{"_id":"59d8e14d4f1c1bdb538b6328","slug":"jindal-oil-mill-is-one-of-the-four-biggest-landmark-in-yamunapur","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानसरोवर हत्याकांड : यमुनापार के चार बड़े लैंडमार्क में से एक है जिंदल ऑयल मिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानसरोवर हत्याकांड : यमुनापार के चार बड़े लैंडमार्क में से एक है जिंदल ऑयल मिल
बयूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 07 Oct 2017 07:44 PM IST
विज्ञापन
jindal family murder
- फोटो : अमर उजाला
जिंदल परिवार स्वतंत्रता से पूर्व 1901 में खेकड़ा से शाहदरा में आया था। उस समय शाहदरा इलाका मेरठ के अधीन आता था। बड़ा घराना होने के कारण पूरे इलाके में जिंदल परिवार का नाम था। 1928 में परिवार ने एक महंगी विदेशी कार खरीदी थी, जिसे पानी के जहाज से विदेश से यहां लाया गया था। उस समय भारत में सिर्फ चार लोगों ने ही यह कार मंगाई थी। जिंदल परिवार के मुखिया की मौत के बाद उनके छह बेटों ने शुरुआत में मिलकर इंडस्ट्री लगाई। लेकिन धीरे-धीरे बाद में सभी ने अपने-अपने काम शुरू कर दिए।
विज्ञापन
शाहदरा के एक बुजुर्ग राम सहाय ने बताया कि सन 1901 में शाहदरा में आने के बाद परिवार ने 1932 में जिंदल ऑयल मिल के नाम से मिल शुरू की। जिंदल मिल पूरे इलाके के लिए लैंडमार्क बन गया। शुरुआत में बस यहां पर जिंदल मिल, राठी रहमान बिल्डिंग या रधु सिनेमा को जाना जाता था। जिंदल परिवार के छह भाइयों में दो ही बचे हैं, बाकी चार की मौत हो चुकी है। परिवार के सबसे छोटे बेटे नरेश जिंदल अपने परिवार के साथ अमरीका में शिफ्ट हो गए। वहीं शाहदरा में अब अमरनाथ जिंदल रहते हैं। बाकी चारों भाईयों के बच्चे भी यहां रहते हैं।
विज्ञापन
फिलहाल इनके परिवार के करीब 45 से अधिक सदस्य यहां रह रहे हैं। मौजूदा समय में इनका सैलो टेप, कूलर बनाने केमिकल इंडस्ट्री, टायर व अन्य कारोबार हैं। इसके अलावा पूरे इलाके में कई बड़ी प्रॉपर्टी जिनमें बैंक व दूसरे लोगों की फैक्टरी है, उनसे मोटा किराया आता है।
विज्ञापन