सीलमपुर हिंसा मामले में आठ लोग गिरफ्तार, पुलिस ने किया फ्लैग मार्च
जामिया के बाद दिल्ली का उत्तर पूर्वी इलाका मंगलवार दोपहर को सुलग उठा। सीलमपुर और जाफराबाद इलाके में दोपहर को नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन के लिए एकत्रित हुई भीड़ उग्र हो गई और देखते ही देखते प्रदर्शन हिंसा में तब्दील हो गया। नकाबपोश प्रदर्शनकारियों ने डीटीसी की कलस्टर बस और दिल्ली पुलिस के वज्र वाहन की तोड़फोड़ की है। वहीं दो दर्जन से ज्यादा निजी वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इस घटना में थाना सीलमपुर इलाके के एक पुलिस बूथ में भी आग लगा दी। हालांकि बुधवार को हालात सामान्य हो गए हैं और सभी मेट्रो स्टेशन खोल दिए गए हैं। वहीं दिल्ली से नोएडा आने जाने वाले कुछ रास्ते तीसरे दिन भी बंद हैं जिसके चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ दिल्ली के शाही इमाम का भी बयान आया है। जानिए आज दिल्ली में होने वाली घटनाओं की सभी अपडेट्स...
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आठ लोग गिरफ्तार
वहीं, पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के कर्मियों ने बुधवार को उत्तर पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर और जाफराबाद में फ्लैग मार्च निकाला। संशोधित नागरिकता कानून को खत्म करने की मांग को लेकर एक दिन पहले इन्हीं इलाकों में प्रदर्शन हुए थे, जिसमें बड़े पैमाने पर हिंसा देखने को मिली।
'स्थित नियंत्रण में'
उन्होंने कहा कि हम लोग फेसबुक और ट्विटर पर भी नजर बनाए हुए हैं जिससे झूठी और गलत न्यूज फैलाई गई। साथ ही हम लोग उन अकाउंट्स पर भी कार्रवाई की योजना बना रहे हैं।
Delhi Police Sources: We are taking up the matter with Facebook and Twitter regarding the accounts spreading false and fake information on social media.We are also in process of taking action on such accounts. https://t.co/0bID7bS7XZ
— ANI (@ANI) December 18, 2019
आप के छात्र नेता और कांग्रेस के पूर्व विधायक का नाम भी एफआईआर में शामिल
दिल्ली पुलिस ने रविवार को जामिया के साथ ही न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में हुई हिंसा में पर एफआईआर दर्ज कर ली है। इसमें कई नेताओं के नाम शामिल हैं। आप की छात्र की इकाई और आईसा के सदस्या का भी नाम शामिल है। इनमें आप के छात्र नेता कासिम उस्मानी और कांग्रेस के पूर्व विधायक आसिफ खान के नाम प्रमुख हैं।उत्तर-पूर्वी दिल्ली में धारा-144 लागू
दिल्ली पुलिस के संयुक्त कमिश्नर ने कहा है कि उत्तर-पूर्वी जिले में सीआरपीसी की धारा-144 लागू कर दी गई है। इसके तहत किसी भी सार्वजिनक स्थान पर चार से ज्यादा लोग इकट्ठा नहीं हो सकते, कोई प्रदर्शन नहीं कर सकते।Delhi Joint Commissioner of Police: Section-144 of the Code of Criminal Procedure (CrPC) has been imposed in North East District. #CitizenshipAmendmentAct pic.twitter.com/ACcxvEDY0t
— ANI (@ANI) December 18, 2019
Delhi: Police party carried out patrolling in Seelampur area of the city earlier this morning. A protest which was held in the area over #CitizenshipAmendmentAct yesterday, had turned violent. pic.twitter.com/ZBeuRlZuyZ
— ANI (@ANI) December 18, 2019
छह गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
#UPDATE: A total of 6 people have been arrested by Police in connection with yesterday's Seelampur violence. Raids are being conducted to apprehend some other people who have also been identified. #Delhi https://t.co/48BgdXzM3G
— ANI (@ANI) December 18, 2019
दो एफआईआर दर्ज
Delhi Police files 2 FIRs in connection with y'day's Jafrabad incident under the IPC sections for rioting&damaging public property. 5 people have been detained, their backgrounds are being checked by Police. One FIR also registered in Brijpuri under IPC sections for stone pelting
— ANI (@ANI) December 18, 2019
CAA से भारतीय मुस्लिमों का कुछ लेना-देना नहीं है- बुखारी
सैयद अहमद बुखारी ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून के तहत मुस्लिम शरणार्थी जो पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भारत आएंगे उन्हें भारतीय नागरिकता नहीं मिलेगी। इसका उन मुसलमानों से कुछ लेना-देना नहीं है जो भारत में रह रहे हैं।Shahi Imam of Delhi's Jama Masjid, Syed Ahmed Bukhari: Under Citizenship Amendment Act (CAA), the Muslim refugees who come to India from Pakistan, Afghanistan, & Bangladesh will not get Indian citizenship. It has nothing to do with the Muslims living in India. (17.12.19) https://t.co/zlOIlQXocg
— ANI (@ANI) December 18, 2019
CAA और NRC में है अंतर- बुखारी
शाही इमाम बुखारी ने ये भी कहा कि नागरिकता संशोधन कानून(CAA) और राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण(NRC) में बहुत अंतर है। एक सीएए है जो कानून बन चुका है और दूसरा एनआरसी है जिसकी सिर्फ घोषणा हुई है और वह कानून नहीं बना है।Shahi Imam of Delhi's Jama Masjid, Syed Ahmed Bukhari: There is a difference between Citizenship Amendment Act (CAA) & National Register of Citizens (NRC). One is CAA that has become a law, and the other is NRC that has only been announced, it has not become a law. (17.12.19) pic.twitter.com/Eo9bjd8YTp
— ANI (@ANI) December 18, 2019
शाही इमाम ने कहा विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार, लेकिन संयम से करें
दिल्ली में जामिया और सीलमपुर हिंसा के बाद शाही इमाम अहमद बुखारी सामने आए हैं और उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शन करना भारत के लोगों का लोकतांत्रिक अधिकार है, कोई ऐसा करने से हमें नहीं रोक सकता। हालांकि यह बहुत महत्वपूर्ण बात है कि यह प्रदर्शन नियंत्रण में किया जाए और हम अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखें ये सबसे अहम हिस्सा है।Shahi Imam of Delhi's Jama Masjid, Syed Ahmed Bukhari: To protest is the democratic right of the people of India, no one can stop us from doing it. However, it is important that it is done in control, keeping our emotions in control is the most important part. (17.12.19) pic.twitter.com/rCAIucx9F6
— ANI (@ANI) December 18, 2019