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गाजियाबाद में जनसुविधा केंद्रों पर मची लूट: 500 में आधार और 350 रुपये में बन रहा पहचान पत्र

Thu, 10 Dec 2020 12:17 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद Published by: प्राची प्रियम Updated Thu, 10 Dec 2020 12:17 PM IST
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Jansuvidha Kendra sting operation in Ghaziabad staffs take extra money for making Aadhar and ID cards
आधार कार्ड
गाजियाबाद जिले में जनसुविधा केंद्रों पर उगाही का खुला खेल चल रहा है। केंद्रों पर आधार कार्ड से लेकर पहचान पत्र बनवाने की सौदेबाजी कर मोटी रकम वसूली जा रही है। शासन का निर्देश है कि जनसुविधा केंद्र किसी भी तरह का आवेदन फॉर्म भरने के लिए ग्राहक से सिर्फ 15 रुपये (प्रति आवेदन) ही लिया जा सकता है, लेकिन यहां पर उससे आगे का काम चल रहा है। 
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आवेदन के बाद प्रमाण पत्र, आधार, पहचान पत्र आदि बनवाने का दबाव कर 500 रुपये तक ले लिए जाते हैं। बुधवार को अमर उजाला टीम ने स्टिंग ऑपरेशन किया तो जनसुविधा केंद्र संचालक साफ तौर पर सौदेबाजी करते हुए कैमरे में कैद हुए। यहां तक कि निर्धारित शुल्क पर कोई भी आवेदन फॉर्म ऑनलाइन भरने को तैयार नहीं हुआ।
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नियम के अनुसार आधार कार्ड निशुल्क बनाया जा रहा है और मतदाता पहचान पत्र के लिए 10 रुपये (आवेदन शुल्क के अतिरिक्त) लिए जा सकते हैं। मगर उसकी रसीद भी देनी होगी। आधार कार्ड बनवाने का अधिकार भी केंद्रों को नहीं है, लेकिन सेटिंग के खेल में सौदा कर रहे हैं। 
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इतना ही नहीं आधार कार्ड में नाम, पता एवं जन्मतिथि संशोधन से लेकर फोटो बदलने तक के 450 रुपये लिए जा रहे हैं। जबकि सरकारी शुल्क पहचान संशोधन के 50 रुपये व बायोमीट्रिक संशोधन के 100 रुपये हैं। स्टिंग में सामने आया कि कुछ बैंक में मशीन खराब बताकर पिछले दरवाजे से आधार कार्ड बनवाने का काम हो रहा है। 

जन सुविधा केंद्रों से सेटिंग कर आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। आमतौर पर आधार के लिए एक-एक महीने की वेटिंग चल रही है। अधिकतर बैंकों में एक ही दिन में महीने भर के टोकन बांट दिए जाते हैं। यह वजह है कि आम लोग जनसुविधा केंद्रों पर मोटी रकम चुकाकर आधार बनवा रहे हैं।

केस-1 मालीवाड़ा (जनसुविधा केंद्र)
रिपोर्टर : भैया पहचान पत्र बनवाना है।
केंद्र कर्मी : यह तो बीएलओ बनाएगा, हम नहीं बना सकते हैं।
रिपोर्टर: भैया आधार कार्ड कैसे बनेगा?
केंद्र कर्मी: आधार कार्ड बन जाएगा, 500 रुपये लेता है। मेरी मशीन बंद है, दूसरी मशीन चल रही है, वहां बनवा दूंगा।
रिपोर्टर : 500 रुपये तो बहुत महंगे हो गए?
केंद्र कर्मी : हां बहुत महंगे हो गए हैं।
रिपोर्टर : सरकारी रेट तो कम है?
केंद्र कर्मी : हां, सरकारी रेट तो फ्री है। बैंकों में मशीन चालू नहीं है। बैंक में तो आधार कार्ड फ्री में बन जाएगा।
रिपोर्टर: प्राइवेट में इतना महंगा क्यों?
केंद्र कर्मी : प्राइवेट नहीं, जुगाड़ से चालू होती है मशीन। पैसा जाता है इसका मोटा। कोई भी मशीन चालू नहीं है बैंक में। सबसे बड़ी यही दिक्कत है।
रिपोर्टर : तो प्राइवेट वाले कैसे सेटिंग कर लेते हैं?
केंद्र कर्मी : कर रखी होगी भैया, इतना तो मैं भी नहीं जानता।
रिपोर्टर : 500 रुपये से कम नहीं होगा क्या?
केंद्र कर्मी : नहीं, दो घंटे में नंबर आता है।
रिपोर्टर: तो आप भी नहीं बनाते हैं क्या?
केंद्र कर्मी : नहीं मेरी मशीन तो बंद पड़ी है। बहुतों की मशीन बंद पड़ी है।
रिपोर्टर : यह तो इमरजेंसी वाली व्यवस्था है?
केंद्र कर्मी : इमरजेंसी वाली कोई व्यवस्था नहीं है। दो साल तो मुझे देखते हुए हो गए। यही रेट चल रहा है। 2200 रुपये में पीछा छूटा है मेरे यहां एक आदमी का।
रिपोर्टर : 2200 रुपये में, इतना कैसे?
केंद्र कर्मी : सब कुछ गलत था उसका।
रिपोर्टर: कितने दिन में आ जाएगा आधार कार्ड?
केंद्र कर्मी : 15 दिन में बनकर आ जाता है नया।


