ठंड में बेघरों की मौत पर गरमाई केजरी सरकार, यहां पढ़े मौत के आंकड़े
ठंड के मौसम में बेघरों की मौत पर दिल्ली में सियासत तेज हो गई है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसका ठीकरा उपराज्यपाल की तरफ से नियुक्त अधिकारियों पर फोड़ा है।
वहीं, बेघरों के लिए काम करने वाले दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डुसुब) का कहना है कि दिल्ली में अभी तक ठंड से मौत का कोई मामला सामने नहीं आया है। सरकार ने सभी आश्रय स्थलों पर चाक चौबंद इंतजाम किए हैं।
दरअसल, डुसुब के चेयरमैन मुख्यमंत्री हैं। वहीं, बोर्ड के सीईओ की नियुक्ति उपराज्यपाल ने की है। सोमवार को मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया कि दिल्ली में ठंड से 44 बेघरों की मौत हो गई है। इसके लिए सीईओ को नोटिस जारी कर दिया गया है।
पिछले साल ठंड से बहुत कम मौतें हुईं थीं। लेकिन इस साल उपराज्यपाल ने एक नाकाबिल अधिकारी की नियुक्ति कर दी है। इस बारे में चुनी हुई सरकार से सलाह भी नहीं ली गई। केजरीवाल ने सवाल किया कि इस तरह सरकार कैसे चलाई जा सकती है।
'अभी तक ठंड से एक भी मौत का मामला सामने नहीं आया है'
उधर, आम आदमी पार्टी (आप) विधायक सौरभ भारद्वाज के मुताबिक, जिस अधिकारी को नियुक्त किया गया था विधानसभा की कमेटी ने उनके सर्विस रिकॉर्ड को लेकर नकारात्मक टिप्पणी की थी।
शाम होते-होते बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में अभी तक ठंड से एक भी मौत का मामला सामने नहीं आया है। आम दिनों में भी मौतें होती हैं, ऐसे में इसे ठंड से जोड़ना ठीक नहीं है।
अधिकारी ने बताया कि उनके साथ कई डिपार्टमेंट मिलकर काम करते हैं। लेकिन कहीं से इस तरह का कोई आंकड़ा नहीं मिला है। दिल्ली में बोर्ड में 261 सेंटर 24 घंटे सातों दिन काम करते हैं।
फिलहाल 13,900 लोगों को आश्रय दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि अगर किसी के पास मौत का कोई आंकड़ा है तो वह बोर्ड से साझा कर सकता है।
दिल्ली में बेघरों की मौतों का आंकड़ा
जनवरी 2018- 44
2017 2979
2016 3398
2015 3222
2014 3313
2013 2895
2012 3325
2011 3291
कपिल मिश्रा ने मांगा इस्तीफा
दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने दिल्ली में ठंड से हो रही मौतों पर मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है। कपिल मिश्रा का आरोप है कि डुसुब का सीईओ चौथे नंबर पर आता है।
बोर्ड के मुखिया खुद मुख्यमंत्री हैं, जबकि इसके उपाध्यक्ष दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन हैं। इसके अलावा विधायक अखिलेशपति त्रिपाठी को भी डुसुब की जिम्मेदारी दी गई है।
कपिल मिश्रा ने मांग की कि सीईओ को नहीं, मुख्यमंत्री व दिल्ली सरकार के मंत्री को इस लापरवाही पर इस्तीफा देना चाहिए।