Delhi: आईटी कंपनियां भी जीएसटी चोरी में शामिल, चार कंपनियों पर कर विभाग का कसा शिकंजा
विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा ने पिछले वित्तीय वर्ष में 184 फर्मों की जांच में सबसे ज्यादा हेराफेरी आईटी-सॉफ्टवेयर से जुड़ी कंपनियों में पकड़ी। जिन 62 फर्मों पर शिकंजा कसा गया, उनमें इस श्रेणी की महज चार कंपनियां शामिल थीं। लेकिन कर चोरी के मामले में इन चार कंपनियों ने रिकॉर्ड तोड़ दिया।
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वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) चोरी के खेल में शहर की आईटी-सॉफ्टवेयर कंपनियां भी शामिल हैं। ऐसी चार कंपनियों पर राज्य कर विभाग का शिकंजा कस चुका है, जिन्होंने बोगस फर्म बनाकर फर्जी इनवॉइस से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का अनुचित लाभ उठाया है।
विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में सबसे ज्यादा जुर्माना इन कंपनियों से वसूला है। जांच में इन कंपनियों के तार दिल्ली, गुरुग्राम और बेंगलुरु तक से जुड़े मिले हैं। ऐसे में विभाग की इंटेलिजेंस यूनिट के रडार पर अब आईटी-सॉफ्टवेयर की अन्य कंपनियां भी आ गई हैं।
विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा ने पिछले वित्तीय वर्ष में 184 फर्मों की जांच में सबसे ज्यादा हेराफेरी आईटी-सॉफ्टवेयर से जुड़ी कंपनियों में पकड़ी। जिन 62 फर्मों पर शिकंजा कसा गया, उनमें इस श्रेणी की महज चार कंपनियां शामिल थीं। लेकिन कर चोरी के मामले में इन चार कंपनियों ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। सबसे ज्यादा 11.80 करोड़ जुर्माना इन्हीं चारों कंपनियों से वसूला गया।
विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सर्विस प्रोवाइडर इन कंपनियों ने दिल्ली, गुरुग्राम और अन्य शहरों में बोगस फर्मों के नाम पर फर्जी इनवॉइस से आईटीसी क्लेम कर सरकार को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया है। जांच-पड़ताल में कई फर्म पते पर नहीं मिलीं। विभाग ने 62 फर्मों में फर्जीवाड़ा पकड़कर 35.93 करोड़ जुर्माना वसूला है।
इस तरह चल रहा कर चोरी का खेल
जीएसटी से जुड़े फ्रॉड में बिना किसी वास्तविक कारोबार के फर्जी इनवॉयस बनाकर कारोबार दिखा दिया जाता है। फर्जीवाड़ा करने वाला पहले जीएसटी के पोर्टल पर फर्जी तरीके से एक फर्म रजिस्टर्ड करता है। उसके बाद वह जो भी दस्तावेज देता है, उसमें अधिकतर फर्जी ही होते हैं। रजिस्ट्रेशन के बाद फर्म के नाम पर इनवॉइस बिल पर खरीद-फरोख्त की जाती है। जिन व्यापारियों को इन फर्जी इनवॉइस की जरूरत पड़ती है, वह दो से चार प्रतिशत की दर देकर टैक्स बचा लेते हैं। इस तरह चोरी का खेल चल रहा है।
लोहा-स्टील कारोबार में सबसे ज्यादा धांधली
पिछले साल ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें फर्जी कंपनियां बनाकर सिर्फ कागजों में कारोबार दिखाया गया। बोगस बिलों के जरिये आईटीसी का लाभ लेकर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया। इस धांधली में गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद की लोहा-स्टील कारोबार से जुड़ी सबसे ज्यादा 21 फर्म शामिल रहीं।