दनकौर में निर्वस्त्र होने वाली महिलाओं को जमानत
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दनकौर कस्बे में लूट के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर दलित परिवार द्वारा किए गए निर्वस्त्र प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार तीनों महिलाओं को बुधवार को सीजेएम कोर्ट से जमानत मिल गई।
दनकौर पुलिस ने जो धाराएं महिला और परिवार पर लगाकर रिपोर्ट दर्ज की थी उसे जांच अधिकारी ने उचित नहीं पाया। मामले की जांच दनकौर पुलिस से हटाकर ग्रेटर नोएडा थाना प्रभारी लक्ष्मी चौहान को दी गई थी।
इंस्पेक्टर ने जांच में पाया कि महिलाओं को मजबूर होकर प्रदर्शन करना पड़ा। इस दौरान उनकी ओर से न तो जानलेवा हमला हुआ और न ही लूटपाट की गई।
तीन बच्चे भी महिलाओं के जेल में ही थे।
जांच में कोई बड़ा अपराध भी नहीं पाया गया, जिसके आधार पर सेवन क्रिमिनल एक्ट लगाया था। जांच में उन पर केवल अभद्रता करने का आरोप मिला।
इस पर बुधवार को कोर्ट में पेश होने पर तीनों महिलाओं को जमानत दे दी गई। घटना के बाद से तीन बच्चे भी महिलाओं के जेल में ही थे।
वहीं, सेवन क्रिमिनल एक्ट, जानलेवा हमले और लूट के अपराध में लगाई गई धाराओं से दोनों पुरुषों को भी राहत दी गई है। दोनों आरोपियों पर महिलाओं को निर्वस्त्र करने का आरोप बनता है जिसे (आईपीसी की धारा-354 बी) के तहत जांच में शामिल रखा जाएगा।
पुलिस और उनमें हाथापाई हुई थी
7 अक्तूबर को दनकौर निवासी दलित परिवार ने लूट के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर निर्वस्त्र होकर प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान पुलिस और उनमें हाथापाई हुई थी।
दनकौर पुलिस ने तीन महिलाओं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अगले दिन राष्ट्रीय एससी-एसटी आयोग ने मामले में नोटिस जारी कर दिया था।
एसएसपी ने मंगलवार को आयोग को अपनी रिपोर्ट दी, जिस पर आयोग ने महिलाओं की रिहाई और पुलिस पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।