Janmashtami 2020: दिल्ली में कान्हा पहनेंगे मुंबई में बनी मंगला पोशाक
- मशहूर कास्ट्यूम डिजाइनर पंकज खरबंदा ने दो महीने की मेहनत के बाद बनाया है परिधान
- मथुरा में ठाकुर जी धारण करेंगे रेशम जरदोजी, आर्टिफिशियल रत्न और मोतियों से जड़ित पुष्पवृंत
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अबकी बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर दिल्ली में कान्हा मुंबई में डिजाइन की गई पोशाक धारण करेंगे। मशहूर कास्ट्यूम डिजाइनर पंकज खरबंदा ने दो महीने की मेहनत के बाद परिधान बनाया है। वहीं मथुरा श्रीकृष्ण जन्मस्थान में ठाकुर जी शुद्ध रेशम जरदोजी, जरी, आर्टिफिशियल रत्न और मोतियों से जड़ित पुष्पवृंत पोशाक पहनेंगे।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से कई महीने पहले देश के विभिन्न हिस्सों में कन्हैया के लिए परिधान बनाने का काम शुरू हो जाता है। इस साल कोरोना महामारी के कारण यह काम कुछ प्रभावित रहा। लेकिन ठाकुर जी की पोशाक बनाने में इस साल भी कारीगरों ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।
पंजाबी बाग इस्कॉन मंदिर श्रीकृष्ण धाम के मुख्य सदस्य प्रेमांजन दास ने बताया कि मुंबई के मशहूर कास्ट्यूम डिजाइनर पंकज खरबंदा ने विशेष रेशम, शत प्रतिशत सोने की जरी, 65 प्रतिशत चांदी और 0.65 प्रतिशत शुद्ध सोने के इस्तेमाल से करीब 2 महीने में कन्हैया की पोशाक तैयार की है। राधा-कृष्ण बिरला मंदिर में कन्हैया करोल बाग की रतीराम शृंगार सदन के यहां की मशहूर पोशाक धारण करेंगे।
मथुरा-कोलकाता के कारीगर बनाते हैं पोशाक
मथुरा श्रीकृष्ण जन्मस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि हर साल ठाकुर जी की ड्रेस मथुरा और कोलकाता के कारीगर तैयार करते हैं। लेकिन इस साल कोविड-19 के खतरे के चलते केवल मथुरा के कारीगरों ने पोशाक बनाई है। पोशाक बनाने की जिम्मेदारी मुकुट वाले हेमंत और ड्रेस वाले अनिल अग्रवाल को दी गई थी। जो 2 महीने में बनकर तैयार हुई है।
राधा रानी करती हैं कान्हा का श्रृंगार
बृज में मान्यता है कि जन्माष्टमी पर स्वयं राधा रानी श्र्‘ाीजी’ कान्हा का श्रृंगार करती हैं। सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि वह जन्माष्टमी से 1 दिन पहले भगवान की पोशाक मंदिर के पुजारी को सौंपेंगे। जन्माष्टमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में भाव स्वरूप यह परिधान ठाकुर जी को पहनाया जाएगा।
मथुरा से विदेशों में जाती है पोशाक
मथुरा में लगभग सौ कारखानों में 500 परिवार पोशाक बनाने का काम करते हैं। कारीगर बंटी ने बताया कि वह 22 साल से इस काम में लगे हैं। मथुरा में बनी कन्हैया की पोशाक अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, कनाडा, नेपाल, स्विट्जरलैंड और अफ्रीका भी भेजी जाती है। यहां बनी खास पोशाक कोरा दबका (सुनहरे तार, आर्टिफिशियल पत्थर, रेशम, सितारा, मोती जड़ित) की कीमत लाखों रुपये होती है। इसके अलावा ठाकुर जी के लिए मुकुट, श्रृंगार का सामान, चूड़ियां, कुंडल आदि भी बनाए जाते हैं।
श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेगा मंदिर
इस साल कोविड-19 के खतरे के चलते श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा में अधिक भीड़भाड़ नहीं हो पाएगी। 10 अगस्त से यहां श्रद्धालुओं के आने पर रोक रहेगी।