 

केस-2 कालकागढ़ी (जनसुविधा केंद्र)

रिपोर्टर : भैया मतदाता पहचान पत्र बनवाना है?
केंद्र कर्मी : बन जाएगा भाई, एक महीना लगेगा।
रिपोर्टर: पहचान पत्र के लिए क्या-क्या चाहिए?
केंद्र कर्मी : आधार कार्ड, बैंक की पासबुक और हाई स्कूल की मार्कशीट लानी होगी।
रिपोर्टर: भाई मेरे पास आधार कार्ड तो नहीं है?
केंद्र कर्मी : कभी तो बनवाया होगा, बिना आधार के नहीं होगा। बैंक या कहीं पर उसकी कॉपी लगाई होगी। मुझे केवल आधार नंबर चाहिए।
रिपोर्टर: कितने रुपये में बन जाएगा।
केंद्र कर्मी : भाई 350 रुपये लगेंगे, इससे कम में काम नहीं हो पाएगा।
रिपोर्टर : कुछ रुपये तो कम कर लो।
केंद्र कर्मी : इसमें एक भी रुपया कम नहीं हो पाएगा, 350 रुपये में ही बनेगा।

जान लीजिए: पहला आधार और बच्चों का संशोधन नि:शुल्क
सरकारी नियम के अनुसार किसी भी व्यक्ति का पहला आधार कार्ड बनना निशुल्क है। इसके अलावा बच्चों का पहला संशोधन भी नि:शुल्क है। छोटे बच्चों का आधार कार्ड बनते समय उनका फिंगर प्रिंट नहीं लिया जाता है। माता-पिता के आधार कार्ड से जोड़कर उनका आधार बनता है। 

ऐसे में बड़ा होने पर जब उनका फिंगर प्रिंट लिया जाता है तो उसका कोई शुल्क नहीं लगता है। वहीं सामान्य श्रेणी में आधार में दो तरीके का संशोधन होता है। पहला पहचान (नाम, जन्मतिथि, पता) और दूसरा बायोमीट्रिक (फोटो, फिंगर प्रिंट, रेटिना) संशोधन किया जाता है। पहचान संशोधन का 50 रुपये और बायोमीट्रिक संशोधन का 100 रुपये शुल्क निर्धारित है।

 

इसलिए है आधार के लिए मारामारी

आधार कार्ड के लिए सबसे ज्यादा मारामारी है। उसका मुख्य कारण है कि प्रत्येक छोटी बड़ी सरकारी योजना का लाभ लेने और अन्य कार्यों के लिए आधार अनिवार्य है। बिना आधार के बैंक से लेकर पासपोर्ट बनवाने तक कोई भी सरकारी कार्य नहीं होता है। 

इसके अलावा स्कूल में प्रवेश लेने से लेकर बच्चों की छात्रवृत्ति तक में आधार सत्यापन अनिवार्य है। अगर, सत्यापन के दौरान किसी के नाम, पते, जन्मतिथि या फोटो का मिलान होना जरूरी है। ऐसे में आधार बनवाने के लिए लोगों के बीच काफी मारामारी है।

धीमी सरकारी मशीनरी से बढ़ रही दिक्कत
शासन ने आधार कार्ड बनाने के लिए बैंक और डाकघरों को अधिकृत किया है। स्थिति यह है कि एक सेंटर पर दिन में 10 से 15 ही आधार कार्ड बन पाते हैं। जबकि लोगों की संख्या बहुत ज्यादा है। इससे आधार कार्ड को लेकर 15 दिन से लेकर एक महीने तक की वेटिंग चल रही है। 

ऐसे में जरूरी काम होने पर लोगों के पास मोटी रकम देकर आधार कार्ड बनवाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता है। यहीं से कालाबाजारी भी शुरू हो जाती है। भीड़ से बचने के लिए अधिकतर बैंक और डाकघर एक ही दिन में कई दिन के टोकन बांट देते हैं। केंद्र कर्मी की बातचीत में खुलासा भी हुआ है कि कुछ सेंटर पर आम लोगों के लिए मशीन खराब है, जबकि पीछे के दरवाजे से आधार कार्ड बन रहे हैं।

सरकार की तरफ से आवेदन शुल्क 15 रुपये प्रति आवेदन निर्धारित किया हुआ है। सरकार ने दो एजेंसियां भी नामित की हैं। अगर कोई इससे ऊपर ले रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हमारी तरफ से भी समय-समय पर इसकी जांच की जाती है।
-यशवर्धन श्रीवास्तव, एडीएम वित्त एवं राजस्व, नोडल ऑफिसर
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