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Delhi: 45 दिन में दिल्ली की पांच झुग्गी बस्तियों का बदलेगा नक्शा, पक्के घर की ओर बढ़ेंगे लाखों परिवार
Wed, 17 Jun 2026 03:05 PM IST
Vijay Singh Pundir
आदित्य पाण्डेय, अमर उजाला, नई दिल्ली
आदित्य पाण्डेय, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vijay Singh Pundir
Updated Wed, 17 Jun 2026 03:05 PM IST
सार
केंद्रीय गृह मंत्री के साथ हुई इस मीटिंग में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली के गृह विभाग मंत्री आशीष सूद भी मौजूद रहे।
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‘जहां झुग्गी वहां मकान’ नीति-2026 को मिली मंजूरी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली की झुग्गी और जेजे क्लस्टर बस्तियों में रहने वाले लाखों परिवारों के लिए पक्के घर का रास्ता साफ हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में ‘दिल्ली स्लम एंड जेजे क्लस्टर पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति-2026’ को मंजूरी मिलने के बाद अब इसके क्रियान्वयन की तैयारी शुरू हो गई है। पहले चरण में अगले 45 दिनों के भीतर पांच जेजे क्लस्टरों के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे।
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केंद्रीय गृह मंत्री के साथ हुई इस मीटिंग में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली के गृह विभाग मंत्री आशीष सूद भी मौजूद रहे। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने बताया कि नीति को जमीन पर उतारने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और डूसिब जल्द ही पांच जेजे क्लस्टरों के लिए व्यवहारिक टेंडर जारी करेंगे। इसके बाद हर महीने कम से कम पांच ऐसी परियोजनाओं के टेंडर निकालने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि पुनर्वास प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।
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झुग्गी की जगह मिलेगा सम्मानजनक आवास
इस नीति का सबसे बड़ा उद्देश्य झुग्गी बस्तियों में रहने वाले परिवारों को बेहतर और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। सरकार का लक्ष्य है कि वर्षों से अस्थायी परिस्थितियों में रह रहे लोगों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्थायी घर मिल सकें। इससे न केवल उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा, बल्कि दिल्ली के शहरी विकास को भी नई दिशा मिलेगी।
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सिर्फ मकान नहीं, पूरी सुविधा वाला आवासीय विकास
पुनर्वास परियोजनाओं में केवल आवास उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रखा जाएगा। नए क्षेत्रों में स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, आंगनवाड़ी और अन्य जरूरी सामाजिक सुविधाओं को भी शामिल किया जाएगा। इससे पुनर्वासित परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सेवाएं उनके नए आवास के आसपास ही उपलब्ध हो सकेंगी।
‘जहां झुग्गी वहां मकान’ योजना को मिलेगी गति
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘जहां झुग्गी वहां मकान’ पहल के तहत दिल्ली की अनधिकृत झुग्गी बस्तियों को व्यवस्थित आवासीय क्षेत्रों में बदलने की योजना बनाई गई है। दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने इसे राजधानी को विकसित भारत के अनुरूप विकसित दिल्ली बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि नीति लागू होने से लाखों परिवारों को सम्मानजनक आवास, बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित भविष्य मिल सकेगा।
विकसित दिल्ली के लिए शहरी बदलाव की तैयारी
प्रशासन का मानना है कि झुग्गी पुनर्वास नीति से दिल्ली में अनियोजित बस्तियों की समस्या को दूर करने में मदद मिलेगी। योजनाबद्ध विकास के जरिए जहां जरूरतमंद परिवारों को बेहतर जीवन मिलेगा, वहीं राजधानी में आधुनिक और समावेशी शहरी ढांचे को भी बढ़ावा मिलेगा। इस नीति के लागू होने के बाद दिल्ली के शहरी विकास में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है, जिसमें आवास के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं और बेहतर जीवन स्तर को प्राथमिकता दी जाएगी।