मरीज के पेट में छोड़ा 'मौत का सामान'
पथरी के आपरेशन के दौरान मरीज के पेट में स्टेंट (अस्थायी नलिका) छोड़ देने का मामला सामने आया है।
इस बाबत मुरादनगर की गंगा विहार कालोनी निवासी मनीष शर्मा ने सिहानी गेट थाने में तहरीर दी है, जिसमें डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। देर रात तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी।
मनीष ने बताया कि वह श्रीराम पिस्टन्स में श्रमिक है। उसके पेट में दर्द था। उसने अल्ट्रा साउंड कराया तो पता चला है कि गुर्दे में पथरी है। उसका ईएसआई कार्ड बना हुआ है।
हमेशा बना रहता है दर्द
साहिबाबाद ईएसआई अस्पताल से उसे सिहानी गेट थाना क्षेत्र के एक अस्पताल में भेजा गया, जहां 5 सितंबर 2013 को उसका आपरेशन किया गया। आपरेशन के बाद पथरी तो निकल गई, मगर दर्द बना रहा।
आपरेशन करने वाले डॉक्टर को कई बार दिखाया गया, मगर दर्द बंद नहीं हुआ। परेशान होकर उसने 4 जून 2014 को दिल्ली में आरजी स्टोन सेंटर में एक्सरे कराया तो पता चला कि आपरेशन के आठ माह बाद भी स्टेंट पेट में पड़ा है, जो सिर्फ एक-दो हफ्ते के लिए डाला जाता है।
इसी वजह से उसे दर्द की शिकायत बनी हुई है। मनीष का आरोप है कि यह डॉक्टर की लापरवाही से हुआ है, लिहाजा डॉक्टर पर कार्रवाई की जाए।