो को मजबूत करने सहित अन्य दिशा में काम कर रही है। इस कोशिश से शराब के अवैध कारोबार से मुक्ति मिलेगी। सरकार शहर में शराब की गुणवत्ता नियंत्रण का काम करेगी।